पाक मंत्री अजमेर में कर गए आम सभा, ना गुप्तचरों को भनक ना प्रशासन को पता

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: सरहदी इलाकों के दस हजार से ज्यादा लोग अजमेर के तीन सितारा होटल पहुंचे : अजमेर : पाकिस्तान के एक मंत्री ने अजमेर की तीन सितारा होटल में आम सभा कर ली। भारत-पाक सरहदी इलाके से आए करीब दस हजार लोग इस सभा में शामिल हुए। इस सार्वजनिक आयोजन की अनुमति तो दूर प्रशासन, पुलिस और गुप्तचर महकमे को इसकी भनक तब लगी जब सभा खत्म हो गई।

इस बडे़ आयोजन ने सुरक्षा के प्रति भारतीय व्यवस्था की लापरवाही तो उजागर की ही पाक के जिम्मेदार लोगों की बेपरवाही और हिमाकत भी सामने ला दी। जिस अंदाज में यह हुआ उससे साफ था कि सब कुछ अचानक नहीं बल्कि योजनाबद्ध तरीके से हुआ। पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्री मकदूम अमीन फहीम भारत-पाक के बीच व्यापार बढ़ाने सहित करीब 63 मसलों पर बातचीत करने भारत आए थे। उनके साथ करीब 70 पाक व्यापारी, दो और मंत्री तथा तीन सचिव स्तर के अधिकारी थे। नई दिल्ली में भारतीय अधिकारियों से बातचीत के बाद दल के कुछ सदस्य वाणिज्य मंत्री फहीम के साथ गरीब नवाज ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में जियारत के लिए शुक्रवार को अजमेर आ गए। पुलिस, प्रशासन और गुप्तचर अधिकारियों को दोपहर 1 बजे उनके अजमेर हैलीपेड पर उतरने, वहां से सर्किट हाउस और दरगाह जियारत कर वापस लौट जाने की जानकारी थी।

मंत्री फहीम सर्किट हाउस से सीधे आधा किलोमीटर दूर दरगाह के रास्ते में स्थित तीन सितारा होटल मेरवाड़ा स्टेट जा पहुंचे जहां बाड़मेर, जैसलमेर आदि इलाकों से आए करीब दस हजार लोग उनसे मिलने को आतुर थे, जिनमें काफी बड़ी संख्या में औरतें और बच्चे भी थे। फहीम के वहां पहुंचते ही सब जुनूनी हो गए। भीड़ ने फहीम को घेर लिया। फहीम का हाथ चूमने और पैर छूने की होड़ लग गई। कई के आंसू छलक आए। फहीम जिन्दाबाद के नारों से आसमान गूंज उठा। वहां माइक और सभा की सभी तैयारियां थीं। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि फहीम को स्टेज तक पहुंचने में काफी परेशानियां आई और समय लगा। दस हजार से ज्यादा लोगों के लिए भोजन का भी इंतजाम था।

प्रोटोकॉल में लगे स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भौंचक थे। फहीम ने सभी को आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं। बाद में पता लगा कि फहीम मुसलमानों की सरवारी जमात के धर्मगुरू हैं और भारत के सरहदी इलाकों से आए लोग उनके अनुयायी हैं। फहीम ने उन्हें बाकायदा संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जिस मुल्क में रहें वहां की तरक्की के लिए काम करें और वहां के कानूनों का पालन करें। फहीम ने सभी की नेकी के लिए दुआ की।

जियारत के बाद जब फहीम सर्किट हाउस पहुंचे तो पत्रकारों ने उनसे इस बारे में सवाल किया। उन्होंने राजनीतिक अंदाज में जवाब दिया, राजनेता के साथ धर्मगुरु भी हूं, इसलिए बडे़ पैमाने पर लोग मिलने आ गए। साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए मल्टीपल वीजा की वकालत कर गए। बम विस्फोट की घटनाओं में पाकिस्तान के हाथ के सवाल को फहीम यह कहकर टाल गए कि पाकिस्तान खुद ही आतंकवाद की समस्या से जूझ रहा है।

इधर अजमेर प्रशासन अब सारे मामले पर लीपापोती करने में जुटा है। गुप्तचर अधिकारियों को पाक अधिकारियों ने सी फार्म ना तो भरकर दिए और ना ही मांगने पर भी वीजा और लोगों की सूची दी। उल्टे कह दिया कि सूची दिल्ली में दे दी है, यहां देने की जरूरत नहीं समझते। अजमेर के अतिरिक्त कलेक्टर शहर जगदीश पुरोहित स्वीकार करते हैं कि शहर में होने वाली किसी भी मीटिंग में लाउडस्पीकर इस्तेमाल की अनुमति वे देते हैं। इस आयोजन में लाउड स्पीकर इस्तेमाल हुआ और उनसे अनुमति नहीं ली गई। गुप्तचर पुलिस की नाकामी को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कैलाश दान रतनूं यह कहकर सही साबित कर रहे हैं कि फहीम स्टेट गेस्ट थे इसलिए उन्हें वीजा नियमों से छूट थी। वे किसी से भी मिलने के लिए स्वतंत्र थे। राजनीतिक भाषण देते तो उन्हें अनुमति की जरूरत थी।

पुलिस और प्रशासन के पास इन सवालों के कोई जवाब नहीं हैं कि पांच सौ किलोमीटर से ज्यादा की दूरी पर रह रहे लोगों को अपने धर्मगुरु के अजमेर आने के दिन व समय की जानकारी कैसे मिली? उन्हें किस जगह अपने धर्मगुरु से मिलना है, वहां तक वे कैसे पहुंचे? हर बाहरी वाहन से चौथ वसूली के लिए बेताब पुलिस कर्मचारियों की निगाह से दस हजार लोगों की भीड़ को अजमेर लाने वाले वाहन कैसे बचे? भीड़ तीन सितारा जैसी महंगी होटल में एकत्रित हुई वहां उनके बैठने, स्टेज, माइक आदि और उनके खाने का इंतजाम किसने किया? आम तौर पर यह होटल एक दिन के सार्वजनिक आयोजन के दो से तीन लाख रुपए वसूलता है। खान-पान की कीमत भी काफी ज्यादा है, यह भारी-भरकम खर्च किसने उठाया? सबसे महत्वपूर्ण सवाल सुरक्षा के इंतजामों का क्या हुआ? अगर उन विदेशी राजनेता-धर्मगुरु के साथ कोई अनहोनी हो जाती तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होता?

राजेंद्र हाड़ा राजस्थान के अजमेर के निवासी हैं. करीब दो दशक तक सक्रिय पत्रकारिता में रहे. अब पूर्णकालिक वकील हैं. यदा-कदा लेखन भी करते हैं. लॉ और जर्नलिज्म के स्टूडेंट्स को पढ़ा भी रहे हैं. उनसे संपर्क 09549155160 के जरिए किया जा सकता है.


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