मंगलवार से बदल जाएगी हिंदुस्‍तान की शक्‍ल और सूरत

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मंगलवार को जो हिंदुस्‍तान अखबार आपके हाथ में होगा उसकी शक्‍ल, सूरत और सीरत तीनों बदली होगी. हिंदुस्‍तान प्रबंधन सिर्फ ले आउट ही नहीं कांसेप्‍ट में भी बदलाव करने जा रहा है. ये बदलाव हिंदुस्‍तान के सभी एडिशनों और सेंटरों पर एक साथ लागू होगा. अखबार के मास्‍ट हेड के साथ ले एलाइनमेंट को भी बदला गया है.

हिंदुस्‍तान प्रबंधन ने सभी सेंटरों पर ट्रेनिंग का काम पूरा कर लिया है. पूर्वी उत्‍तर प्रदेश के वरिष्‍ठ संपादकीय सहयोगियों और पेज डिजाइनरों की ट्रेनिंग लखनऊ में हुई तो एनसीआर और वेस्‍ट यूपी के लोगों को दिल्‍ली में बुलाकर सब कुछ तरीके से समझाया गया. अन्‍य राज्‍यों में भी मुख्‍य सेंटरों पर सभी को नए ले आउट के बारे में अनिता जी और संजय अभिज्ञान ने बताया.

मंगलवार से जो अखबार पाठकों के हाथ में होगा उसका दूसरा पेज यूथ केंद्रित होगा. यानी ये पेज युवाओं को समर्पित रहेगा. पांच नम्‍बर पेज क्राइम पेज होगा. इस पर क्राइम से जुड़ी खबरें रहेंगी. समस्‍त एडिशनों में किसी विषय पर संडे स्‍पेशल आरई लिखेंगे या शहर के किसी विशेषज्ञ से लिखवाया जाएगा. और सभी एडिशनों की बॉटम स्‍टोरी लोकल होगी. और इस बॉटम स्‍टोरी का टोन सदैव पाजिटिव रहेगा.

सप्‍ताह में एक दिन स्‍थानीय स्‍तर पर व्‍यंगात्‍मक खबरें पाठकों को परोसी जाएंगी. तीन दिन स्‍थानीय समस्‍याओं पर फोकस करती हाफ या फुल पेज की स्‍टोरी सभी एडिशनों को देनी होंगी. सभी एडिशनों के लोगों को चार से छह दिन की ट्रेनिंग दी जा चुकी है. अब सीधा मैदान में उतरने को भेज दिया गया है. फिलहाल 16 पेज का ले आउट तैयार किया गया है. लोकल खबरों के पेज बढ़ने की स्थिति में स्‍थानीय स्‍तर पर रणनीति बनाई जाएगी.

मास्‍ट हेड को भी बदला जा रहा है. नए डिजाइन में मास्‍ट हेड लेफ्टी हो जाएगा. यानी थोड़ी बाएं हो जाएगा 'नया नजरिया तरक्‍की का' (ये स्‍लोगन होगा). हिंदुस्‍तान के नए ले आउट को ऑस्‍ट्रेलियाई कंपनी मारियो गाजिया ने तैयार किया है. फांट साइज के भी प्‍वाइंट तीन बढ़ा दिया गया है. यानी आगे बढ़ने की पूरी तैयारी है. अब देखना है कि पाठक इस नए तेवर और कलेवर को कितना पसंद करते हैं.


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Comments (8)Add Comment
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written by Krishna Murari Pandey 094314 48840, June 28, 2011
Waaaaaaaaaaah! Rajkumar G, Aapne Kya Khoob Kahi Hai........
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written by sanjay, April 11, 2011
gorakhpur me महारथी और मठाधीश बदलने की jarurat है.
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written by Bewak bahi dhanbad, April 11, 2011
galat reporter ko badali. tavi hindustan kuch kar payaga
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written by rashbihari dubey, April 11, 2011
sahi admi bhi rakho.jamshedpur me devendra singh jaise dhakkan log hindustan me hain.rajesh ojha jaise dalal han,ab kaise badhega ye to prabandhan janta hai.dalali first ,report baad me...
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written by शिशिर, April 11, 2011
नई बोतल में पुरानी शराब वाली कहावत को चरितार्थ कर रहा है हिन्दुस्तान. हिन्दुस्तान का रांची प्रबंधन काफी सुस्त है. फ्रीलांसरों को काफी ऊपापोह में रखा जाता है. डाक टिकट लगा+पता लिखा लिफाफा भेजने के बावजूद अस्वीकृत रचनाओं को वापस नहीं किया जाता. ना ही स्वीकृति/अस्वीकृति की कोई सूचना भेजी जाती है. घनश्याम जी पता नहीं किस गुरूर में रहते हैं. रविवासरीय पेज को उन्होंने ज्योतीषियों व पंडों का मंच बना दिया है. बेहतर होगा कि हिन्दुस्तान प्रबंधन पाठकों के साथ साथ फ्रीलांसरों को भी बराबर महत्व दे.
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written by ravi, April 10, 2011
hindustan ka pichle 5 sal me ye chauthi-panchwi relaunching hai.Content basi tirasi hai.natija sifer hi niklega.rang rogan se samachar patra nai bikta balki khabro se bikta hai.jo kasekam hindustan me nahi hai.
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written by sunit, April 10, 2011
खुद की तरक्की कर चुके संपादकाचार्य अब पाठकों की तरक्की कराएंगे....वाह...वाह...वाह...क्या बात है।
हिंदुस्तान का तो अब खुदा ही मालिक है......आईआरएस मैनेज कर लेते हैं तो इनको लगता है पाठकों को भी चूतिया बना सकते हैं। झारखंड में नंबर तीन तो हो ही चुके हैं, अब बिहार की बारी है। नंबर तीन का पुख्ता अखबार यानी कनफर्म्ट थर्ड ग्रेड अखबार बनाकर ही मानेगें संपादकाचार्य महोदय।
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written by rajkumar, April 10, 2011
सवाल कलेवर का नहीं,ख़बरों और ताज़ा ख़बरों का है यशवंत जी.हिंदुस्तान आगरा के महारथी तो पुरानी तो पुरानी,चुरायी हुई खबरें तक पाठकों को पेले दे रहे है ! शशि जी समझते है कि हिंदुस्तान के पाठक कोई दूसरा अखबार लेते ही नहीं सो उन्हें कोई भी खबर चाहे जब पेल दो,हमेशा ताज़ा ही रहेगी.अब कोई शशि जी को समझाए कि कम से कम आगरा में तो जरुरत कलेवर के बदलने की नहीं , महारथी और मठाधीश बदलने की है.

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