हत्या के मामले में तीन अखबारों के पत्रकार फंसे!

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इंदौर के मीडिया जगत में तूफान मचा हुआ है. हत्या के आरोपों में गिरफ्तार कुछ लोगों ने पुलिस व मीडिया के सामने खुलासा किया है कि पत्रिका अखबार के शैलेंद्र सिंह, पीपुल्स समाचार के पवन सिंह राठौर और सांध्य दैनिक अखबार प्रभात किरण के कैलाश यादव ब्लैकमेल किया करते थे. ब्लैकमेल करने वालों में संजय ठाकरे भी था जिसकी हत्या हुई है. इस प्रकरण की खबर दैनिक भास्कर ने इंदौर एडिशन में पहले पन्ने पर प्रकाशित की है और बाकायदे पत्रिका और पीपुल्स समाचार अखबारों के नाम भी प्रकाशित किए हैं. भास्कर की खबर इस तरह है-

: इंदौर के संजय ठाकरे हत्याकांड में नया खुलासा : ब्लैकमेलिंग के कारण हुई ठाकरे की हत्या! : पत्रिका, पीपुल्स समाचार के पत्रकारों पर भी लगा आरोप : इंदौर : संजय ठाकरे हत्याकांड में आरोपियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह कहकर नया मोड़ दे दिया कि वे ब्लैकमेलिंग से तंग आ चुके थे। उन्होंने कहा कि पत्रिका के कोई सिंह और पीपुल्स समाचार के पत्रकार उन्हें फोन करके डराते थे। इस पर पुलिस का कहना है कि वह कॉल डिटेल के आधार पर पूरे मामले की तस्दीक कर रही है। इधर शहर के बाशिंदों का कहना है कि तुलसी नगर रहवासी संघ के अध्यक्ष के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी ही चाहिए। साथ ही इस मामले का पूरी तरह खुलासा भी होना चाहिए क्योंकि ब्लैकमेलिंग के धंधे ने शहर की फिजां खराब कर दी है।

तुलसीनगर रहवासी एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय ठाकरे की हत्या का कारण ब्लैकमेलिंग था। हत्या के आरोप में गिरफ्तार किशोर पटेल ने कहा है कि ठाकरे व कुछ मीडियाकर्मियों की ब्लैकमेलिंग से तंग आकर मैंने ठाकरे की हत्या करवाई। आरोपी पटेल ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि मैं चार लाख रुपए दे चुका था और यह लोग मुझसे आठ लाख रुपए और मांग रहे थे। पुलिस ने इस मामले में पटेल व उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि गोली मारने वाला बिहार का शूटर फरार है। पुलिस के मुताबिक निपानिया सरपंच हेमलता पटेल के पति किशोर ने ब्लैकमेलिंग से तंग आकर बिहार के समस्तीपुर निवासी बलविंदर को संजय ठाकरे की हत्या के लिए दो लाख रुपयों की सुपारी दी थी।

कॉल डिटेल्स की भी जांच होगी : आरोपी किशोर पटेल ने बताया हत्या ब्लैकमेलिंग के कारण हुई है। हेमराज जाट का संबंध संजय ठाकरे से था। आरोपियों ने मीडियाकर्मियों के बारे में भी कुछ बातें कहीं हैं। तस्दीक की जा रही है। बलविंदर की तलाश में तीन टीमें लगाई गई हैं। संजय ठाकरे और किशोर पटेल की कॉल डिटेल की जांच भी की जा रही है। -महेशचंद जैन,एएसपी

जाट ने आरोपों को झुठलाया : किशोर पटेल ने क्राइमब्रांच के रिटायर्ड टीआई हेमराज जाट पर भी आरोप लगाए हैं। भास्कर ने जब जाट से सवाल किए तो उन्होंने कहा कि पुलिस की पूरी कहानी गलत है और वह बिल्डरों को बचा रही है। मेरे घर के सामने बोरिंग जरूर हुआ है। लेकिन वह स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र हार्डिया के कोटे से मंजूर हुआ था।

: आठ लाख रुपए मांग रहे थे- किशोर पटेल :

मीडिया- तुमने ठाकरे की हत्या क्यों की?

किशोर- ये लोग मुझे ब्लैकमेल करते थे। चार लाख रुपए हेमराज जाट और संजय ठाकरे ने मुझसे ले लिए थे। पहले दो लाख दिए, फिर एक लाख दिए, फिर सत्तर हजार दिए, फिर तीस हजार रुपए दिए। मेरे को रोज ब्लैकमेल करते थे। दो महीने पहले पैसे दिए। एक हेमराज जाट के घर के बाहर और दूसरा तुलसीनगर में रह रही ठाकरे की बहन के घर के बाहर बोरिंग कराया। दो महीने बाद वे मुझसे फिर आठ लाख रुपए की मांग करने लगे।

मीडिया- ये लोग तुम्हें ब्लैकमेल क्यों करते थे?

किशोर- बस पेपरबाजी करवाते थे, कहते थे हम तुम्हारा यह नाम छाप देंगे, वो छाप देंगे।

मीडिया - कौन लोग फोन करते थे?

किशोर- पत्रिका से कोई सिंह करके हैं, पीपुल्स समाचार और एक शाम के अखबार से भी हैं, बस यही तीन-चार जनों के नाम मालूम हैं।

मीडिया- क्या रोल था?

किशोर- ये लोग फोन करके डराते थे। ये धर्मशाला बना रहे हो नाले पर, यह अवैध बना रहे हो।


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