फिर से प्रकाशित होगा संध्‍या प्रहरी, जीवन ज्‍योति बने ब्‍यूरो प्रमुख

E-mail Print PDF

बिहार में एक जमाने में लालू प्रसाद यादव की सत्ता की नींव हिला देने वाला राज्य का एकमात्रा सांध्य दैनिक “संध्या प्रहरी” फिर से नए तेवर में प्रकाशित होने को तैयार है। प्रबंधन के अंदरूनी विवाद के बाद दो बार बंद हो चुके संध्या प्रहरी का नया रूप जल्द ही सामने होगा। इस बार इस अखबार को बड़े पैमाने और धमाकेदार अंदाज में बाजार में उतारने की तैयारी तकरीबन पूरी हो चुकी है।

नए तेवर में शुरू होने जा रहे इस अखबार का प्रकाशन फिर संध्या प्रहरी के नाम से किया जाएगा। प्रबंधन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पटना में अखबार की धमाकेदार शुरूआत के लिए बड़े मीडिया हाउस से जुड़े मंजे हुए खिलाड़ियों को संपादकीय विभाग में जगह दी गई है। बिहार के प्रमुख हिन्दी दैनिक ”हिन्दुस्तान“ और ”राष्ट्रीय सहारा“ जैसे बड़े मीडिया हाउस में काम कर चुके जीवन ज्योति को पटना का ब्यूरो प्रमुख बनाया गया है।

संपादक के रूप में ”दैनिक जागरण“ तथा ”प्रभात खबर“ में काम कर चुके एक युवा वरिष्ठ पत्रकार को स्थानीय संपादक बनाने की भी तैयारी है। बताया जाता है कि संपादक पर अंतिम निर्णय आगामी 30 मार्च को होने वाली एक प्रमुख बैठक में ली जानी है। इस बार संध्या प्रहरी को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक पैमाने पर प्रचार-प्रसार की भी तैयारी चल रही है।

प्रबंधन एवं संपादकीय विभाग के बीच एक करार भी किया गया है, जिसमें यह बात प्रमुखता से रखी गई है कि खबरों के प्रकाशन के मामले में प्रबंधन द्वारा किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। इस बीच संध्या प्रहरी में बड़े पैमाने पर वरिष्ठ संवाददाता, संवाददाता, जिला संवाददाता, फोटोग्राफर, विज्ञापन, प्रसार समेत अन्य पदों की भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। प्रेस विज्ञप्ति


AddThis
Comments (17)Add Comment
...
written by ranjan sinha, April 12, 2011
bahut acchi khawar hai.svi ko badhai.
...
written by abhishek kuma jha, March 31, 2011
ummido pe duniya tiki hai
...
written by abhishek kuma jha, March 31, 2011
prabandhan se ummid karta hun ki is bar nae yuva patrakaro ko thaga nahin jaega aur unhe uchhit mehnatana milne k sath sath kuchh sikhne ko v milega . hamare aur hamare mitro ki tarah koi anya yuva thaga na jae aur samachar patra ka prakasan prarambh ho jae iswar se meri yahi prarthana hai .
...
written by B4M, March 31, 2011
' संध्या प्रहरी' के पुनः
प्रकाशन पर बधाई!

सत्ता के शीश महल पर शब्दों के पत्थर मारने वाले हर दिल अजीज शायर दुष्यंत कुमार ने कहा था. "मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए." "संध्या प्रहरी" के पटना से पुनः प्रकाशित होने की खबर से मुझे कुछ ऐसा ही अहसास हुआ. मैं नहीं जानता प्रकाशक कौन हैं मगर मैं हृदय से उन्हें धन्यवाद देता हूँ. साथ ही कामना भी करता हूँ की वे ईमानदारी की ज़मीन पर खड़े होकर सच कहने की हिम्मत के साथ आगे बढ़ें. पटना के पाठक साक्षी हैं कि मैंने अपनी लेखनी से इस नाम को जन्म देकर किस बुलंदियों तक इसे पहुँचाया था. एक कहावत है कि "अमरपक्षी अपनी ही भस्मियों से पुनः जीवित हो उठता है और कहावतें सच भी हो सकती है. सम्पादकीय टीम एवं प्रकाशक मेरी शुभकामनाएँ स्वीकार करें !
अंजनी कुमार विशाल
पूर्व संपादक
संध्या प्रहरी
पटना एवं दिल्ली संस्करण
मो. ०९७०८३०९८२१
पटना
...
written by uday kumar mishra, March 29, 2011
badhai.
...
written by Anjani Kumar Vishal, March 29, 2011
' संध्या प्रहरी' के पुनः
प्रकाशन पर बधाई!

