बहन ने पूछा- शेहला के इतने अच्छे दोस्त थे तरुण तो अब तक दुख जताने क्‍यों नहीं आये?

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: शेहला केस में तरुण विजय का नाम आने पर संघी दबाव में आ गए सीएम- कांग्रेस का आरोप : तरुण विजय ने शेहला मसदू से दोस्ताना संबंध स्‍वीकारे : भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया का आरोप है कि शेहला मसूद मर्डर मामले में सांसद तरुण विजय का नाम आने पर आरएसएस मामले को दबाना चाहती है.

उनका कहना है कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह आरएसएस के दबाव में हैं. भूरिया के मुताबिक शेहला मसूद हत्याकांड की जांच के संबंध में वे प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से चर्चा करेंगे. उधर, शेहला की बहन ने अफसोस जताया है कि तरुण विजय शेहला की इतने अच्छे दोस्त थे लेकिन शेहला की हत्या के बाद वे दुख जताने एकबार भी नहीं आए और न ही उन्होंने कोई फोन ही किया है.

इस बीच, पुलिस ने तय किया है कि वह आरटीआई कार्यकर्ता शेहला मसूद मर्डर केस में बीजेपी सांसद तरुण विजय से पूछताछ करेगी. पूछताछ के लिए मध्य प्रदेश पुलिस दिल्ली आएगी. पुलिस को शहेला मसूद के लैपटॉप से काफी जानकारियां मिली हैं. शहेला मसूद के लैपटॉप से ही पता चला है कि उनका तरुण विजय से काफी मिलना-जुलना था. तरुण विजय ने भी यह स्वीकारा है कि उनके शेहला मसूद के साथ बेहतर संबंध थे. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस मामले में मुझे जो कुछ भी कहना होगा, मैं जांच एजेंसियों के सामने कहूंगा.

इस मामले पर अपनी सफाई देते हुए तरुण विजय ने भी कहा है कि वह शेहला को काफी अच्‍छी तरह से जानते थे, लेकिन उनकी हत्‍या के बारे में उन्‍हें कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि शेहला एक बहुत ही हिम्मती आरटीआई कार्यकर्ता थीं. वह अन्ना के आंदोलन से भी जुड़ी हुई थीं. हत्या के पहले मेरी उनसे बात हुई थी. हमारी बातचीत इंडिया अगेंस्ट करप्शन के मुद्दे पर हुई थी. मैं चाहता हूं कि शेहला के परिजनों को इंसाफ मिले. इस दुख के घड़ी में मैं शेहला के परिवार के साथ हूं. शेहला के बारे में मेरे पास जो कुछ भी जानकारी है, मैं जांच एजेंसियों को मुहैया कराऊंगा. मुझे उम्मीद है कि शेहला की हत्या में शामिल लोग जरूर पकड़े जाएंगे.

तरुण विजय ने कहा, ‘16 अगस्त को जिस दिन अन्ना हजारे को गिरफ्तार किया गया था, उस दिन भी सुबह 9.30 बजे अन्ना हजारे के आंदोलन के बारे में मेरी उससे बातचीत हुई थी.’ उन्होंने कहा, ‘मसूद की हत्या बहुत दुखद है. इससे हमें धक्का पहुंचा है. हम न्याय चाहते हैं.’ उन्होंने शेहला से निजी संबंधों पर ज्यादा कुछ बोलने से इनकार कर दिया. तरुण विजय आरएसएस के मुखपत्र पांचजन्य के संपादक भी रहे हैं.

इस मामले में बीजेपी सांसद का नाम आते ही कांग्रेस ने इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग भी शुरू कर दी है। फिलहाल आरटीआई कार्यकर्ता शहेला मसूद की हत्‍या की जांच भोपाल पुलिस कर रही है. कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी दिग्विजय सिंह ने इस मामले पर सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि हत्याकांड में बीजेपी नेता तरुण विजय के लिंक होने, न होने के अलावा भी सभी मामलों की जांच की जानी चाहिए. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'दिनदहाड़े जिस तरह से यह हत्या की गई है, वह असल में बहुत दर्दनाक है। इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की जानी चाहिए. अब जबकि तरुण विजय का नाम भी आ गया है तो चीफ मिनिस्टर को चाहिए कि वह मामले की जांच अब सीबीआई को सौंप दे.'

केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा है कि यदि राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए सीबीआई को पत्र लिखा है तो वह इसे संज्ञान में लेगी और आवश्यक कार्रवाई करेगी. चिदम्बरम ने कहा कि यह बहुत गम्भीर मामला है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता. उन्होंने कहा, ‘राज्य सरकार को इसके लिए सीबीआई को पत्र लिखना चाहिए और यदि उसने पत्र लिखा है तो सीबीआई केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के अधिकारियों से चर्चा के बाद मामले में आवश्यक कदम उठाएगी.’

इस मामले में बीजेपी के अध्यक्ष प्रभात झा ने कहा कि किसी के साथ जान पहचान होने का मतलब उसकी हत्या में हाथ होना नहीं होता।  प्रभात झा ने प्रदेश बीजेपी कार्यालय में कहा कि तरुण विजय बीजेपी के प्रवक्ता होने के साथ साथ लेखक भी हैं तथा जिनकी हत्या हुई है वह इवेंट मैनेजर भी थीं और हो सकता है कि किसी इवेंट के संबंध में उनकी तरुण विजय से बात हुई होगी। प्रभात ने कहा कि पार्टी इतनी मजबूत है कि किसी मामले में कुछ नेताओं से पूछताछ से पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

कुल मिलाकर सूचना का अधिकार कार्यकर्ता शेहला मसूद की गत दिनों हुई हत्या का मामला अब राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है. मसूद की हत्या की जांच में पुलिस को भले  ही कुछ हाथ न लगा हो लेकिन इसने सत्तारूढ़ भाजपा की मुश्किलें जरूर बढ़ा दी हैं. इस हत्याकांड को लेकर पुलिस की नजर जिन लोगों पर है, उनमें पार्टी के कई प्रमुख नेता भी शामिल हैं. पुलिस इस हत्याकांड  में अब तक 30 लोगों से पूछताछ कर चुकी है, जिनमें भाजपा विधायक ध्रुव नारायण सिंह भी शमिल हैं. सिंह ने बताया कि वह पुलिस में अपना बयान दर्ज करा चुके हैं. मध्य प्रदेश पुलिस के मुताबिक मसूद के फोन के ब्योरे से पता चला है कि उसकी 15 और 16 अगस्त को तरुण विजय से बातचीत हुई थी. 16 अगस्त को मसूद की हत्या कर दी गई थी. भोपाल क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विजय यादव ने बताया कि जिन लोगों से पूछताछ की जानी है, उसमें तरुण विजय का भी नाम है. लिहाजा पुलिस दिल्ली जाकर उनसे पूछताछ करेगी.

शेहला मसूद के पिता सुलतान मसूद अब तक चल रही जांच से संतुष्ट नहीं हैं. उनका कहना है कि वह नतीजा चाहते हैं, इनाम आदि घोषित करने से कुछ नहीं होता है. साथ ही वह भी मानते हैं कि शेहला व तरुण विजय का परिचय था. हत्या के डेढ़ घंटे पहले शेहला की तरुण विजय से मोबाइल पर करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई थी. और लोगों को पूछताछ करने के लिए पुलिस उन्हें थाने बुलाती है. तरुण विजय से पूछताछ करने पुलिस दिल्ली जाएगी. आखिर तरुण को पुलिस थाने क्यों नहीं बुलवाती?  यह कहना है शेहला मसूद के पिता मसूद सुतलान का. उन्होंने बताया कि मेरी बेटी के हत्यारों का पता देने वालों को एक लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा. लेकिन शेहला को मारने के लिए तो इससे बड़ी रकम का सौदा हुआ होगा. इससे मामला सुलझने वाला नहीं है. पुलिस की अभी तक की जांच से उन्होंने खुद को असंतुष्ट बताया.

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