मुसलमानों ने किया भास्‍कर का बहिष्‍कार, प्रतियां फूंकी

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मध्‍य प्रदेश में मुसलमान भास्‍कर से खफा हैं. मुसलमानों ने दैनिक भास्‍कर, माय एफएम और बीटीवी का बहिष्‍कार करने का निर्णय लिया है. मुसलमानों की संस्‍था मध्‍य प्रदेश तंजीम इत्‍तेहादउल मुलसेमीन ने यह फरमान जारी किया है. मुसलमानों ने आरोप लगाया है कि भास्‍कर मुस्लिम कौम को बदनाम करने और नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रहा है.

नाराज मुसलमानों ने दैनिक भास्‍कर की प्रतियां भी जलाईं तथा पूरे समाज से दैनिक भास्‍कर को न पढ़ने की अपील की. कई मुस्लिम संस्‍थाओं की बैठक में मुसलमानों से भास्‍कर अखबार न खरीदने का आह्वान किया गया.

भास्‍कर

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Comments (11)Add Comment
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written by Dr Mustaqeem Rao Amar Bharti, July 05, 2011
distt saharanpur mein roads ki halat bad se badtar logo ko aane jane mein ho rahi hai pareshani
state government hai laparwah kya state government chunav se theek pahle sadaken banva kar janta ke 4 varso ke jakhmo ko bhula kar unka vote hadap liya jaye
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written by u.s.awasthy, May 31, 2011
भास्कर ने ऐसा क्या छाप दिया पूरी बात समझ में ही नहीं आ रही है
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written by adil bhai, April 29, 2011
अरे भाई ये तो बताओ की मामला क्या है भास्कर ने ऐसा क्या छाप दिया पूरी बात समझ में ही नहीं आ रही है
मैं अपना मोब.नंबर 09300533007 और ईमेल [email protected] दे रहा अगर सार्वजनिक तौर पर आप पूरी जानकारी नहीं दे सकते तो मेरे मोब./ईमेल पर दे दीजिये |
आदिल अज़ीज़
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written by sanyogita, April 29, 2011
केवल बहिष्कार से काम नहीं चलेगा ! ज़ाकिर जी,आपने इस मसले में अपनी बात रखी और साफ़गोई से ये भी माना कि -मुझे पूरा मजमून पता नहीं है,-लेकिन इसके आगे की बात से मैं सहमत नहीं हूं,मौज़ूदा हालात को सुधारना होगा.मैं इस बात में आपके साथ हूं मगर इसे दूसरे छोर पर मत ले जाईए प्लीज़,मैं आपके विचारों से सहमत हूं,मेरे जैसे कई लोग आपके साथ होंगे.फिर ये लिखने क्या ज़रूरत है कि - मुस्लिम समाज को मीडिया की ताकत को समझना चाहिए और उर्दू के साथ साथ हिंदी और अंग्रेजी अखबार शुरू करने के बारे में सोचना चाहिए -इस तरह से हर तबके,हर मज़हब का अख़बार होगा.ये हम जैसे लोगों का अपमान नहीं होगा जो बिना किसी धर्म,मज़हब,जाति-पाति के सिर्फ इंसानियत की बात करना चाहते है। मौज़ूदा मीडिया भी हम सब का है और इसकी ग़लत बांतों पर विरोध भी हम सबका है। हम आपके साथ है।
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written by Prashant , April 28, 2011
Sab Jamajamaya Khel Hai. Kisi Dusre Akhbar Ne in Logo ko Kharida Hai.
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written by mayank sharma, April 28, 2011
Sab Jamajamaya Khel Hai. Kisi Dusre Akhbar Ne in Logo ko Kharida Hai.
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written by mayank sharma, April 28, 2011
Inhone Kisi Dusre News Paper Se Paise Lekar Yah Kiya hai. Kyuki Dainik Bhaskar Bina Thathyo Ke Koi Bhi khabar Nai Chapta Hai. Madhaypradesh me Dusra Akhbar Kafi Peeche hai. Yah usiki chaal Hai. Jo Log Akhbar ki Holi Jala Rahe hai Unko Pata Bhi Nahi Hoga ki Hum Akhbar Kyo Holi Jala Rahe hai
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written by umair barabanki, April 28, 2011
virodh theek hai lekin isse zyada zaruri ye hai ki hum apne muddon ki sakaratmak cheezen media ke samne rakhen kyonki media hi hamari awaz hai.
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written by zakir hussain, April 28, 2011
केवल बहिष्कार से काम नहीं चलेगा ! मुसलमनो को इस लड़ाई को दैनिक भास्कर की विश्वसनीयता की पोल खोल कर अंजाम तक पहुँचाना होगा ! उन्हें अपनी आपत्ति प्रेस ब्यूरो ऑफ़ इंडिया में दर्ज करवाने के साथ साथ अदालती दरवाजे को भी खटखटाना चाहिए ! किसी भी अखबार या पत्रिका को ये आज़ादी नहीं है की वो समाज के किसी भी वर्ग के बारे में वो लिख सके जिस के कारण उस वर्ग के लोगों को ठेस पहुंचती हो ! भास्कर जैसे अखबार को तो ये कतही शोभा नहीं देता ! हालाँकि मुझे पूरा मजमून पता नहीं है फिर भी बहिष्कार में समाज के उनलोगों का सम्मिलित होना जिन पर मुसलमान ऐतबार करता है , से ये जाहिर होता है की कुछ न कुछ तो ऐसा हुआ होगा जिस ने समाज के लोगों को चोट पहुंचाई है !मुस्लिम समाज को मीडिया की ताकत को समझना चाहिए और उर्दू के साथ साथ हिंदी और अंग्रेजी अखबार शुरू करने के बारे में सोचना चाहिए !
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written by Indian citizen, April 27, 2011
sabko chamkana hai...
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written by Dinesh Joshi, [email protected], April 27, 2011
Bilkul Thik kiya

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