काम न आया जोड़तोड़, उपेंद्र राय के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज किया

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अपनी जोड़तोड़ और काम कराने की मेधा के कारण सहारा मीडिया के सर्वेसर्वा बनकर आए उपेंद्र राय ने ये सपने में भी न सोचा होगा कि एक दिन वे ही कठघरे में खड़े कर दिए जाएंगे और ऐसा होने से रोकने की उनकी तमाम कोशिशें नाकाम हो जाएंगी. जी हां. केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उपेंद्र राय पर केस दर्ज कर लिया है और छानबीन शुरू कर दी है. प्रवर्तन निदेशालय के एक बड़े अधिकारी को दो करोड़ रुपये का रिश्वत आफर करके उपेंद्र राय ने नीरा राडिया का कोई काम कराने का अनुरोध किया था.

पर प्रवर्तन निदेशालय के अफसरों ने रिश्वत लेने और काम करने, दोनों से इनकार कर उपेंद्र राय की हरकत की शिकायत अपने बड़े अधिकारियों और सीबीआई से कर लिखित में कर डाली. यह मामला सहारा और उपेंद्र राय के गले की फांस बन चुका है. उपेंद्र राय के खिलाफ सीबीआई द्वारा केस रजिस्टर करने से संबंधित पीटीआई द्वारा जारी की गई खबर इस प्रकार है....

CBI registers case to probe bribe offer by scribe to ED sleuth

Press Trust Of India, New Delhi

CBI has begun investigation into the alleged bribe offer made by a journalist said to be on behalf of Corporate lobbyist Niira Radia after registering a case following a complaint by Enforcement Directorate. Highly-placed sources in the agency said a Preliminary Enquiry (PE) has been registered and the journalist - Upendra Rai - will be called for questioning soon after the statement of Enforcement Directorate was recorded.

The Enforcement Directorate has asked the CBI to probe the incident claiming that Rai, working as director (News) Sahara News Network, had approached one of its officers, probing the 2G scam, with a bribe offer of Rs two crore. The sources said the probe into the PE has begun and it would be completed in three months.

When contacted, Rai denied the allegations and said that he would cooperate in the probe. "I hope that a through probe is carried out in the case which includes summoning of the ED official who made allegation against me," he said. He acknowledged that he had known corporate lobbyist Niira Radia but that was on the professional front as he was heading the business department of another news channel.

"During the last so many years, I may have spoken or met her for not more than eight to ten times," he said and termed it as a "deep-rooted conspiracy to malign" him. Rai said that he had met the officer in question - Assistant Director Rajeshwar Singh - merely for "five minutes".

The allegation is that the journalist had sought an appointment with the official on the pretext of "furnishing some information" in its probe in the 2G scam. The ED is probing alleged violation of Prevention of Money Laundering Act in the spectrum scam. Denying any association with Rai or the bribe offer, a spokesperson for Vaishnavi Corporate Communications Private Limited said "we categorically deny the allegations as mentioned.

"We are not aware of any journalist acting on our behalf. It is a matter of record that we have always cooperated with all the investigative agencies and have been available for all personal appearances on intimation.

"We welcome proper and thorough investigation by the authorities to unearth the truth.  We hope that the truth will emerge and lay to rest all these wild allegations," the spokesperson said.


