क्या अरुण शहलोत ने 140 एकड़ पर अवैध कब्जा कर रखा था?

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दैनिक भास्कर मैनेजमेंट राज एक्सप्रेस के मालिक अरुण शहलोत को कठघरे में खड़ा करने का कोई मौका नहीं छोड़ता. अरुण के माल के विवाद और इसके ढहाए जाने की खबर को दैनिक भास्कर ने जोरशोर से छापा. भास्कर का कहना है कि 140 एकड़ जमीन पर बिल्डर ने बाउंड्रीवाल बनाकर अवैध कब्जा कर रखा है. भास्कर में प्रकाशित पूरी खबर पढ़िए, जो इस प्रकार है....

 

 

140 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा

भोपाल। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े सात बजे, मिनाल शॉपिंग मॉल की दुकानें खुली भी नहीं थीं कि जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की टीमें बुलडोजरों के साथ जेके रोड स्थित मिनाल पहुंच गईं। मॉल के बाहर जैसे ही गोविंदपुरा एसडीएम एएस पंवार ने लाउड स्पीकर पर शॉपिंग मॉल को खाली करने की चेतावनी दी, दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों के काफी आग्रह करने के बाद भी जब प्रशासन नहीं माना, तो लोगों ने दुकानें खाली करनी शुरू कर दीं। शॉपिंग मॉल के चौथे व पांचवें माले पर बने कॉल सेंटर के करीब 500 कर्मचारी तुरंत बाहर आ गए। यहां मिनाल रेसीडेंसी के लोगों का हुजूम लगना भी शुरू हो गया।

शॉपिंग मॉल के दूसरे छोर तक जेसीबी ने रेलिंग और सीढ़ियों को पूरी तरह से तोड़ दिया। इसके बाद दुकानदारों के विरोध के बीच शॉपिंग मॉल के बाहरी कॉलम में सुराख कर बारूद भरने का काम शुरू हो गया। दोपहर करीब तीन बजे लोगों को मॉल से बाहर निकालकर पहला विस्फोट किया गया। इसके बाद देर शाम तक अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई चलती रही।

अब तक की इस सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए प्रशासन की तैयारियां कितनी पुख्ता थीं, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के ५५क् से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी सुबह से लेकर रात तक यहीं डटे रहे।

फिल्म सिटी का निर्माण भी ढहाया इधर शॉपिंग माल के बाहर पार्किग और दूसरे निर्माण तोड़े जा रहे थे, तो उधर न्यू मिनाल रेसीडेंसी से लगी फिल्म सिटी का निर्माण भी ढहाया जा रहा था। यहां की सरकारी जमीन पर बनी बाउंड्रीवॉल को भी जेसीबी ने पूरी तरह जमींदोज कर दिया। फिल्म सिटी से लगी 140 एकड़ जमीन पर बिल्डर ने बाउंड्रीवॉल बनाकर अवैध कब्जा कर रखा था।

क्यों हटाया? जिला प्रशासन के अनुसार मिनाल शॉपिंग मॉल का 40 हजार स्क्वायर फीट से ज्यादा निर्माण सरकारी जमीन पर है। इसके अलावा इससे लगी उद्योग विभाग व अन्य सरकारी महकमों की 140 एकड़ जमीन पर भी अवैध कब्जा है। इस मामले में प्रशासन पहले भी बिल्डर को नोटिस जारी करता रहा है। फरवरी महीने में भी जिला प्रशासन ने बिल्डर को नोटिस जारी किया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने यहां से अवैध कब्जा ढहाने का निर्णय लिया।

पहले से तय था ऑपरेशन मिनाल ऑपरेशन मिनाल का पूरा प्लान हफ्ते भर पहले हुई एक बड़ी बैठक में ही फाइनल हो गया था। शुक्रवार सुबह तो बस इसे अमलीजामा पहनाया गया। प्लान को इतना गोपनीय रखा गया कि किसी को कानों-कान खबर नहीं हो सकी। जब सरकारी अमला मौके पर पहुंच गया, तब लोगों को इसकी भनक लगी। प्रशासनिक सूत्र बताते हैं कि इस ऑपरेशन का पूरा खाका सीएम हाउस की स्वीकृति के बाद वहीं तैनात एक बड़े अफसर ने तैयार किया था। प्रशासन के जमीनी अफसरों को भी यह ताकीद दी गई थी कि ऑपरेशन के बारे में किसी को खबर न हो। इसके लिए इंदौर से विस्फोट विशेषज्ञ शरद सरवटे को दो दिन पहले ही बुलवा लिया गया था, उन्हें भी ये नहीं बताया गया था कि ब्लास्ट कब करना है। शुक्रवार सुबह 6 बजे उन्हें मौके पर लाया गया।

18 कॉलम, 122 होल और 28 किलो बारूद पहले विस्फोट के लिए मिनाल शॉपिंग मॉल के डेढ़ दर्जन कॉलमों में 122 होल बनाए गए। इसमें करीब 28 किलो बारूद भरा गया। इंदौर से आए विस्फोट विशेषज्ञ सरवटे का कहना है कि मॉल के अवैध कब्जे को हटाने के लिए अभी दर्जन भर विस्फोट करने होंगे। इसमें करीब ढाई टन बारूद लगेगा। शनिवार सुबह जो विस्फोट होगा, उसमें अवैध कब्जे का 30 प्रतिशत हिस्सा ढह जाएगा।


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