आनंद की तरफ से भड़ास4मीडिया को 11111/-

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आनंद साहूयशवंत जी, सादर नमस्कार! मैं इस पत्र के साथ एक चेक और अपनी तस्वीर मेल कर रहा हूं। आपसे बस इतनी अपेक्षा है कि इस पत्र को 11.1.11 को सुबह 11 बजकर 1 मिनट और 11 सेकंड पर अपने पोर्टल में यदि संभव हो तो स्थान देंगे। आशा है इसे पढ़कर शायद कुछ और साथी आपका कलम मजबूत करने आगे आएंगे। चूंकि, महासमुंद जिला मुख्यालय में बैंक आफ बड़ौदा का ब्रांच नहीं है। इसके चलते मुझे एक दिन पहले ही चेक काटकर अपने साथी के हाथ रायपुर भेजना पड़ा। कल भड़ास4मीडिया के खाते में रूपए जमा होने की उम्मीद है. - आनंद साहू.

देने का सुख

'देने का सुख' इस पांच अक्षर का मर्म तो दाता के मन की अनुभूति है। जैसे ढाई अक्षर के प्रेम की अनुभूति दिल वाला ही कर सकता है। ऐसा ही कुछ दान के मामले में है। मैं कोई दानदाता या पूंजीपति नहीं हूं। हां, अन्नदाता किसान का बेटा होने का गर्व है मुझे। शिक्षा-दीक्षा पूरी करने के बाद मेरा पत्रकार बनना भी महज एक संयोग है क्योंकि इस क्षेत्र से हमारे खानदान का दूर-दूर तक कोई नाता नहीं रहा है। लिखने-पढ़ने के शौक ने कलम थामने का मार्ग प्रशस्त किया। और मैं बीते 12 साल से पत्रकारिता कर रहा हूं। मेरा ऐसा मानना है कि पत्रकारिता जीविकोपार्जन का साधन मात्र नहीं होना चाहिए। ऐसा होने पर हम निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकार का दायित्व बखूबी निभा सकते हैं। पत्रकार की भूमिका समाज में प्रहरी का है। आज जब चहुंओर भ्रष्टाचार और बेईमानों का बोलबाला है, तब पत्रकारों की जिम्मेदारी और भी बढ़ी है। पहरेदार की भूमिका क्या होती है, सभी जानते हैं। मैं विचारों की उधेड़बुन में मुख्य बात से भटक रहा हूं। हम मुद्दे की बात पर आते हैं।

आज 11.1.11 है। इस शताब्दी का अनूठा संयोग। 1.1.11 से जब इस साल की शुरुआत हुई, तब मैंने अपनी हैसियत के मुताबिक इस साल यथासंभव ज्यादा से ज्यादा दान करने का संकल्प लिया। इस बीच भड़ास4मीडिया पर यशवंतजी की अपील पर नजर गई। पहले तो लगा कि 1111 रुपए देकर 1.1.11 को ही अपने संकल्प की शुरुआत करूं। फिर ठिठक गया। मुझे लगा यह राशि कम है। इतना कम देने से मुझे देने का सुख नहीं मिलेगा। मैं 11 जनवरी का बेसब्री से इंतजार करने लगा।

आज वह घड़ी भी आई। 11.1.11 को 11 बजकर 1 मिनट और 11 सेकंड में 11111 रुपए देकर अपनी अभिलाषा पूरी कर रहा हूं। यह महज एक संयोग है कि मैं इस साल के अपने संकल्प को पूरा करने की शुरुआत नंबर-1 इंडियन मीडिया न्यूज पोर्टल भड़ास4मीडिया से कर रहा हूं। तब देने का सुख की अनुभूति हो रही है। मैं तो बस यही कहूंगा कि जिसे आप अपना मानते हैं, उसे कुछ देकर देखिए निश्चय ही आप देने का सुख प्राप्त करेंगे।

आनंद साहू

पत्रकार

महासमुंद

रायपुर

छत्तीसगढ़


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