कमल के परिवार ने देखा हरामखोर यूपी पुलिस का क्रूर चेहरा

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कितनी निरंकुश हो गई है उत्‍तर प्रदेश की पुलिस. आम आदमी के साथ तो बिना वजह मारपीट-गाली ग्‍लौज की घटनाएं तो अक्‍सर सुनाई देती हैं, लेकिन अब तो भक्‍त और महिलाएं भी इन हरामखोर पुलिसवालों का निशाना बनने लगी हैं. ऐसी ही एक घटना है मथुरा जिले के वृंदावन की, जहां बांके बिहारी की दर्शन करने जा रही एक महिला और उसके परिवार वालों की पिटाई कर दी.

दिल्‍ली के नवीन शाहदरा निवासी कमल जैन अपनी पत्‍नी और बच्‍चों के साथ बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने आए थे. बैरियर पर तैनात पुलिसकर्मियों से  कमल ने यह कहते हुए इजाजत मांगी कि उनकी पत्‍नी पैरो से ज्‍यादा पैदल चल पाने में असमर्थ है, लिहाजा उसे रिक्‍शे से जाने की अनुमति दी जाए. इस पर पुलिसवालों ने उनके पुत्र को धक्‍का मार दिया. जब कमल ने बीच बचाव किया तो शुरू हो गया पुलिसिया तांडव. पुलिस वाले इतने उत्‍तेजित हो गए कि जमकर धुनाई शुरू कर दी. कमल और उनके पुत्र के हाथ-पैर में काफी चोटें आईं.

इतना ही नहीं पुलिसकर्मियों ने उनकी पत्‍नी और बेटियों के साथ भी बदतमीजी की. उनको भद्दी-भद्दी गालियां भी दी गई. जब कमल अपने साथ हुई घटना के बारे में वृंदावन कोतवाली में मौजूद डीएसपी कायम सिंह को बताई तो इस पर कोई कार्रवाई करने की बजाय घटना को चटखारे लेकर सुनते नजर आए. उन्‍होंने कमल जैने को अपनी कहानी मीडिया तक को बताने का मशविरा दे डाला. जिससे कमल जैन और उनका परिवार काफी आहत हुआ.

इतना ही नहीं वो मीडिया वालों को देखकर भड़क गए. उन्‍होंने यहां तक कह डाला कि वृंदावन बांके बिहारी के दर्शन को आने वाले श्रद्धालु उनके लिए मुसीबत बने हुए हैं. जब मीडिया ने उनसे जानना चाहा कि क्‍या घटना हुई है तो उन्‍होंने पहले तो घटना की जानकारी होने से ही इनकार कर दिया. फिर जब बाद में जानने की बात सामने आई तो अपने सिपाहियों का ही बचाव करते नजर आए. बात को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप मीडिया पर ही जड़ दिया.

इधर, कमल जैन और उनका परिवार आए तो थे बांके बिहारी के दर्शन को, पर बांके बिहारी की कृपा तो नहीं हुई मगर यूपी पुलिस का असली चेहरा का दर्शन जरूर हो गया. कमल का कहना था कि उन्‍हें तथा उनके परिवार के सदस्‍यों को यूपी पुलिस का यह चेहरा कभी नहीं भूलेगा.

मथुरा से मोहन शर्मा की रिपोर्ट.


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