लाठी न खरीद पाए तो लाठियों से पीटा

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: जौनपुर में पुलिस वालों ने दुकानदार को सरेआम बेइज्जत किया : कान में तेल डाल माया भजन गा रहे करमवीर और ब्रजलाल : यूपी पुलिस किस कदर बेलगाम हो गई है, इसके नित नए नए वाकये सामने आ रहे हैं. ऐसे ऐसे प्रकरण पता चल रहे हैं जिसे सुनकर किसी भी सभ्य इंसान का सिर शर्म से झुक जाए. लेकिन यूपी पुलिस के मुखिया करमवीर और उनके सहयोगी ब्रजलाल का सिर कतई शर्म से नहीं झुकता क्योंकि ये दोनों बेहद बेशर्म हो चुके हैं, अपनी जनता के प्रति, अपनी ड्यूटी के प्रति, अपने दायित्व के प्रति और लोकतंत्र के प्रति. इन दोनों अधिकारियों ने मान लिया है कि सिर्फ मायावती के प्रति निष्ठावान होने, सिर्फ मायावती के आगे सिर झुकाने के कारण उनका कोई बाल बांका नहीं कर सकता.

शायद इसी कारण उन्हें मुगालता है कि उनकी कुर्सी से उन्हें कोई नहीं हिला सकता. लेकिन इन बेशर्म अफसरों को यह नहीं पता है कि जब वक्त बदलता है कि बड़े से बड़े तुर्रम खां किस्म के लोगों को इतिहास के कूड़ेदान में लुढ़कने में वक्त नहीं लगता. आज इन दोनों अधिकारियों के हाथों में न्याय करने का दायित्व है तो ये अन्यायी बन चुके हैं, उत्पीड़न व अमानवीयता में भागीदार बने हुए हैं.

बात करते हैं जौनपुर में हुए एक वाकये की. खबर है कि गुरुवार को शहर के लाइन बाजार इलाके में एसओजी प्रभारी अमरेश सिंह बघेल और उनके सिपाही एक दुकान पर चुनाव ड्यूटी के लिए कुछ लाठियां खरीदने गए. ये पुलिस वाले मोलभाव करने लगे. औने-पौने दाम पर लाठियां बेचने के लिए वे दुकानदार पर दबाव बनाने लगे. ऐसे में दुकानदार ने लाठियां बेचने से मना कर दिया. बस, फिर क्या था. पुलिस को गुस्सा आ गया. एसओजी प्रभारी और उनके सिपाही उस दुकानदार को बाजार में सड़क पर खड़ा करके पिटाई करने लगे. उसे खुलेआम भद्दी भद्दी गालियों से नवाजने लगे. यह सब देख पूरे बाजार के दुकानदार जुट गए.

दुकानदारों की भीड़ बढ़ती देख पुलिस वाले चुपचाप जिप्सी में बैठ कर खिसक लिए. घटना के बाद बाजार के सभी दुकानदारों ने दुकानें बंद कर धरना देना शुरू कर दिया. दुकानदारों ने एसओजी प्रभारी और सिपाहियों के निलंबन की मांग की है. हमेशा की तरह, पुलिस अधिकारियों ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है. जिले के एसपी ने दुकानदारों से वादा किया कि वे जांच करवाकर दोषियों को दंडित करेंगे. जौनपुर व बनारस के कई व्यापारिक संगठनों ने पुलिस उत्पीड़न के इस घटना की निंदा की है और कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चलाने की बात कही है.  जौनपुर से ही एक अन्य खबर है कि जिले के थानागाद्दी इलाके में एक युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी है. उसने जान देने से पहले एक सुसाइड नोट लिख छोड़ा है जिसमें थानागादी के चौकी प्रभारी और कुछ सिपाहियों की प्रताड़ना के कारण आत्महत्या कर लेने की बात लिखी है.

करमवीर और ब्रजलाल, दोनों कानों में तेल डाल लो ताकि बाहर की चीख-पुकार न सुनाई पड़े. सुबह शाम सिर्फ माया के भजन गाओ ताकि कुर्सी सलामत रहे. दुकानदार सड़क पर पुलिस वालों द्वारा पीटे जाते रहें, निर्दोष महिलाएं थाने में बंधक बनाकर रखी जाएं, पुलिस से आतंकित नौजवान आत्महत्या कर ले, फोटोग्राफर को इंस्पेक्टर व सिपाही खुलेआम पीट दें..... ये सब हो तो हो, इसमें आप दोनों का भला क्या दोष.  दोष तो प्रदेश की जनता का है जो यूपी में जन्म लेने के कारण अपमानित और डंडे खाने को अभिशप्त है.

जौनपुर से आशीष श्रीवास्तव और दिल्ली से यशवंत सिंह की रिपोर्ट


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