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Comments (5)Add Comment
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written by PC Ravi, May 05, 2011
@omkar bhai, क्या आपने भी सुपारी ले रखी है? आप ने लिखा है की २८ साल का उपेंद्र राई १५ साल से पत्रकारिता कर रहा है. क्या वो १३ साल के उम्र में ही पत्रकार बन गया था? ...कहीं घुसने की भी सीमा होती है. अभी तो नोयडा में ये चर्चा है की उपेंद्र को सीबीआई वालों ने हिरासत में लिया था. कल शाम सेक्टर ११ के ओफिस से उसे ले गये थे और पूछताछ के बाद छोड़ा. ...ये भी पता चला की वो सरकारी गवाह बनाया जा रहा है. कारण सबको पता है यार.smilies/angry.gif
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written by omkar, May 04, 2011
upendra rai par ye galat aarop wo log laga rahi hai jo unki kaamyabi se jalte hai..sabse kam umra me hindustan ke sabse bade media parivar ka ceo banna sabka sapna hota hai...aur upendra rai ne apni mehnat se ye mukam hasilkiya.
mera sawal un bandhu se hai agar aap ki nagar me cbi rbi sebi sahara galat hai to sahi kaun hai , jara apne bare me bhi kuch share karye
aap ki naukri kaise lagi aap kaha gaye the aur aap kis kee 'dalali' karte hai. eka patrakar hone ke naate bina sabut ke yaise baat karna aapki 'kuntha ' ko darsata hai.
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written by omkar , May 04, 2011
upendra rai ki galti ye hai ki wo sahara news network ke ceo hai ya, galti ye hai etni kam umra me wo etne bade pad par hai, upendra rai par jo aarop lagaye ja rahe hai usme jalne ki boo aa rahi. upendra rai ko kisi se cetificate ki ko jarurat nahi hai.
aaj upendra rai jo bhi hai wo apne dum par hai patrkarita me 15 saal bitane ke bad aur kadi mehnat ke dum par ye mukam hasil kiya unhone...isliye jo log unhe dalal kah rahe hai wo kahi na kahi kunthit hai. kise ke kahne ko aarop sabit nahi hota .jo aadmi 15 sall ke bad bhi sx4 par chalta hai us par is tarah ke aarop bebuniyad hai..
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written by Kripakant, May 04, 2011
सहारा इंडिया की गिनती एक प्रतिष्ठित संस्थान के रूप की जाती रही है और उसी तरह सहारा श्री भी सम्मान के पात्र रहे है लेकिन एक गलत कदम का दुष्परिणाम क्या हो सकता है वो अभी उपेन्द्र राय के मामले में सामने है.ताजा मामले में उपेन्द्र राय के साथ-साथ सहारा का भी पोल खुल गया हैऔर यह तो सिर्फ शुरुआत है अगर उपेन्द्र राय से लेकर उनकी ब्यूरो कार्यालय तक पूरी टीम की जांच की जाये तो दलालों और भ्रष्ट लोगों की एक लंबी फेहरिस्त सामने आ सकती है. खास कर सहारा के बिहार/झारखण्ड न्यूज चैनल में डेस्क से लेकर चैनल हेड और ब्यूरो प्रभारियों में भ्रष्ट तरीके से पैसा कमाने की होड लगी हुई है जिसे जहाँ मौका लग रहा है वो वही दलाली का साम्राज्य कायम कर लिया है .अब देखना है की सहारा श्री कितना जल्दी इन भ्रष्टाचारियों और दलालों के चंगुल से बाहर निकल कर अपने आप को पाक-साफ़ साबित कर सकते हैं.
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written by pc ravi, May 04, 2011
सुब्रत रॉय को उपेंद्र राय की बहुत ज़रूरत है. ये मान लेना कि वो सुब्रत के गले की हड्डी बन गया है, ग़लत होगा. सुब्रत का पूरा साम्राज्य ही दलालों के कारण है. नीरा रादिया लंदन से एक लाख रुपये लेकर आई थी, दस साल में कम से कम 400 करोड़ की मालकिन बन गई है---नीरा का पहला क्लाइंट कौन था? सुब्रत राय ही तो था. सुब्रत सहारा अपनी ऐयर लाइंस नहीं चला पाया क्योंकि दलाल ये काम नहीं कर सकते. लेकिन दलालों ने ही तो सहारा को पुलिस, सीबीआई, सेबी, आरबीआई, फेमा से बचा रखा है. आप जानते ही हैं कि दलाल क़ौम हमेशा घोटालेबाजों को प्रिय रही है, और सुब्रत राय को उपेन्द्रो की ज़रूरत बनी रहेगी.

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