एसएसपी ने प्रेस फोटोग्राफरों को भाड़े का टट्टू कहा

E-mail Print PDF

आदरणीय यशवंतजी,  मैं आपका ध्यान शनिवार को मुजफ्फरनगर के खतौली कोतवाली में निरीक्षण के लिए आए एसएसपी से जुड़ी घटना की तरफ दिलाना चाहता हूं। एसएसपी प्रवीण कुमार कोतवाली के निरीक्षण पर आए थे। जिस्म फरोशी के एक मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन के नगर अध्यक्ष शाकेब अली बांके मोहल्ला जैन नगर के लोगों के साथ एसएसपी से मिलने के लिए कोतवाली पहुंचे।

एसएसपी ने इन लोगों की बात सुनने के बाद कोतवाल को कार्रवाई का निर्देश दिया। इस पर वापस लौटते समय बांके और अन्य लोगों ने एसएसपी जिंदाबाद के नारे लगा दिए। नारे लगने से अपराधों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से परेशान कप्तान का मूड खराब कर दिया तथा उन्होंने शाकेब अली को बुलाकर उसकी जमकर क्लास ली। थाने में कवरेज के लिए खडे़ मीडिया कर्मियों ने इसकी फोटो ले ली। जिससे एसएसपी पूरी तरह बौखला गए तथा उन्होंने पद की गरिमा के विपरीत प्रेस फोटोग्राफरों को भाडे़ का टटटू बता दिया।

जिस समय यह घटना घटी उस समय दैनिक जागरण के संवाददाता बसंत गौतम, अमर उजाला के प्रेस फोटोग्राफर शाहिद अंसारी, हिंदुस्तान के सचिन गुप्ता, सच्चाई अभी तक के संवाददाता सैनी आदि मौजूद थे। एसएसपी की लैंग्वेज से ये सभी मीडिया कर्मी सन्न रह गए। लेकिन किसी की भी हिम्मत एसएसपी द्वारा कहे गए अपशब्दों का विरोध करने की नहीं पड़ी।

दरअसल खतौली में बहुत से संवाददाता प्रशासन के मुखबिर और दलाल बने हुए है तथा ऐसे लोगों के कारण पूरी मीडिया की किरकिरी होती है। शनिवार को घटी घटना के बाद किसी भी मीडिया संगठन ने इसका विरोध तक करने की हिम्मत नहीं की। अखबारों ने भी मीडिया को भाडे़ का टट्टू बताने की एसएसपी की बयानबाजी को लेकर समाचार तक प्रकाशित करना गंवारा नहीं समझा। धन्य हैं खतौली के संवाददाता और कहां तक गिरोगे दोस्तों?

कपिल पाराशर

खतौली


AddThis