फर्जी पत्रकार, दिखने में वीआईपी जैसे...

E-mail Print PDF

रेवाड़ी। प्रदेश में पिछले कई दिनों से फर्जी पत्रकारों की मानो बाढ़ आ गई है, क्योंकि हर तीसरे वाहन पर प्रेस लिखा देखा जा सकता है। इनमें कई पत्रकार तो ऐसे हैं, जो कुछ दिन किसी अखबार से जुड़ कर दूर हो गए, लेकिन वे गांवों में जा कर लोगों को डरा-धमकाकर अपने आपको किसी राष्ट्रीय अखबार का पत्रकार बताते हैं तथा उसमें खबर छापने की धमकी देकर लोगों से पैसे ऐंठ लाते हैं।

जब इस बात का पता ठगे हुए लोगों को चलता है तो ये फर्जी पत्रकार उन लोगों से बचते फिरते हैं। इन फर्जी पत्रकारों ने किसी न किसी ऐसे साप्ताहिक अखबार का पहचान पत्र बनवा रखा है जिसको कोई जानता तक नहीं। सरकारी हो या गैर-सरकारी, किसी भी विभाग में यह लोग इस कदर सूट-बूट में जाते हैं कि हर कोई इनके चंगुल में फंस जाता है, और ये लोग इन्हें अपना शिकार बनाए बगैर नहीं छोड़ते है। जैसे ही काम बन जाता है ये लोग वहां से रफू-चक्कर हो जाते है, और गलती से भी दुबारा उस जगह से नहीं गुजरते। प्रेस लिखी गाडिय़ों को देखकर पुलिस भी इन लोगों को सैल्‍यूट मारती है और असली पत्रकार से उलझ जाती है, क्योंकि इनकी चमक-दमक को देखकर पुलिस कर्मचारी भी असली और नकली की पहचान करने में चूक कर जाता है। ये फर्जी पत्रकार दिखने में वीआईपी से कम नहीं लगते, इसी बात का फायदा उठाकर ये प्रशासन की आंखों में धूल झोंक रहे है।

लेखक महेन्‍द्र भारती हरियाणा में पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं.


AddThis