बीपी गौतम ने एसएसपी के अभद्र व्‍यवहार की शिकायत प्रेस परिषद से की

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बदायूं के पत्रकार बीपी गौतम के साथ पुलिस अधीक्षक नवनीत राणा द्वारा अभद्र व्‍यवहार किया गया. बदायूं में दैनिक जागरण के एक फोटोग्राफर की वकीलों ने एक घटना की कवरेज करते समय पिटाई कर दी तथा उसका कैमरा छीन लिया. इस मामले को लेकर लेकर कुछ पत्रकारों के साथ एसएसपी से मिलने पहुंचे थे. इसी दौरान मुकदमा दर्ज करने की बात कहने पर एसएसपी ने बीपी गौतम से अभद्रता से बातचीत की.

बीपी गौतम जागरण के फोटोग्राफर पर हमला करने वाले वकीलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात कर रहे थे. एसएसपी ने कहा कि वो वकीलों से कह कर फोटोग्राफर का कैमरा वापस करा देंगे. इस पर बीपी गौतम ने कहा कि कैमरा तो वापस हो जाएगा परन्‍तु वकीलों ने जो सरेआम पिटाई की है, उस सम्‍मान का क्‍या होगा. इस तरह तो अपना काम करने वाले किसी भी पत्रकार को कोई पीट देगा. इसलिए इस मामले में मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए. इस पर एसएसपी भड़क गए.

जागरण के ब्‍यूरोचीफ भी पत्रकार का साथ देने की बजाय एसएसपी की हां में हां मिलाते रहे, जिससे एसएसपी को और शह मिल गया तथा वे बीपी गौतम के साथ अभद्र तरीके से बात किए, जिसके बाद श्री गौतम एसएसपी कार्यालय से बाहर निकल आए. इसके बाद उन्‍होंने इस पूरे प्रकरण की जानकारी विभिन्‍न अधिकारियों को भेजने के साथ प्रेस परिषद के अध्‍यक्ष को भी भेजी है तथा इस मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की है.


बी.पी.गौतम                               
स्वतंत्र पत्रकार/संपादक                               मो -9411222163
हिंदी दैनिक मिड डे समाचार पत्र अनंत घोष
कार्यालय-विद्यापीठ पुरम डीएम रोड सिविल लाइंस बदायूं।



सेवा में

अध्यक्ष, प्रेस परिषद

नई दिल्ली।

विषय : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत राणा द्वारा अभद्र व्यवहार करने के संबंध में कार्रवाई हेतु निवेदन।

महोदय,

सानुरोध अवगत कराना है कि दिनांक 17 सितंबर 2011 को बदायूं स्थित न्यायालय में हिंदी दैनिक समाचार पत्र बदायूं अमर प्रभात के स्वामी श्री आचार्य वेदव्रत आर्य व उनके बेटे वेदमित्र आर्य पर कुछ वकीलों ने जानलेवा हमला किया था व उनके बेटे को बुरी तरह सडक़ों पर दौड़ा कर पीटा था, जिसे गंभीर हालत होने पर उसी दिन पुलिस हिरासत में ही जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत राणा ने वकीलों के दबाव में आकर उक्त पिता-पुत्र के साथ तीन अज्ञात लोगों के विरुद्ध ही जानकारी होने के बावजूद जानलेवा हमले का झूठा मुकदमा पंजीकृत करा दिया, साथ ही अगले दिन जांच में धारा 307 भी हटा दी गयी।

उक्त प्रकरण में कल दिनांक 18 सितंबर को वेदमित्र आर्य को न्यायालय में पेश किया गया, जिसे जमानत दे दी गयी, लेकिन उनकी पैरवी करने वाले वकील को अन्य वकीलों ने मिल कर आज दिनांक 19 सितंबर को कचहरी परिसर में पीटना शुरू कर दिया। घटना की सूचना पर दैनिक जागरण के छायाकार श्री कुलदीप शर्मा मौके पर पहुंच कर तस्वीरें लेने लगे, तो उक्त वकीलों ने उसे भी मारना-पीटना शुरू कर दिया और उसका कैमरा आदि छीन लिया। इस घटना के संबंध में आज तमाम पत्रकार साथियों के साथ मैं भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत राणा से मिलने पहुंचे और घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। इस पर वह कहने लगे कि वकीलों से बात कर कैमरा या कैमरे की कीमत दिला देंगे, लेकिन पत्रकार साथियों की मुकदमा लिखाने की मांग पर वह दोपहर के बाद मुकदमा दर्ज कराने की बात पर अड़ गये, जिस पर मैंने कहा कि जब आप दोपहर बाद दर्ज कराने को तैयार हैं, तो अभी भी करा सकते हैं, इस बात पर वह मुझसे अभद्रता करने लगे और अपमान जनक शब्दों का प्रयोग करते हुए तरह-तरह की चेतावनी भी देने लगे, तो मैं उनके कार्यालय से उठ कर चला आया, जिसकी जानकारी मेरे द्वारा फोन पर बरेली रेंज के आईजी महोदय को दे दी गयी है।

महोदय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जैसे पद पर बैठे व्यक्ति/अधिकारी से समाज के सम्मानित वर्ग के साथ आम, पीडि़त व शोषित वर्ग को बड़ी अपेक्षायें होती हैं, लेकिन मेरे साथ किये गये शब्दों के प्रयोग से स्पष्ट हो गया है कि श्री नवनीत राणा जनपद में तैनात करने जैसी योग्यता नहीं रखते हैं।

अत: प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए श्री नवनीत राणा को मुख्यालय से तत्काल संबंध किया जाये व जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई भी की जाये, ताकि भविष्य में ऐसी निंदनीय घटना की पुनरावृति न हो सके। कार्रवाई की अपेक्षा के साथ.. ..

दिनांक: 19 सितंबर 2011

निवेदक

(बी.पी.गौतम)


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