पत्रकार दीपक के रेस्टोरेंट की कुछ तस्वीरें

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कहते हैं युवा लोग जल्दी फैसले लेते हैं और उस पर अमल कर के दिखा देते हैं. अधेड़ उम्र के लोग सोचते ज्यादा हैं, और इनके कर गुजरने की नौबत ही नहीं आती. रुटीन की लाइफ में ही सुखी-दुखी हुआ करते रहते हैं. दीपक अगर दो अखबारों में रिपोर्टरी करके ये जान चुके थे कि यहां खून दे दोगे, जान दे दोगे तब भी सुखी रहने लायक पैसे नहीं मिलेंगे और उपर से अंतरूनी राजनीति इतनी ज्यादा कि अब नौकरी गई तो तब नौकरी गई.

दीपक ने बाजारू हो चुके अखबारों के साथ पतित व पीत पत्रकारिता की जगह अपना कोई कारोबार करने का मन बनाया और इसे कर दिखाया. चूंकि मामला बिजनेस का था, इसलिए इसमें कोरी भावुकता से काम नहीं होने वाला था. सो उन्होंने कई महीनों तक हर तरह के बिजनेस को देखा, समझा और अपने बिजनेस की प्लानिंग की. अंततः दो धरातल पर आया वह कम से कम पत्रकारों को तो चकित करने वाला था. देखिए, दीपक के रेस्टोरेंट व उदघाटन की कुछ तस्वीरें...

दीपक के रेस्टोरेंट का उदघाटन

उदघाटन के मौके पर रेस्टोरेंट के एक हट में विराजे मीडिया के साथी

रेस्टोरेंट के हट और लॉन का दृश्य

दीपक अग्रवाल की एक तस्वीर

दीपक अग्रवाल फेसबुक पर भी हैं. उनसे संपर्क इस लिंक के जरिए कर सकते हैं- फेसबुक पर दीपक


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