चंडीगढ़ में थानेदार ने पत्रकार को हड़काया

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लगता है चंडीगढ पुलिस अपने आदर्श वाक्य चंडीगढ़ पुलिस सदैव आपके साथ पर अमल नहीं करती है। उच्चाधिकारी पुलिस-पब्लिक के बेहतर तालमेल के दावे करते हैं जबकि नीचे के अफसर तालमेल बिगाडऩे में लगे हुए हैं। सेक्टर-19 के थानाधिकारी जनक राणा ने ऐसा ही किया है। देशसेवक के क्राइम रिपोर्टर अमन लूना द्वारा एक खबर के बारे में पूछने पर राणा को पता नहीं क्यों गुस्सा आ गया और उन्होंने जानकारी देने से साफ मना कर दिया।

पहले उन्होंने पीआरओ से ही पता करने को कहा। जब अमन को वहां से कुछ पता नहीं चला तो उन्होंने फिर से जनक राणा से संपर्क किया इस बार राणा का पारा चढ़ गया। उन्होंने जिस लहजे में पत्रकार से बात की उससे एक बार तो उसे यही लगा कि कहीं फोन गलत तो नहीं लग गया। सेक्टर 19 थाना क्षेत्र में एक दुर्घटना को लेकर पत्रकार जानकारी चाहता था लेकिन उसे कुछ नहीं बताया गया। जब दोनों में बात बढ़ गई तो पत्रकार ने कह दिया मुझे आपके अफसर से शिकायत करनी पड़ेगी तो थानाधिकारी ने कह दिया चाहे जिससे शिकायत कर दो, जानकारी मुझसे तो अब मिलने से रही। उच्चाधिकारी अपने मातहत अधिकारियों पर नजर रखें वरना वर्दी की धौंस में ये लोग उनके वादे हवा में उड़ा सकते हैं।

आईजी प्रदीप श्रीवास्तव और एसएसपी नौनिहाल सिंह गौर करें कि थानाधिकारी जनक राणा ने पत्रकार के साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया। क्या थाना क्षेत्र में किसी घटना की जानकारी मीडिया को देना गलत है? अगर नहीं तो उन्होंने मना क्यों कर दिया। अमन लूना ने जनक राणा की शिकायत एसएसपी नौनिहाल सिंह को लिखित में दी है। 24 घंटे बाद तक उनको कोई जवाब नहीं मिला है।

चंडीगढ़ से महेंद्र सिंह राठौड़ की रिपोर्ट.


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