हिंदुस्‍तान ने सपाइयों से चने बिकवाया

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हिंदुस्‍तानइस बार तो हिन्दुस्तान ने गलतियों की सारी सीमाएं ही पार कर दी हैं। मेल को फीमेल और फीमेल को मेल बना दिया तो सपा जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायकों से चने बिकवा दिये। वाकया है हिन्दुस्तान के बदायूं के 24 अप्रैल के अंक का। पेज तीन पर एक खबर छपी है जिसका हेडिंग है पालिका प्रशासन के खिलाफ भड़का गुस्सा। इस खबर में वार्ड 12 के सदस्य समर हारून के नेतत्व में धरना प्रदर्शन दिखाया गया है।

पहली बात तो यह है कि समर हारून एक महिला हैं जबकि खबर में उन्हें पुरुष दर्शाया गया है और दूसरी बात ये है कि जिन महोदय ने धरना दिया है वह समर हारून के पति हारून खां है। यानी हिन्दुस्तान ने महिला सभासद को तो पुरूष बना दिया और फोटो उनके पति की छाप दी। धरने में कहीं भी महिला सभासद की उपस्थिति नहीं थी। यानी मेल को बना दिया फीमेल और फीमेल को मेल।

बात यहीं तक होती तो भी सही थी दूसरी खबर में तो हिन्दुस्तान ने इंतहा ही कर दी है। पेज चार पर एक खबर छपी है सपा प्रत्याशियों ने शुरू किया चुनाव प्रचार। इस खबर में सपा के पूर्व विधायकों, मन्त्रियों और जिलाध्यक्ष का फोटो छपा है और नीचे फोटो लाइन (कैप्‍शन) लगी है जिला अस्पताल के ओपीडी में चने बेचता आदमी। यानी सारे सपाई अब ओपीडी में चने बेच रहे हैं।

हिंदुस्‍तान

इसी पेज पर एक अन्य खबर का हेडिंग देखिये 'भाजपा ने सरकार के सिर फोड़ महंगाई का ठीकरा' यानी इतना मोटा हेडिंग ही गलत। साफ है कि हिन्दुस्तान बदायूं के ब्यूरो ऑफिस के रिपोर्टर और बरेली में बैठे डेस्क के लोग पता नहीं क्या कर रहे हैं। लगता है कि काम करते हुए ये लोग चने खाने में व्यस्त रहते हैं तभी तो इतनी गलतियां हो रही हैं।

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.


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