सत्ता के शीश महल पर शब्दों के पत्थर मारने वाले हर दिल अजीज शायर दुष्यंत कुमार ने कहा था. "मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए." "संध्या प्रहरी" के पटना से पुनः प्रकाशित होने की खबर से मुझे कुछ ऐसा ही अहसास हुआ. मैं नहीं जानता प्रकाशक कौन हैं मगर मैं हृदय से उन्हें धन्यवाद देता हूँ. साथ ही कामना भी करता हूँ की वे ईमानदारी की ज़मीन पर खड़े होकर सच कहने की हिम्मत के साथ आगे बढ़ें. पटना के पाठक साक्षी हैं कि मैंने अपनी लेखनी से इस नाम को जन्म देकर किस बुलंदियों तक इसे पहुँचाया था. एक कहावत है कि "अमरपक्षी अपनी ही भस्मियों से पुनः जीवित हो उठता है और कहावतें सच भी हो सकती है. सम्पादकीय टीम एवं प्रकाशक मेरी शुभकामनाएँ स्वीकार करें !
अंजनी कुमार विशाल
पूर्व संपादक
संध्या प्रहरी
पटना एवं दिल्ली संस्करण
मो. 09708309821
पटना


...
written by Anjani Kumar Vishal, March 29, 2011
' संध्या प्रहरी' के पुनः
प्रकाशन पर बधाई!

सत्ता के शीश महल पर शब्दों के पत्थर मारने वाले हर दिल अजीज शायर दुष्यंत कुमार ने कहा था. "मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए." "संध्या प्रहरी" के पटना से पुनः प्रकाशित होने की खबर से मुझे कुछ ऐसा ही अहसास हुआ. मैं नहीं जानता प्रकाशक कौन हैं मगर मैं हृदय से उन्हें धन्यवाद देता हूँ. साथ ही कामना भी करता हूँ की वे ईमानदारी की ज़मीन पर खड़े होकर सच कहने की हिम्मत के साथ आगे बढ़ें. पटना के पाठक साक्षी हैं कि मैंने अपनी लेखनी से इस नाम को जन्म देकर किस बुलंदियों तक इसे पहुँचाया था. एक कहावत है कि "अमरपक्षी अपनी ही भस्मियों से पुनः जीवित हो उठता है और कहावतें सच भी हो सकती है. सम्पादकीय टीम एवं प्रकाशक मेरी शुभकामनाएँ स्वीकार करें !
अंजनी कुमार विशाल
पूर्व संपादक
संध्या प्रहरी
पटना एवं दिल्ली संस्करण
मो. ०९७०८३०९८२१
पटना


...
written by Anjani Kumar Vishal, March 29, 2011
' संध्या प्रहरी' के पुनः
प्रकाशन पर बधाई!

सत्ता के शीश महल पर शब्दों के पत्थर मारने वाले हर दिल अजीज शायर दुष्यंत कुमार ने कहा था. "मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए." "संध्या प्रहरी" के पटना से पुनः प्रकाशित होने की खबर से मुझे कुछ ऐसा ही अहसास हुआ. मैं नहीं जानता प्रकाशक कौन हैं मगर मैं हृदय से उन्हें धन्यवाद देता हूँ. साथ ही कामना भी करता हूँ की वे ईमानदारी की ज़मीन पर खड़े होकर सच कहने की हिम्मत के साथ आगे बढ़ें. पटना के पाठक साक्षी हैं कि मैंने अपनी लेखनी से इस नाम को जन्म देकर किस बुलंदियों तक इसे पहुँचाया था. एक कहावत है कि "अमरपक्षी अपनी ही भस्मियों से पुनः जीवित हो उठता है और कहावतें सच भी हो सकती है. सम्पादकीय टीम एवं प्रकाशक मेरी शुभकामनाएँ स्वीकार करें !
अंजनी कुमार विशाल
पूर्व संपादक
संध्या प्रहरी
पटना एवं दिल्ली संस्करण
मो. ०९७०८३०९८२१
पटना


...
written by Anjani Kumar Vishal, March 29, 2011
' संध्या प्रहरी' के पुनः
प्रकाशन पर बधाई!

