भड़ासी चुटकुला (24)

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ये चुटकुला मीडिया पर नहीं है, मीडिया से संबंधित नहीं है. ''भड़ासी चुटकुला'' में अब तक मीडिया से संबंधित चुटकुले ही शामिल किए जाते रहे हैं, लेकिन आज एक नान-मीडिया जोक पब्लिश किया जा रहा है. यह चुटकुला एक मित्र ने मुझे एसएमएस किया. इतना सटीक लगा और पसंद आया कि इसे मैंने फेसबुक पर डाल दिया. फेसबुक पर मेरे दो एकाउंट हैं. एक में पांच हजार दोस्त हैं. फ्रेंड लिमिट पूरी होने से दूसरे नया एकाउंट बनाया जिसमें करीब साढ़े छह सौ दोस्त हैं.

इस चुटकुले को अपने दोनों फेसबुकी एकाउंट्स पर प्रकाशित किया. चुटकुले ने लोगों के दिल-दिमाग पर असर किया और दनादन टिप्पणियां आने लगीं. रिस्पांस गजब का रहा. यहां मैं फेसबुक के दोनों एकाउंट्स पर डाले गये चुटकुले और उन पर आई प्रतिक्रियाओं को एक साथ प्रकाशित कर रहा हूं. -यशवंत, भड़ास4मीडिया


Yashwant Singh : सोनिया के सपने में एक दिन महात्मा गांधी आए. उन्होंने मरते वक्त कांग्रेस को सौंपी गई अपनी लाठी, चश्मा, टोपी के वर्तमान स्टेटस के बारे में पूछा तो सोनिया ने बताया- टोपी राहुल गांधी के पास है, चश्मा को मनमोहन सिंह की आंख पर चढ़वा दिया है. और, रही बात लाठी की तो उसे हमने पब्लिक की गांड़ में दे रखा है!!

Syed Mazhar Husain-Journalist : bahut Sachchi baat kahi aapne
Yogesh Kumar Sheetal : फाड़ के बोलना कोई आपसे सीखे...
Bhupendra Singh katu : satya
Vishal Sharma : baat ekdam khari hai...lekin delhi-belly film se inspired hai
Santosh Tripathi : Kadwa sach hai Yashwant Bhai...
Syed Mazhar Husain-Journalist : Aapki Himmat ko Salaam Yashwant bhai
Vishal Sharma : ANNA INHI KI MEIN DENE KO TAYYAR HAIN.....SUPPORT HIM
Jitendra Singh Yadav : hahaha, very good
Ashish Awasthi : Sahi kaha Yashwant bhai !!!!!
Syed Faizur Rahman : Ek baaar phir jhut bol diya sonia ne nahi bataya gandhi ji ko yeh sab nilami ko tyaar hain ..
Shravan Kumar Shukla : क्या बात है जनाब.... हाहाहा..वास्तव में सही कहा.. अब देखिये.. वो मोहतरमा तो अमेरिका खिसक गई... कोई वरिष्ठ न मिला... जिसमे कांग्रेस पर कब्ज़े का भय हो .. इसीलिए अपने बेटे को बिरासत सौप कर गई है ......ताकि कांग्रेस जैसी भी रहे.. उसके घर में ही रहे ...
Rohit Kashyap : ha ha ha kya baat kahi hai. kahin na kahin aapne sahi kaha hai.
Vivek Choudhary : आच्छी बात है यशवंत जी, आपकी इस बात में जो आक्रोश है ...वोही आक्रोश हिन्दुस्तान के यदि ८०% युवाओं में आ जाये तो हिन्दुस्तान की तस्वीर रातों रात बदल सकती
Sandeep Mishra : apke g....d ka kaya haal hai...
Piyush Mishra : josh to bahut aati haio par kuych ho nhi sakta
Updesh Saxena : सार्वजनिक मंच पर एस तरह की भावाभिव्यक्ति उचित नहीं है दोस्त...
Awesh Tiwari : उपदेश
Awesh Tiwari : ‎Yashwant Singh shat pratishat sahmat
Updesh Saxena : Yes @Awesh.........Updesh.
Rahul Singh : super duper updesh............ hai
Awesh Tiwari : ‎@updesh गांड पर कैसा उपदेश, डंडा सभी के है भले वो राजा हो या फकीर. गांड में डंडा भावाभियक्ति नहीं है, ये हार चुके आदमी की कराह है.
Yashwant Singh : मेरे पास ये एसएमएस आया था... मुझे लगा कि ठीक ही लिखा है. इसीलिए इसको आप लोगों तक पहुंचा दिया.
Updesh Saxena : आपकी परिभाषा कुछ भी हो सकती है....मुझे जो अच्छा नहीं लगा सो कह दिया....वैसे भी मेरे शब्द इतने तीखे नहीं थे कि किसी को उनसे मिर्च का अहसास हो....
Ritesh Verma : હા હા હા હા હા. બઢ઼િયા વ્યંગ્ય હૈ ભાઈ સાહબ.
Awesh Tiwari : उपदेश भाई अन्यथा न ले, किसी को डंडा हो जाने का एहसास हो और उस एक वक्त आप उसे ये कहें कि सार्वजनिक मंच पर ऐसी भावाभियक्ति उचित नहीं है तो मिर्च तो लगेगी ही. यहाँ सार्वजनिक मंच पर जाति,धर्म और नया विषयों में जो अतिवादिता अपनाई जा रही है वो सही मायनो में सार्वजनिकता के खिलाफ है. आपकी बातें केवल उपदेश हैं, मैडम आपरेशन कराने विदेश गयी हैं और ये बता कर गयी हैं कि हिंदुस्तान के डाक्टर चूतिया हैं और यहाँ के अस्पताल बूचडखाना. देश में हर साल बुनियादी स्वास्थय सेवाओं के अभाव में लाखों महिलाओं की जान चली जाती है, हम इसे गांड में डंडा ही कहेंगे.
Awesh Tiwari : ‎Yashwant Singh जो लिखा है वो सही मायनों में बुद्धिजीवी है उसे हमारी तरफ से बधाई भिजवा दीजिए
Anil Yadav : बहुत जानदार....
Pujit Sha : Great Yash....Great!
Vineet Mishra : kya baat hai....wah wah
Shailesh Mishra : Absolutly Right Sir Ji...............
Kundan Kumar : this is called portal kranti.....nirbhik aur satik...
Shravan Kumar Shukla : क्या बात है जनाब.... हाहाहा..वास्तव में सही कहा.. अब देखिये.. वो मोहतरमा तो अमेरिका खिसक गई... कोई वरिष्ठ न मिला... जिसमे कांग्रेस पर कब्ज़े का भय हो .. इसीलिए अपने बेटे को बिरासत सौप कर गई है ......ताकि कांग्रेस जैसी भी रहे.. उसके घर में ही रहे ..
Prem Arora : gajab yashu bhai..
Amit Upadhyay : Bhaut khoob kha sir ji....
Ashok Bansal : भाई जी ,मित्रों के बीच कहे जाने वाला चुटकुला आपने जनता के बीच कह दिया.बस यही कसूर है आपका.राही मासूम रज़ा ने आधा गाँव उपन्यास में यही अपराध किया था.
Kumar Gaurav : ये डंडा कैसे निकलेगा? थोडा प्रकाश डालें .......
Kamal Kashyap : aap ko ese sabad sarvjanik roop se shoba nahi dete yashwant ji

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