'मायावती कमीशन खाने के लिए करती हैं परियोजनाओं की घोषणा'

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लखनऊ। प्रदेश की मुख्‍यमंत्री मायावती सरकार के चार साल पूरे होने पर की दो हजार करोड़ की घोषणाओं को समाजवादी पार्टी ने कमीशन का खेल करार दिया है। सपा ने इससे पूर्व हुई घोषणाओं पर श्वेतपत्र की मांग की है। सपा प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि मायावती ने सरकार के कल चार साल पूरा होने पर दो हजार करोड़ की परियोजना की घोषणा कमीशन खाने के लिये की है। सर्वजन हिताय के नाम पर बहुजन समाज पार्टी सरकार में कमीशन खोरी चल रही है।

बेहतर है कि सरकार पूर्व में की गयी घोषणाओं पर श्वेत पत्र जारी कर बताये कि कितनी योजनायें पूरी हुईं और उनकी प्रगति क्या है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सरकार के एक साल पूरे होने से चार साल पूरे होने तक सिर्फ परियोजनाओं का लोकार्पण ही करती हैं। परियोजनायें कभी पूरी नहीं होती क्योंकि उनमें कमीशन का खेल चलता है। मायावती की कल की गयी घोषणा भी कमीशन के लिये ही है। उन्होंने कहा कि मायावती ने अपनी सरकार के चार साल के कार्यकाल को पिछले चालीस साल के कार्यकाल से अच्छा कहा है जबकि सच यह है कि पिछले चार साल में जितने अलोकतांत्रिक काम हुये उतने पिछले चालीस साल में भी नहीं हुए।

उनके इन चार सालों में कार्यपालिका का मनोबल तोड़कर अधिकारियों को पार्टी का कारिंदा बना दिया गया है। कैबिनेट सचिव और स्पेशल डीजी स्तर के अधिकारी राजनीतिक बयान पढऩे वाले पार्टी प्रवक्ता बन गए है। चुनाव में उन्हें पार्टी वर्कर की तरह इस्तेमाल किया जाता है। डीएम से लेकर लेखपाल तक की डयूटी बसपा के पक्ष में चुनाव में वोट डलवाने के लिए लगाई जाती है। न्यायपालिका के महत्वपूर्ण अंग वकीलों पर कई बार लाठियां बरसाई जा चुकी हैं। छात्रों नौजवानों को बढ़ी फीस और बेकारी का दंश झेलना पड़ रहा हैं। गरीब, पिछड़े और अल्पसं यक बुरी तरह सताए जा रहे हैं। भ्रष्टाचारियों, बलात्कारियों को पूरा संरक्षण मिला हुआ है।

श्री चौधरी ने कहा कि मायावती ने विपक्षी दलों के कई नेताओं को जेल भिजवा देती हैं। उनके ही दल के कई विधायक मंत्री सलाखों के पीछे है। वे खुद कितने घोटालों और लूट वसूली के मामलों में लिप्त है। उन्होंने कहा कि यदि मायावती की जांच हो जाये तो वह भी सलाखों के पीछे ही होंगी। वहीं निधौलीकलां, लखीमपुर के बाद पिपराइच के चुनाव नतीजे को सपा की जीत बताते हुए कहा कि अब सपा की ही सरकार बनेगी। प्रेस विज्ञप्ति


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