सत्ता के शीश महल पर शब्दों के पत्थर मारने वाले हर दिल अजीज शायर दुष्यंत कुमार ने कहा था. "मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए." "संध्या प्रहरी" के पटना से पुनः प्रकाशित होने की खबर से मुझे कुछ ऐसा ही अहसास हुआ. मैं नहीं जानता प्रकाशक कौन हैं मगर मैं हृदय से उन्हें धन्यवाद देता हूँ. साथ ही कामना भी करता हूँ की वे ईमानदारी की ज़मीन पर खड़े होकर सच कहने की हिम्मत के साथ आगे बढ़ें. पटना के पाठक साक्षी हैं कि मैंने अपनी लेखनी से इस नाम को जन्म देकर किस बुलंदियों तक इसे पहुँचाया था. एक कहावत है कि "अमरपक्षी अपनी ही भस्मियों से पुनः जीवित हो उठता है और कहावतें सच भी हो सकती है. सम्पादकीय टीम एवं प्रकाशक मेरी शुभकामनाएँ स्वीकार करें !
अंजनी कुमार विशाल
पूर्व संपादक
संध्या प्रहरी
पटना एवं दिल्ली संस्करण
मो. ०९७०८३०९८२१
पटना


...
written by Anjani Kumar Vishal, March 29, 2011
' संध्या प्रहरी' के पुनः
प्रकाशन पर बधाई!

सत्ता के शीश महल पर शब्दों के पत्थर मारने वाले हर दिल अजीज शायर दुष्यंत कुमार ने कहा था. "मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए." "संध्या प्रहरी" के पटना से पुनः प्रकाशित होने की खबर से मुझे कुछ ऐसा ही अहसास हुआ. मैं नहीं जानता प्रकाशक कौन हैं मगर मैं हृदय से उन्हें धन्यवाद देता हूँ. साथ ही कामना भी करता हूँ की वे ईमानदारी की ज़मीन पर खड़े होकर सच कहने की हिम्मत के साथ आगे बढ़ें. पटना के पाठक साक्षी हैं कि मैंने अपनी लेखनी से इस नाम को जन्म देकर किस बुलंदियों तक इसे पहुँचाया था. एक कहावत है कि "अमरपक्षी अपनी ही भस्मियों से पुनः जीवित हो उठता है और कहावतें सच भी हो सकती है. सम्पादकीय टीम एवं प्रकाशक मेरी शुभकामनाएँ स्वीकार करें !
अंजनी कुमार विशाल
पूर्व संपादक
संध्या प्रहरी
पटना एवं दिल्ली संस्करण
मो. ०९७०८३०९८२१
पटना


...
written by Gourav, March 27, 2011
Jiwan ji ki khabren Rashtriya Sahara mein Zabardast tarike se dikhti theen. Ab usse v jyada tewar hoga kyunki Sandhya Prahri k dhamakedar andaz jo hai. Best Wishes
Gourav Gopal
...
written by sonukishan, March 26, 2011
acchi khabar hai. lekin sampadak kaun hai?
...
written by sonukishan, March 26, 2011
acchi khabar hai. lekin sampadak kaun hai?
...
written by sonukishan, March 26, 2011
acchi khabar hai. kai journalist ko rojgar milega. lekin sampadak kaun hai?
...
written by Vikash Rastogi, March 26, 2011
Nai Uchai Chune k Liye Badhai.
...
written by Pinky Sinha, March 26, 2011
Dear Sir, Congrats. Vacancy kaise Bhejni hai yeh nhi likha gya hai. kripya mail id uplabdh karwaen. Pinky
...
written by jaishanker suman, March 26, 2011
जीवन ज्योति जी आपको मुबारक हो
शायद आपको मेरा चेहरा याद न हो मै संध्या प्रहरी में काम कर चूका हु , अब फिलहाल दिल्ली और धौलपुर राजस्थान से प्रकाशित एक हिंदी दैनिक अखबार का हरियाणा प्रदेश ब्यूरो चीफ हु
मै उम्मीद करता हूँ की फिर से वही जलवा और ताजापन बरकरार रहे
जयशंकर सुमन 9811833296

Write comment

busy