पत्रकार हत्याकांड : खौफजदा मां-बेटों ने जहर खाया

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: एक बेटे और मां की मौत : इंदौर से सूचना है कि पत्रकार अनिल सोनी हत्याकांड में पुलिस कार्रवाई से खौफजदा होकर भारती नामक महिला और उसके बेटों लव और चिंटू उर्फ चिराग ने जहर खा लिया. भारती और लव की इलाज के दौरान मौत हो गई. चिंटू की हालत गंभीर है. लव के चाचा दिनेश सोनी कहना है कि पत्रकार अनिल सोनी की हत्या में पुलिस ने लव और चिंटू से दो-तीन बार रात में पूछताछ की थी.

पुलिस का कहना है कि भारती ने सुसाइड नोट में लिखा है अनिल की मां मंजू उन पर हत्या का शक करती है जबकि हत्या से हम लोगों का कोई लेना-देना नहीं है. हम जीवनलीला समाप्त कर रहे हैं. उधर, लव ने सुसाइड नोट में लिखा है अनिल मेरे बड़े भाई की तरह था. मंजू मेरी बुआ लगती हैं. मेरा उसकी हत्या में कोई हाथ नहीं है. हमने पत्रकार के परिजन के शक के चलते यह कदम उठाया है.

एक अन्य जानकारी के मुताबिक जहर खाने वाली मां और उसके दो बेटे पुलिस से ज्यादा गुंडे जीतू बाबा से खौफजदा थे. उन्हें लग रहा था कि गुंडा पुलिस को रिश्वत देकर थाने में जमकर पिटवाएगा. पुलिस ने बेकसूर मानकर छोड़ भी दिया तो गुंडे के गुर्गे उन्हें जिंदा नहीं छोड़ेंगे. जहर खाने वाले चिंटू ने, जिसकी हालत स्थिर बताई जाती है, रविवार को तहसीलदार धीरज खरे को अपना बयान दिया.

परिजनों के मुताबिक चिंटू ने वही बात दोहराई जो भारती और लव के सुसाइड नोट में लिखी थी. उसने बताया एक सांध्य दैनिक में उन्होंने पत्रकार अनिल सोनी हत्याकांड में लव और चिंटू का नाम आने की खबर पढ़ी थी. इससे वे घबरा गए थे. उनका इस हत्याकांड से संबंध नहीं था. उन्होंने यह बात चाचा दिनेश को बताई और उन्हीं से दो हजार रुपए लेकर पचमढ़ी और फिर भोपाल गए. इस दौरान पुलिस ने दो बार उनके घर छापे मारे. इधर दोनों भाइयों ने रिश्तेदारों के मार्फत क्राइम ब्रांच में पेश होने की तैयारी भी कर ली थी. शनिवार को उन्हें पेश कराने के लिए ही इंदौर बुलाया था, लेकिन रास्ते में एक गांव से उन्होंने जहर खरीदा फिर अक्षत गार्डन पहुंचे. यहां उन्होंने जहर खाकर चाचा को कॉल लगाया. इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. इनपुट : भास्कर डॉट कॉम


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