उत्‍तराखंड के मुख्‍य सचिव सुभाष कुमार भारतीय नागरिक नहीं!

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उत्‍तराखंड के मुख्‍य सचिव एवं 1977 बैच के आईएएस सुभाष कुमार भारतीय नहीं बल्कि तिब्‍बती मूल के नागरिक हैं. उन्‍होंने गलत तरीके से अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र बनवाकर आईएएस परीक्षा में इसका लाभ लिया था. सुभाष कुमार ने एक दिसम्‍बर को जो शपथ पत्र केन्‍द्रीय प्रशासनिक अधिकरण, नई दिल्‍ली के समक्ष प्रस्‍तुत किया है, उसमें इनके पिता का नाम शेरिंग टेन्‍डप बताया गया है. उल्‍लेखनीय है कि टेन्‍डप उपनाम वाले लोग तिब्‍बती मूल के होते हैं तथा बौद्ध धर्म के अनुयायी होते हैं. यह आरोप लगाया है उत्‍तराखंड के मूल निवासी तथा लखनऊ में रहने वाले दिलीप कुमार सिंह विष्‍ट ने.

उन्‍होंने इसकी लिखित शिकायत प्रधानमंत्री, गृहमंत्री एवं कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्री को की है. श्री विष्‍ट ने तीनों मंत्रालयों को भेजी गई अपनी शिकायत में मांग की है कि सुभाष कुमार की सीबीआई जांच कराई जाय. तिब्‍बती शरणार्थी के रूप में आने के बावजूद सुभाष कुमार ने भारत की नागरिकता कैसे प्राप्‍त कर ली. और वे तिब्‍बती मूल के थे तो उन्‍होंने भारतीय संविधान के अन्‍तर्गत मान्‍यता प्राप्‍त अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र कैसे प्राप्‍त कर लिया, जबकि यह प्रमाण पत्र तो देश में चिरकाल से रह रही आदिवासी जनजातियों को ही दिया जा सकता है. श्री विष्‍ट ने इस संदर्भ में सबूत के तौर पर कई कागजात भी संलग्‍न किए हैं.


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