कासगंज में बसपा विधायक का थाने पर कहर

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यूपी के कासगंज में राजनीतिक विरोधी द्वारा की गयी जनसभा से बसपा के विधायक हसरत उल्‍लाह शेरवानी कुछ इस कदर खफा हो गये कि बाकायदा थाने में घुस कर अपने विरोधियों की पिटाई कर दी। सत्‍ता के नशे में चूर इस बसपाई विधायक की दबंगई के आगे जब थाने पर तैनात पुलिसकर्मियों ने ऐतराज जताया तो विधायक ने उन्‍हें भी सरेआम पीट डाला। बाद में मौके पर पहुंचे पुलिस कप्‍तान ने विरोध पर आमादा लोगों के तेवर देखते हुए विधायक शेरवानी के खिलाफ बयान दर्ज करने के आदेश दे दिये।

लेकिन बसपा विधायक के इशारे पर उसके राजनीतिक विरोधी और राष्‍ट्रीय लोकदल के जिला अध्‍यक्ष कुलदीप पाण्‍डेय के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करा दिया। लेकिन इस विधायक का प्रशासन का कितना दबाव है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मौके का जायजा ले चुके खुद पुलिस कप्‍तान का कहना है कि पूरी जांच हो जाने के पहले वे इस मामले पर कोई  टिप्‍पणी नहीं करेंगे। यूपी के कासगंज से विधायक है शेरवानी। दबंग छवि वाले बसपा विधयकों की श्रेणी में आला दर्जे के एमएलए माने जाते हैं। जमीन से जुडे विवादों के साथ ही साथ इलाके में होने वाली ज्‍यादातर घटनाओं में या तो उनकी संलिप्‍तता होती है, या हस्‍तक्षेप। राजनीतिक विरोधियों से निपटने में तो शेरवानी खासे कुख्‍यात हैं। अपनी दबंगई दिखाने के चक्‍कर में वे न तो माहौल देखते हैं और ना ही इलाका। खासी हेकडी वाले शेरवानी कई बार तो कलेक्‍ट्रेट और कप्‍तान आफिस तक बवाल मचा चुके हैं। लेकिन इस बार उनके प्रकोप से शामत आयी ढोलना पुलिस थाने की।

किस्‍सा कुछ यूं कि राष्‍ट्रीय लोकदल के जिला अध्‍यक्ष कुलदीप पाण्‍डेय ने हाल ही अपने राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष चौधरी अजीत सिंह की एक सभा करायी थी और कुलदीप की बातों पर यकीन किया जाए तो इस जनसभा के अपने इलाके में होने से शेरवानी उनसे काफी खार खाये हुए थे। कुलदीप भी दबंग नेता की छवि रखते हैं और इलाके में उनका खासा रसूख भी है। बताते हैं कि जमीन के एक विवाद को लेकर शेरवानी रविवार को ढोलना थाने पर पहुंचे थे। पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया था। मामला था गढी हठनेर गांव का, जहां शमशाद और शमीम के पक्षों में भिडंत हो गयी थी। बातचीत शुरू ही हुई थी कि शेरवानी ने पुलिस को हेकडी दिखानी शुरू कर दी। पुलिसवाले अब बगलें झांकने लगे। अपनी दबंगई दिखाने के लिए शेरवानी ने वहां मौजूद एक शख्‍स के बारे में पूछा तो पता चला कि वह छेडखानी के मामले में थाने लाया गया है। बस फिर क्‍या था। शेरवानी को मौका मिल गया और वे अपनी भडास निकालने के लिए पुलिसवालों की लाठी लेकर उस युवक पर पिल पडे। कुछ ही देर में युवक बुरी तरह जख्‍मी हो गया। उसकी बिगडती हालत को देख कर पुलिसवालों के होश फाख्‍ता हो गये और वे युवक को बचाने लपके। यह देख कर शेरवानी ने कुछ पुलिसवालों का कालर पकड कर उन्‍हें भी दो-चार झांपड रसीद कर दिये और पुलिसवालों की वर्दी-बिल्‍ला उतरवा लेने की धमकी दी। इसको लेकर माहौल और भी गर्मा गया।

अब तक थाने के बाहर नागरिकों की भीड जमा होने लगी। दोनों ही पक्ष के लोग जुट आये। एक पक्ष की ओर से राष्‍ट्रीय लोकदल के कुलदीप पाण्‍डेय भी थे। मामला बिगडने की खबर पाकर खुद पुलिस कप्‍तान भी मौके पर पहुंचे और पुलिसवालों समेत वहां मौजूद सभी लोगों से बातचीत की। लेकिन शेरवानी का पारा तब भी चढा ही रहा। नाजुक माहौल भांप कर कप्‍तान ने वहां मौजूद लोगों के बयान दर्ज करने के आदेश दे दिये, लेकिन साथ ही राष्‍ट्रीय लोकदल के जिलाअध्‍यक्ष कुलदीप पाण्‍डेय के खिलाफ भी मामला दर्ज करा दिया। पुलिस कप्‍तान ने पत्रकारों के सामने इस मामले पर तब तक कोई भी टिप्‍पणी करने से इनकार कर दिया जब तक कि जांच पूरी नहीं हो जाती। उनका दावा है कि जांच पूरी तरह निष्‍पक्ष होगी। उधर शेरवानी का कहना है कि कुलदीप आपराधिक प्रवृत्ति का है और नागरिक उससे भयभीत रहते हैं। इसीलिए कोई भी उसके खिलाफ बोलने की हिम्‍मत नहीं जुटा पाता है और वे कुलदीप के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कराने ढोलना थाने पर पहुंचे थे ताकि नागरिकों को न्‍याय मिल सके। जबकि कुलदीप पाण्‍डेय का कहना है कि शेरवानी उनसे राजनीतिक द्वेश रखते हैं क्‍योंकि कुछ दिन पहले ही उन्‍होंने अपने गांव में अपनी पार्टी के राष्‍ट्रीय अघ्‍यक्ष चौधरी अजीत सिंह की जनसभा करायी थी।


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