पीएम से मिलकर आने वाले संपादकों की निष्ठा सदा संदिग्ध रही है

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किसी भी चीज के दूसरे पक्ष को जानना हो तो फेसबुक पर हो आइए. यहां लोग दिल की भड़ास निकालकर रख देते हैं. पूजा ने अपने स्टेटस को कल यूं अपडेट किया- ''माफ़ कीजिये मैं तो काफी कनिष्ठ हूँ पर आज जो भी वरिष्ठ पत्रकार प्रधानमंत्री से मिलकर आये हैं, उनके प्रकाशन हाउस व उनकी निष्ठा सदा संदिग्ध रही है. वे कभी भी इस्टैबलिश्मेंट के खिलाफ मुखर नहीं होते.... ये नाम याद रखियेगा, शायद कल इनमें से कुछ को मनोनीत राज्यसभा सांसद या राष्ट्रीय सम्मान से नवाज़ा जाएगा.''

पूजा के इस लिखे को अब तक 29 लोगों ने लाइक किया है और इस पर कई तरह के कमेंट आए हैं. कुछ कमेंट पढ़िए और इन कमेंट्स के ठीक बाद फेसबुक पर रीतेश का इसी संदर्भ को लेकर एक अपडेट है, उनका अपना व्यू है. वो भी देखिए.

Vikram Choudhary : khair, aapka teekhapan prashansniya aur swagatyogya h. patrakarita ko is se km pr razi hona b nhi chaiye. aapki dhaar salamat rhe!

Aadil Hasan : Rightly Judge

Jaikumar Jha : अब तो पूरा देश याद कर चुका है.....

Puja Shukla : इनमे से कुछ पहले ही लोकसभा टीवी के लिए प्रोग्राम produce करतें है..... अगर आज मै या और कोई और पत्रकार लोकसभा टी वी या दूरदर्शन के लिए काम करना चाहें तो क्या हश्र होगा वो डी० डी0 न्यूज़ में पत्रकारों की नियुक्तियों में हुई धांधलियों से स्पष्ट हो chuka है

Vikram Choudhary : puja ek baat btao- ki rahul gandhi ko ye log abhi PM bna denge? kyuki jis tarah varishtha neta unhe highlight kr rhe hn us se lgta to aisa h ki wo agle election ka chance nhi lenge, mukhyj karan- mahangaai !! hmare PM ki body language se kuch aisa lgta h ki unhe mentally prepare rhne ko kah diya gya h !

Awesh Tiwari : sachhi baat

Priya Singh : har jagah khot ho sambhav nahin ,aur har jagah kuch galat na ho yeh bhi sambhav nahin

Awesh Tiwari ‎: @priya ,itni confuse kyun hain ?

Priya Singh : main bilkul confuse nahin

Priya Singh : har jagah kuch na kuch galat hota hi hai ,ap use theek karne ke liye kya kar rahe hain

Awesh Tiwari : kam se kam galat ko galat to kah rahe hain

Ajay Kumar Sinha : Yeah you are right Puja

Manoj Gautam : बहुत बढिया मैं सहमत हूं.......आज उन्ही पत्रकारों को बुलाया गया था जो सरकार के हर कारनामें में कमिया निकालकर खबर की शुरुआट करते हैं और अंत में सरकार की खुलकर तारीफ़ भी करने से नही चूकते हैं..

Arvind Kumar 'pappu' : सभी रटे रटाए प्रश्न उनको दिए गए थे !स्वदिस्ट भोजन का लुत्फ़ उठाए और bewkuf janta ko बनारहे है ! हिम्मत होती लाइव debeat होता eye वाश नहीं !

Rajiv Ranjan : this is nothing but eyewash, how long we the people of India will be fooled by Government .

Kapildev Tripathi : Dare not tell truth. we may praise but not they. Jo jhooth me samil nahi honge we maare jayenge. live long Puja. you have to fight for long term struggle.

Ashok Kumar Agrawal : U have shown naked face of indian politics.................

