''समलैंगिकता मानसिक बीमारी नहीं है''

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मैं नहीं समझती कि समलैंगिकता प्राकृतिक नहीं है क्योंकि जो लोग समलैंगिक हैं उनके लिए यह प्राकृतिक है और जो लोग नहीं हैं उनके लिए नहीं है। लोगों को इस संबंध में सूचना नहीं है इसलिए लोग घबराते हैं, वरना इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है। ये बातें कही नाज़ फाउंडेशन की फाउंडर एवं गे एक्टविस्ट अंजली गोपालन ने सीएनईबी के शो जनता मांगे जवाब में। इस शो में अंजली गोपालन के साथ भरत नाट्यम डांसर प्रतिभा प्रह्वाद, दिल्ली कैथोलिक चर्च के प्रवक्ता फादर डैमनिक इमैन्यूएल और मनोचिकित्सक जितेन्द्र नागपाल ने शिरकत की। शो के होस्ट हैं संपादक अनुरंजन झा।

प्रतिभा प्रह्लाद ने कहा कि अगर एक पुरुष दूसरे पुरुष से या एक महिला दूसरे महिला से प्यार करती है तो यह अप्राकृतिक बिल्कुल भी नहीं है और यह कोई जुर्म भी नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबको बराबरी का अधिकार है और एक विकासशील देश होने के नाते भारतीय समाज में भी समलैंगिकता को स्वीकार करना चाहिए। फादर डैमनिक इमैन्यूएल ने कहा कि समलैंगिकता अप्राकृतिक है। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने ही स्त्री-पुरूष को बनाया है और इनके बीच संबंधों के जरिए ही समाज आगे बढ़ता है। अगर पुरुष-पुरुष के बीच सेक्स होता है तो उससे समाज का विकास रुक जाएगा। उन्होंने कहा कि इंसान के अंगों की रचना विशेष प्रकार की होती है और ऐसे में स्त्री-पुरुष संबंधों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। इस दौरान समलैंगिकता को प्राकृतिक और अप्राकृतिक कहने को लेकर फादर डैमनिक इमैन्यूएल और अंजली नागराजन के बीच तीखी नोंकझोक भी हुई।

जितेन्द्र नागपाल ने कहा कि समलैंगिकता प्राकृतिक है और यह कोई मानसिक बीमारी नहीं है। लेकिन यह जरूर है कि होमोसेक्सुअल्स में हेट्रोसेक्सुअल्स की तुलना में मानसिक बीमारी की संभावना चारगुना ज्यादा होती है लेकिन इसकी वजह समलैंगिकता नहीं बल्कि समाज में उन्हें मान्यता नहीं मिलने की वजह से पड़ने वाला दबाव है। उन्होंने कहा कि अगर कोई लड़की किसी लड़की को पसंद करती है और उससे शादी करना चाहती है, ऐसे में यदि उसके मां-बाप परेशान होकर मेरे पास सलाह के लिए आते हैं तो मैं तो यही कहूंगा कि परिवारवाले ही बीमार हैं।

चर्चा के दौरान यह सवाल भी उठा कि क्या समलैंगिकता एड्स की बड़ी वजह है। इसपर अंजली नागराजन ने कहा कि ज्यादातर मामलों में औरतों में एड्स मर्दों से ही फैलता है फिर होमोसेक्सुअल लोगों को ही दोष क्यों दिया जाता है। उन्होंने कहा जिस देश और समाज में खुलकर इस तरह के मुद्दों पर बातें होती हैं वहां एड्स का इन्फेकशन रेट कम है। प्रतिभा प्रह्लाद ने कहा कि एड्स सभी तरह के सेक्स करने वाले लोगों में है लेकिन दोष केवल समलैंगिकों पर ही लगाया जाता है।

समलैंगिको के बीच शादी के मुद्दे पर अंजली गोपालन और प्रतिभा प्रह्लाद ने सहमति जताई तो फादर डॉमनिक इमैन्यूएल ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा कि मर्द और औरत एक दूसरे के पूरक हैं जो काम औरत कर सकती है वह मर्द नहीं और जो काम मर्द कर सकते हैं वह औरत नहीं कर सकती। लेकिन इस बात पर भी अंजली गोपालन और प्रतिभा प्रह्वाद ने कड़ा एतराज जताया। प्रोगाम में समलैंगिक द्वारा बच्चों को गोद लेने पर रिश्तों के बदले ताने-बाने पर भी बहस हुई। इस पर जितेन्द्र नागपाल ने कहा कि इस मुद्दे पर फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमें समलैंगिक अभिभावको के बच्चों के बड़े होने और उनपर पड़ने वाले असर के शोध तक इंतजार करना होगा। सीएनईबी के इस शो का प्रसारण 9 जुलाई शनिवार रात 8 बजे होगा और इसका दोबारा प्रसारण रविवार सुबह 11 बजे होगा। प्रेस रिलीज


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