पत्रकारों के सवालों से बौखलाए डीजीपी विश्वरंजन

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बीते साल नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ पुलिस को करारा झटका दिया है. नए साल पर पत्रकारों से पुलिस महानिदेशक की मुलाकात में इसका असर साफ दिखा. नक्सली मोर्चे पर असफल छत्तीसगढ़ पुलिस के कप्तान विश्वरंजन पत्रकारों के सवालों के जवाब देते-देते बौखला गए. उन्होंने सभी आंकड़ों को किनारे करते हुए कहा कि 2010 में नक्सली मोर्चे पर सुरक्षा बल को काफी कम नुकसान हुआ है, नक्सलियों को धकेला गया है, छत्तीसगढ़ पुलिस सजग, सतर्क और समर्थ है.

 

ये तो रही डीजीपी की बात. आइए बताते हैं कि पुलिस कितनी सजह है. पुलिस की सजगता पर पुलिस विभाग द्वारा दिए गए आंकड़े ही पानी फेर देते हैं. डीजीपी विश्वरंजन के सफेद झूठ की चुगली उनके विभाग के आंकड़े करते हैं.

वर्ष...शहीद जवान.....कर्मी.....जनता......नक्सली
2000.......20............0..........20..........0
2001.......7..............0.........23...........3
2002.......9..............3.........29...........5
2003......30.............3.........36..........10
2004......10.............3.........61..........13
2005......47.............3........126.........27
2006......39.............4........306.........73
2007.....124............3........166.........67
2008......64.............5........143.........66
2009.....101...........10........116.......113
2010.....161...........12........129........79

पुलिस महानिदेशक विश्वरंजन ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि पुलिस पिछले साल से ज्यादा अच्छा करना चाहती है. पत्रकारों ने जब पूछा कि अच्छाई का पैमाना क्या है तो इसका जवाब खुद डीजीपी साहब नहीं दे पाए.  विश्वरंजन कई सवालों पर उलझे और मौन धारण कर लिया. कुछ सवाल-जवाब पेश हैं...

1. सलवाजुडूम बंद क्यो हो गया..इसे सरकार का अघोषित समर्थन था..डीजीपी झल्लाए..बोले यह सरकार की योजना नहीं थी..इसके बाद मौन..

2. विनायक सेन के फैसले के दौरान रायपुर में मौजूद नक्सली महाराष्ट्र के गोंदिया में पकड़े गए, नेशनल हाईवे पर मौजूद करीब डेढ़ दर्जन थानों की पेट्रोलिंग गस्त इन्हें नहीं पकड़ पाई... छत्तीसगढ़ पुलिस का इंटेलिजेंस ब्यूरो क्या कर रहा था... डीजीपी ने कहा कितने ही संदिग्ध आते-जाते रहते हैं... सबको पकड़ लें तो रणनीति खत्म नहीं हो जाएगी..

3. नारायण सान्याल को आंध्र पुलिस ने पकड़ा और श्रेय ले रही है छत्तीसगढ़ पुलिस... जवाब था... हम उनके लोगों को यहां पकड़ते हैं..

4. पकड़े गए एकाध का नाम बत्ता दें... इस पर डीजीपी फिर चुप.

5. 2011 की क्या प्राथमिकता होगी... जवाब- 2010 से और अच्छा करेंगे... 2010 में क्या अच्छा किया... जवाब में उन्होंने गोलमोल उत्तर देकर इतिश्री कर ली..

6. एक पत्रकार ने पूछा- साल-दर-साल आपके हाथों की अंगूठियों की संख्या बढ़ती जा रही है... डीजीपी साहब इसका गोलमोल जवाब देते नजर आए.

डीजीपी विश्वरंजन की पत्रकार वार्ता के कुछ अंश आप इन दो वीडियोज के जरिए देख-सुन सकते हैं. क्लिक करें....

डीजीपी की पीसी1

डीजीपी की पीसी2

रायपुर से आरके गांधी की रिपोर्ट


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