जो मुझे सही लगेगा, वो कहता करता रहूंगा : अमिताभ ठाकुर

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अमिताभ ठाकुरक्रिमिनल गवरनेंस वाले समकालीन समय में यूपी में एक अफसर जनता-जनार्दन और पढ़े-लिखों के बीच बदलाव के उम्मीद की लौ जगाए-जलाए है. वे हैं अमिताभ ठाकुर. अपने लिखे, कहे और जनपक्षधरता के कारण समाज के सभी सेक्शन में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं अमिताभ ठाकुर. और इसी कारण वे करप्ट सत्ताधारी नेताओं-अफसरों की आंखों की किरकिरी भी बने हुए हैं.

इस आईपीएस अफसर ने उन सब बातों को बहुत साफगोई से इसी भड़ास4मीडिया पर लिखा, कहा  जिसे आमतौर पर अफसर लोग बड़ी चालाकी से छुपा या दबा जाते हैं. अपने सस्पेंसन से लेकर अपने मन के अंदर चलने वाले द्वंद्व तक की बातों को समय-समय पर वे लिखते-बताते रहे, और इस प्रक्रिया में वे खुद को ज्यादा सहज और सरल बनाते रहे. सच बोलने वाले और सच को जीने वाले हर दौर में तात्कालिक तौर पर दुख उठाते हैं, प्रताड़ित किए जाते हैं, और यह सब अमिताभ के साथ भी हो रहा है. बानगी के तौर पर डेली न्यूज एक्टिविस्ट, लखनऊ में प्रकाशित एक खबर को पढ़िए जिसमें अमिताभ को लेकर चल रहे एक मामले का विस्तार से जिक्र किया गया है, क्लिक करें- ...हद कर दी, सरकार!

अमिताभ कुछ वर्षों से आईआईएम, लखनऊ में पढ़ाई कर रहे थे. कुछ दिनों पहले ही उनकी पढ़ाई पूरी हुई. वे फिर से पुलिस की नौकरी ज्वाइन कर चुके हैं. आईआईएम, लखनऊ में पढ़ाई के दौरान पढ़ाकू अमिताभ ने एक किताब भी लिख डाला जो आईआईएम में पढ़े उन लड़कों पर केंद्रित है जिन्होंने किसी की चाकरी करने की जगह खुद के विजन से नया कुछ कर डाला, रच डाला और इस तरह अपने समकालीनों को इन अनोखे युवाओं ने प्रेरित-उत्प्रेरित किया. इसी किताब के लोकार्पण समारोह में शिरकत करने के लिए अमिताभ नोएडा आए थे. अमिताभ ठाकुर से भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत की मुलाकात हुई तो दोनों ने कई मुद्दों पर बातचीत की, जिसे कैमरे में कैद कर लिया गया. अमिताभ ठाकुर ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वे सच बोलना और जो सही लगता है, उसे करना नहीं छोड़ेंगे, चाहे जो परिणाम आए. अमिताभ ठाकुर ये पूरी बातचीत वीडियो फार्मेट में है, जिसे नीचे दिए गए तस्वीर पर क्लिक करके देख-सुन सकते हैं...


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