मानवाधिकारकर्मी गौतम नवलखा को कश्‍मीर में अवैध रूप से हिरासत में लिये जाने का विरोध करें

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नई दिल्‍ली। जाने-माने मानवाधिकार कर्मी और इकोनॉमिक एंड पॉलिटिकल वीकली के संपादकीय सलाहकार, गौतम नवलखा, को कल श्रीनगर एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया और उन्‍हें श्रीनगर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। श्री नवलखा अपने मित्र के साथ निजी यात्रा पर कश्‍मीर जा रहे थे। श्रीनगर पहुंचने पर विमान से उतरते ही उन्‍हें हिरासत में ले लिया गया और उन्‍हें वापस दिल्‍ली जाने के लिए कहा गया।

उस दिन कोई फ्लाइट ना होने के कारण उन्‍हें अज्ञात स्‍थान पर पुलिस हिरासत में रखा गया और किसी को उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी गयी। जानकारी मिली है कि उन्‍हें 29 मई को वापस दिल्‍ली भेज दिया जाएगा। श्री नवलखा कश्‍मीर में मानवाधिकारों के उल्‍लंघन के मुद्दों को मुखरता से उठाते रहे हैं और राज्‍य में भारी संख्‍या में सशस्‍त्र बलों की मौजूदगी का विरोध करते रहे हैं। वह निरंकुश सशस्‍त्र बल विशेषाधिकार कानून को वापस लेने के अभियान में अग्रिम मोर्चे पर रहे हैं। यह कानून सशस्‍त्र बलों को किसी को भी गिरफ्तार करने और मारने के मनमाने अधिकार देता है तथा कश्‍मीर की आम जनता इस कानून का कड़ा विरोध करती रही है।

गौतम नवलखा जैसे विख्‍यात बुद्धिजीवी व एक्टिविस्‍ट को प्रवेश की अनुमति न देने की घटना कश्‍मीर में अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता एवं कहीं भी आने-जाने के अधिकार की‍ स्थिति के संबंध में गंभीर चिंता पैदा करती है। भारतीय राज्‍य द्वारा की गई यह कार्रवाई साबित करती है कि सभी दमनकारी राज्यों को सबसे ज्‍यादा खतरा 'सच्‍चाई' से होता है। हम श्री नवलखा को अवैध रूप से हिरासत में लेने की कठोर निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि भारत सरकार उनसे माफी मांगे तथा उन्‍हें कश्‍मीर जाने की अनुमति दे। साथ ही, हम सभी बुद्धिजीवियों एवं जनवादी अधिकार संगठनों तथा कार्यकर्ताओं से गौतम नवलखा का साथ देने और भारत एवं जम्‍मू-कश्‍मीर सरकार पर श्री नवलखा के जनवादी अधिकारों का सम्‍मान करने का दबाव बनाने की‍ अपील करते हैं।

कात्‍यायनी

अध्‍यक्ष, राहुल फाउण्‍डेशन

स‍त्‍यम

सचिव, राहुल फाउण्‍डेशन

Oppose the illegal detention of human rights activist Gautam Navlakha in Kashmir

Well known human rights activist and Editorial consultant of Economic and Political Weekly, Gautam Navlakha was detained at the Srinagar airport on May 28 and was denied entry in Srinagar. Mr Navlakha was on a private visit to Kashmir with his friend. He was detained as soon as his flight reached Srinagar and was asked to go back to Delhi. Since there was no flight available on that day, he was kept in police custody in an undisclosed location and not allowed to meet anyone. It was learned that he will be put on a flight back to Delhi on May 29.

Mr Navlakha has been vocal in raising issues of human rights violations in Kashmir and opposing the heavy presence of armed forces in the state. He is also in the forefront of the campaign to revoke the draconian Armed Forces Special Powers Act which gives arbitrary powers to the armed forces to arrest and kill and is hated by the Kashmiri masses. The denial of entry to a noted public intellectual and activist like Gautam Navlakha raises urgent concerns about the status of freedom of speech and movement in Kashmir. This act by the Indian state once again proves that truth is the most dangerous thing for all repressive regimes.

We condemn in the strongest possible terms the illegal detention of Mr Navlakha and demand that the Indian government should apologize to him and must allow him to go back to Kashmir. We also appeal to all intellectuals and democratic rights organizations and activists to stand by Gautam Navlakha and put pressure on the Indian and J&K government to respect his democratic rights.

Katyayani

Chairperson, Rahul Foundation

Satyam

Secretary, Rahul Foundation

प्रेस रिलीज


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