यूपी में खाकी का आतंक : थाने में पीट पीटकर हत्‍या

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बाराबंकी। गत दिनों छह वर्षीय मासूम बच्ची की हत्या के खुलासे के चक्कर में घुंघटेर थानाध्यक्ष और उनके सहयोगियों ने एक 35 वर्षीय व्यक्ति को थाना परिसर में ही पीट-पीट कर मार डाला। मारने के बाद में पुलिस ने लाश को जिला अस्पताल भिजवा दिया। वहीं पुलिस अधिकारियों ने आरोपी लोगों को बचाने के खातिर मृतक और उसके एक सहयोगी को हत्या का मुल्जिम बना दिया।

इस घटना की जानकारी मिलने के बाद विपक्षी दल के नेताओं ने सैकड़ों ग्रामवासियों को लेकर थाना घुंघटेर का घेराव कर लिया। वहीं पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी घुंघटेर सहित चार लोगों के विरूद्घ हत्या का मुकदमा दर्ज करवाने के बाद सभी को निलम्बित कर दिया है। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में जबरदस्त तनाव का माहौल व्याप्त है।

जानकारी के अनुसार थाना घुंघटेर के ग्राम रैंगवा निवासी ओम प्रकाश मौर्या अपनी लड़की छह वर्षीय सविता और पत्नी के साथ क्षेत्र के गांव भटोखर में शादी में गया था। आठ जून की रात को अचानक उसकी मासूम लड़की लापता हो गयी। ओम प्रकाश आदि लोगों ने काफी प्रयास किया लेकिन मासूम सविता का कहीं पता नहीं चला। 11 जून की सुबह गांव से कुछ दूरी पर स्थित पंचमलाल के खेत में सविता की लाश पड़ी मिली। लाश मिलने के बाद पुलिस ने उसको पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतक बच्‍ची के शरीर पर चोटों के निशान और पेट की आंत गायब होने के बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि किसी ने बड़ी बेरहमी से हत्या की है। इस घटना के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह राणा ने थाना प्रभारी घुंघटेर हरीलाल कर्दम और एसओजी प्रभारी सतीश सिंह को लगाया था। इन दोनों अधिकारियों ने घटना के खुलासे को लेकर 12 जून की शाम को ग्राम रैंगवा के निवासी ट्रेलर मास्टर गया प्रसाद उर्फ शूरमा और अनिल कुमार मौर्या को पकड़कर घुंघटेर पुलिस थाने ले आयी।

बीती रात दो बजे इन लोगों ने गया प्रसाद से पूछताछ का सिलसिला शुरू किया। पूछताछ के दौरान जब पुलिस वालों ने गया प्रसाद के ऊपर थर्ड डिग्री का प्रयोग किया तो थाना परिसर में उसकी मौत हो गयी। मौत के बाद पुलिस के हाथ पैर फूल गये। रात को ही उन्होंने बाबागंज के निवासी मामा डाक्टर को थाने पर बुलवाया और मृतक को एक सुईं भी लगवायी। लेकिन जब बात नहीं बनी तो पुलिस वाले गया प्रसाद की लाश को जीप पर लादकर जिला अस्पताल आ गये। जहां पर डाक्टरों ने गया प्रसाद को मृत घोषित कर दिया।

इधर आज सुबह पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन सभागार में एक प्रेस वार्ता बुलायी और उसमें उन्होंने अनिल कुमार को पेश किया। जिसमें पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सविता की हत्या अनिल कुमार और मृतक, जिसको पुलिस अधीक्षक ने तांत्रिक बताया,  इन लोगों ने मिलकर की है। उन्होंने यह भी बताया कि अनिल कुमार आदि लोगों ने सविता को इसलिए मारा क्योंकि अनिल को कोई औलाद नहीं हो रही थी। अनिल कुमार ने भी पत्रकारों के सामने यह बात कबूल की। अनिल का यह भी कहना था कि हत्या उसने नहीं गया प्रसाद ने की है। वह तो मात्र सहयोगी था।

इधर गया प्रसाद की मौत के बाद सपा विधायक अरविन्द सिंह गोप सहित भाजपा कांग्रेस व अन्य दलों के नेता थाना घुंघटेर का घेराव कर लिया। इन लोगों की यह मांग थी कि आरोपी पुलिसकर्मियों के विरूद्घ हत्या का मुकदमा दर्ज हो। समाचार भेजे जाने तक थाना घेराव जारी था। जबकि खास बात यह थी कि इस दौरान पूरा थाना पुलिस कर्मियों से खाली था।

बाराबंकी से रिजवान मुस्‍तफा की रिपोर्ट.


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