टाटा सन्स ने "आउटलुक" पत्रिका पर मानहानि का दावा ठोका

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मुंबई। टाटा सन्स प्राइवेट लिमिटेड ने अपने खिलाफ लेख छापे जाने पर एक समाचार पत्रिका पर मानहानि का केस दर्ज किया है। मुकदमें में टाटा सन्स ने दावा किया है कि उसके खिलाफ मैग्जीन में छापे गए लेख झूठे है और इससे कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। कंपनी ने "आउटलुक" पत्रिका के उस लेख के खिलाफ मुंबई की मेट्रोपोलिटन अदालत में मानहानि का दावा किया है जिसमें लिखा गया था कि टाटा सन्स ने 2002 में वीएसएनएल में विनवेश के दौरान तत्कलीन विनिवेश मंत्री अरूण शौरी से अनुचित फायदा उठाया था।

कंपनी ने दावा किया है कि 28 मार्च 2011 और 4 अप्रेल 2011 को पत्रिका में छपे लेखों से उसकी व टाटा समूह के व्यापार की साख को बट्टा लगा है। कंपनी ने आरोप लगाया कि ये लेख जूठे व बेबुनियाद हैं और इनमें तथ्यों की सही पड़ताल नहीं की गई है। साभार : राजस्थान पत्रिका


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Comments (3)Add Comment
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written by BIJAY SINGH, April 12, 2011
TATA ka ye purana dhandha hai.Alok tomar ke rahte Tata kabhi case karne ka himmat nahi juta payi,Alok ji ke jate hi company sher ho gayi.
TATA ke log imandari se kahe ki wo puri tarah se pak saf hain.tape me nijta ka naam lekar kyon ghabra rahe hain.
OUT LOOK ko ghabrane ki jarurat nahi hai,ye drama ye log kayi akhbaron ke sath kar chuke hain.
waisi kaoun si pratibha Neera radia me thi ,jo usse pure group ka kam diya gaya?


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written by कुमार सौवीर, April 12, 2011
अरे, तो क्‍या अभी तक टाटा संस का सम्‍मान बचा हुआ है जो मानहानि का दावा ठोंक दिया।
कम्‍माल है भैया।
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written by मदन कुमार तिवारी , April 12, 2011
एक शब्द है हिंदी में " दोगलापन" । टाटा जैसे लोग निजता की स्वतंत्रता की बात करते हैं । अभिव्यक्ति की आजादी की बात करते है । बडे-बडे समारोहो में जाकर खुब भाषणबाजी करते हैं लेकिन जब उनके उपर उंगली उठती है तो कांटा चुभा गाने लगते हैं। मीडिया हाउसों के साथ भी यही बात है , कोई समाचार उनकी गलत करनी के खिलाफ़ छपा नही कि मानहानी का मुकदमा दाखिल । मैं तो ओउट लुक को सलाह दुंगा की इसे चुनौती की तरह लो । सिर्फ़ मुकदमे में अपना बचाव हीं मत करो , अब लग जाओ यह जांच पडताल करने में की इस टाटा सन्स की प्रतिष्ठा कितनी है, क्या- क्या गगaतत सलत काम करती हैं टाटा की फ़र्में। एक गुरु मंत्र देता हूं। इस देश में कोई व्यवसायिक घराना इमानदार नही है , जरुरत है सिर्फ़ जांच करने की ।

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