Sudhanshu Chouhan : क्यों भौंक रहे हैं लोग...इले. मीडिया ने अपनी विश्वसनीयता खोने में कोई कोर क़सर बाकी नहीं रखी है...न्यूज़रुम अब दलालों,... का अड्डा बन गया है...
Rajendra Nath Tripathi : यही कांग्रेस की कार्य-संस्कृति रही है!यथास्थितिवादी लोग सदा इस संस्कृति में पाले और पोसे जाते है!इसका विरोध करने वाले को किसी न किसी तरह समाप्त कर दिया जाता है। मलाई बटोरने वालों में वामपंथी बुद्धिजीवियों की भागीदारी भी काबिलेतारीफ़ रही है

Manoj Rajguru : whi to, aise me kya ye umeed ki ja sakti he k in ayojano se sarkaar par niyantran rah payega , qki na to media jyada talkh lahje me p m se qsn kar payegi or na hi pm unk sawalo ka ans dene k liye badhya hi honge.

Tulsibhai Patel : sahemat

Sanjay Sharma : Sahi baat.

Praveen Trivedi : सहमत !

Jiwan Jyoti : वर्षों बीत गए हमे बीके हुए और आप आज राजफास कर रहे हैं ...

Ashutosh Dixit : agreed.

Saurabh Chauhan : true Puja Shukla ji....every one saw jab meeting se bahar aaye to camera ke ssaamne aise pesh hue jese Digvijay singh ho....pravakta bane the...wats rubbish...yaha log bhrshtachaar aur mehangai ki maar jhel rhe hai aur patrakaar unki body language dekh rhe hai....Kal NDTv pr Ravish Kumar ji ne debate karaya tha bahut badhiya tha...Tarun Vijay ji was there he said k PM 5 logo se mile apni convenianc se....
Saurabh Chauhan i wanna say k yadi PM mil bhi liye to kya ho gya....unki body language theek thi vo confident the...unhone kaha ki koi khatra nhi hai lekin jab bhi aalakaman chahe me hat jaunga...contradictory statement....khatra hai na aalakamaan kal he c...See more
Saurabh Chauhan it was like that ki sai baba in hospital...(PM) and Doctors givin buletin (5 editors) ki he is fine..body language theek hai koi dabav nhi, hans khel rhe hai joke maar rhe hai...wat is dis...is dis seriousness....shukr hai PM ka BP nhi bataya...

उधर, फेसबुक पर ही Ritesh Verma ने अपने मन की बात को इस तरह कहा है- ''मनमोहन सिंह भी शातिर हो गए हैं. पार्टी ने सुझाव दिया था कि देश को संबोधित कीजिए. उन्होंने पांच संपादकों से बातचीत कर ली. आगे भी करते रहेंगे. पूरे दिन देश को पांच संपादक बताते रहे कि मनमोहन क्या सोचते हैं, क्या कहा, क्या करेंगे. बताइए, इससे बड़ी पीआर एक्सरसाइज और क्या कि पांच-पांच संपादक एक दिन के लिए पीएमओ की तरफ से बात करते दिखें.'' रीतेश के इस लिखे लोगों  ने यूं रिएक्ट किया है...

Vinod Verma : संपादक भी कृतार्थ, टीवी भी और जनता को भरमा लिया कि चुप्पी तोड़ दी.

Mrigendra Pandey : kuch samay bad ap ka bhi number ayega

Mrigendra Pandey : fir din bhar akle bolna

Vivek Shukla : देश को तो हर साल दो बार परंपरागत रूप से संबोधित करते हैं...संसद में भी कभी कभार मजबूरी में मुंह खोल ही लेते हैं, इनका कुछ बोलना या कुछ न बोलना, दोनों में कोई अंतर बाकी रह गया है क्या? कहते हैं, deeds speak louder than words!! यह आदमी खुद को जब तब कमजोर नहीं हूँ...कमजोर नहीं हूँ, बोलता रहता है, अरे, कभी अपना कर्म भी तो देखो भाई. प्रधानमंत्री का पद अब सिर्फ एक एहसास है. सत्ता के सन्दर्भ में शून्यता का गहरा बोध.

Vibhuraj Chaudhary : एम.एम.एस. को ट्विटर पर आने का न्यौता देते हैं... जनता से सीधे बात होगी...


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