'हत्या हुई तो जिम्मेदार सरोज अवस्थी, आनंद शर्मा व विष्णु त्रिपाठी होंगे'

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सेवामें, पुलिस महानिरीक्षक/ उप-महानिरीक्षक, आगरा,  विषय- मेरी व मेरे परिवार के जानमाल की सुरक्षा व्यवस्था अविलम्ब सुनिश्चित कराने हेतु... महोदय, सूचनार्थ व आवश्यक कार्रवाई हेतु निवेदन है कि प्रार्थी सन 1976 से पत्रकारिता से जुडा है। विगत 1987 से अब तक लगभग 24 साल से दैनिक जागरण में क्राइम रिपोर्टर, चीफ रिपोर्टर, डेस्क इंचार्ज, संपादकीय प्रभारी और डिप्टी न्यूज एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहा है।

कार्यालयी साजिश में एक डॉक्टर के माध्यम से उसे मोहरा बनाकर मेरी हत्या के प्रयास और मुझे मेंटल डिसऑर्डर में पहुंचाने के लिए धोखे से मुझे एक्यूट नारकोटिक दवा पिलवा दिए गए थे। इलाज के दौरान डॉक्टरों के तात्कालिक प्रयासों से मैं इस कुचक्र से बच पाया। नवम्बर 2010 में इस साजिश का जब मेरे सामने सबूतों के साथ खुलासा हो गया, तो मैं पुलिस महानिदेशक करमवीर सिंह से मिला। उन्होंने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए एसटीएफ को इस साजिश के खुलासे के आदेश दिए। आईजी के बार-बार ईमानदाराना प्रयासों के बाद भी साजिशकर्ताओं के प्रभाव में एसटीएफ ने पांच माह गुजर जाने के बाद भी जांच को लम्बित रखा हुआ है, इससे साजिशकर्ताओं के हौसले बुलंद हैं।

मैंने इनकी साजिशों से बचने के लिए अब दैनिक जागरण से सशर्त इस्तीफा दे दिया है। भड़ास4मीडिया नामक इंटरनेट न्यूज एडिशन ने पिछले एक सप्ताह से इस पूरी साजिश को प्रमुखता से उठाया है, जिस पर पूरे देश से व्यापक प्रतिक्रिया हो रही है। अपने आपराधिक कुकृत्यों और साजिशों का देश के स्तर पर खुलासा हो जाने से साजिशकर्ता बौखला उठे हैं। मेरे पास विभिन्न स्रोतों से ये पुख्ता जानकारी है कि दैनिक जागरण के महत्वपूर्ण पदों पर बैठे ये साजिशकर्ता कभी भी मेरे और मेरे परिवार को जान-माल की हानि पहुंचा सकते हैं।

इस प्रकरण से जुड़ सभी आवश्यक दस्तावेज मेरे इस प्रार्थना-पत्र के साथ संलग्न हैं। आपसे अनुरोध है कि सरकारी खर्चे पर मुझे और मेरे परिवार को तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाए। मैं एक स्थापित पत्रकार हूं और अब अपने व अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हूं। शासन-प्रशासन से सुरक्षा पाना मेरा संवैधानिक और कानूनी अधिकार है। कृपया शासन-प्रशासन तत्काल अपने इस दायित्व का निर्वहन कर मुझे पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने कराए.

नोटः- साजिशकर्ता इस देश के नंबर एक मीडिया हाउस कहने वाले दैनिक जागरण के महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हैं, और कुछ भी करने में सक्षम हैं। यदि मेरे और मेरे परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो उसके लिए दैनिक जागरण के स्थानीय संपादक सरोज अवस्थी, समाचार संपादक आनंद शर्मा और जागरण ग्रुप के एसोसिएट एडिटर विष्णु त्रिपाठी एंड कंपनी सीधे तौर पर जिम्मेदार होगी। मेरी हत्या हो जाने अथवा मेरे परिवार के साथ किसी भी तरह की अनहोनी घटित होने पर मेरे इस कथन को मेरा अंतिम बयान अर्थात मृत्यु पूर्व बयान समझा जाए।

सादर
विनोद भारद्वाज
पुत्र- स्व श्री राजेंद्र प्रसाद
निवास- 11- शारदा विहार
दयालबाग, थाना  न्यू आगरा
जिला- आगरा


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Comments (2)Add Comment
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written by MUKUL PANDEY, May 19, 2011
apka sath ju hua he me .or puri media is baat ko janti he apke sath agar insaf nahi hota h. to apke awaz ke sath pura hindustan sath he.
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written by Dilip Verma, May 03, 2011
Itna kuch hone ke baad bhii police kii yeh chuppi yeh saabit karne ke liye kaafi hai ki iss poore maamle me itna jabardast pressure hai ki police bhi kuch nahi kar rahi aisi condition me vinod ji aur unke pariwar ko police protection milni he chahiye

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