जैन मुनि का अनशन तुड़वाने पर उतारू माया सरकार, समर्थक रैली की तैयारी में

E-mail Print PDF

उत्‍तर प्रदेश के आठ स्‍थानों पर यांत्रिक कमेला (पशु वधशाला) स्‍थापित करने विरोध में 12 दिन से आमरण अनशन पर बैठे जैन मुनि प्रभा मैत्री सागर जी महाराज ने सूबे की मुखिया मायावती की नींद उड़ा दी है. प्रशासन अब किसी तरह से जैन मुनि का अनशन तुड़वाने की कोशिश में लग गया है. पहले उन्‍हें मनाने की कोशिश की गई, सफलता नहीं मिलने पर प्रशासन ने शुक्रवार की सुबह अनशन स्‍थल से लाउडस्‍पीकर और माइक हटावा दिए.

बिजली-पानी की आपूर्ति को भी बाधित करने की कोशिश की गई. टेंट उखाड़ने के प्रयास हुए. दिन भर अधिकारी फोर्स के साथ घेराबंदी करते रहे. मुनि के समर्थकों से उनकी कई बार भिड़ंत भी हुई. अनशन स्‍थल के आसपास पुलिस और रैपिड एक्‍शन फोर्स के जवान तैनात किए गए हैं. इस पूरे प्रकरण से आहत जैन मुनि ने कहा है कि मुख्‍यमंत्री भले ही मुझे गोली मरवा दें, परन्‍तु जब तक मांग पूरी नहीं होती वे आमरण अनशन से नहीं हटेंगे.

गौरतलब है कि माया सरकार ने पूरे सूबे में आठ से लेकर दस स्‍थानों पर यांत्रिक कमेला खोले जाने की अनुमति दी है. जिसमें से प्रत्‍येक में प्रतिदिन दस हजार के आसपास जानवरों का कटान होगा. इसी आदेश के खिलाफ जैन मुनि आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं. जैन मुनि का कहना है कि जब तक यांत्रिक बूचड़खाने को खोले जाने के आदेश वापस नहीं लिए जाते तब तक वे अपना अनशन नहीं तोड़ेंगे, इसमें चाहे उनकी जान ही क्‍यों न चली जाए.

आज भी धरना स्‍थल पर काफी गहमागहमी है. कल के घटनाक्रम से मुनि के समर्थक काफी नाराज हैं. कल सुबह धरना स्‍थल दिगंबर जैन इंटर कालेज के आसपास बड़ी संख्‍या में जवानों को देखकर समर्थकों तथा छात्रों ने स्‍कूल का गेट बंद कर दिया था. परन्‍तु एसडीएम ने ताला तुड़वाकर फोर्स को अंदर भेजा. पुलिस ने दो छात्रों को पकड़ने के साथ जाप कर रही महिलाओं को भी उठाने का प्रयास‍ किया. जिसके बाद संतों से तीखी झड़प हुई.

जैन मुनि ने कहा है कि मुझे या मेरे समर्थकों को हिरासत में लेने से समस्‍या हल नहीं होने वाली. शासन को कमेले बंद करने ही पड़ेंगे. दूसरी तरफ उनके समर्थन में दस मई को मेरठ, बागपत और आसपास के जिलों में रैली निकालने की तैयारी है. उनके समर्थकों ने घोषणा की है कि दस तक इस मामले में शासन की तरफ से कोई निर्णय नहीं लिया गया तो वे लोग आसपास के कई जिलों में रैली निकालेंगे तथा बंद का आह्वान करेंगे. समर्थकों ने बंद तथा रैली को सफल बनाने की रणनीतियां भी तैयार करनी शुरू कर दी है.

दूसरी तरफ इस अनशन से घबराए जिला प्रशासन अपनी स्थिति स्‍पष्‍ट करने की कोशिश में लगा हुआ है. जिलाधिकारी रंजन कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर कहा कि कहीं भी यांत्रिक पशु वधशाला नहीं खुलने जा रहा है. नगर पालिका द्वारा चलाए जा रहे कमेलों का ही आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिससे वहां साफ सफाई रह सके. उन्‍होंने पानी की आपूर्ति रोके जाने और टेंट हटवाने की बात से भी इनकार किया. एसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने कहा कि कानून व्‍यवस्‍था को हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी और संत की हालत बिगड़ती है तो उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती कराया जाएगा.


AddThis