अमर उजाला में अमर उजाला से धोखाधड़ी की खबर

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डीई शॉ और अमर उजाला के बीच चल रही लड़ाई में कल दिल्ली हाईकोर्ट ने जो आदेश दिए, उसके बारे में अमर उजाला में आज खबर प्रकाशित हुई है. खुद अपने बारे में अपने यहां खबर प्रकाशित कर अमर उजाला प्रबंधन ने स्वस्थ पत्रकारिता का परिचय दिया है लेकिन दुर्भाग्य यह कि इसके पहले जितने विवाद अमर उजाला घराने में हुए, उससे संबंधित खबरें अमर उजाला में प्रकाशित नहीं की गईं.

अखबारों का यह दस्तूर है कि वे अपने खिलाफ जाने वाली खबरें अपने यहां नहीं प्रकाशित करते. पर जिन खबरों में उनका फायदा छिपा होता है, उसे जरूर प्रकाशित करते हैं. डीई शॉ पर धोखाधड़ी का आरोप लगाकर कोर्ट जाने की पहल अमर उजाला ने ही की थी, सो अमर उजाला इस मसले पर हो रही कोर्ट की कार्यवाही का प्रकाशन करने लगा है ताकि वह अपने पाठकों में यह जनमत बना सके कि अमर उजाला के साथ छल किया गया है.

मजेदार बात यह है कि इस प्रकरण की खबर अमर उजाला ने अपने यहां एजेंसी द्वारा रिलीज की गई खबर को आधार बनाकर प्रकाशित किया है. कायदे से अमर उजाला के रिपोर्टर को यह खबर लिखनी चाहिए थी ताकि पता चलता कि अमर उजाला खुद किसी तरह पूरे प्रकरण को देखता है. हालांकि एजेंसी की खबर को भी अमर उजाला ने जिस तरह प्रजेंट किया है, उसमें अमर उजाला का पलड़ा भारी दिखाई पड़ता है. लीजिए, अमर उजाला में प्रकाशित अमर उजाला से धोखाधड़ी की खबर को पढ़िए...

अमर उजाला से धोखाधड़ी में नोटिस

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रमुख वैश्विक निवेश कंपनी डीई शॉ को नोटिस जारी किया है। अमेरिका की इस कंपनी पर हिंदी प्रिंट मीडिया कंपनी अमर उजाला पब्लिकेशंस के साथ हिस्सेदारी को लेकर हुए करार में धोखाधड़ी करने का आरोप है। दोनों कंपनियों के बीच साल 2007 में यह करार हुआ था। इसके तहत डीई शॉ ने मीडिया कंपनी में 18 फीसदी (117 करोड़) की हिस्सेदारी ली थी। डीई शॉ के इस निवेश को एफआईपीबी से अनुमति मिली थी।

हिस्सेदारी लेने के दौरान धोखाधड़ी की

हाईकोर्ट ने डीई शॉ के अलावा कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और फॉरेन इंवेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) से भी इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है। गौरतलब है कि इस मामले में अमर उजाला पब्लिकेशंस की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। याचिका में अमर उजाला पब्लिकेशंस ने आरोप लगाया है कि डीई शॉ ने कंपनी में हिस्सेदारी लेने के दौरान धोखाधड़ी की है। हाईकोर्ट के जस्टिस सुनील गौड़ की एकल पीठ ने याचिका पर सुनवाई के दौरान डीई शॉ से जवाब तलब किया।

जवाब देने को 14 जुलाई तक की मोहलत

बेंच ने डीई शॉ को नोटिस का जवाब देने के लिए 14 जुलाई तक की मोहलत दी है। इसी दिन मामले की अगली सुनवाई भी होनी है। शेयर अटैचमेंट के मामले में हाईकोर्ट ने डीई शॉ से कहा है कि वह इसके लिए देश के कानून के तहत उचित न्यायिक फोरम में जाए। अमर उजाला ने अपनी याचिका में दावा किया है कि डीई शॉ ने हिस्सेदारी संबंधी करार के दौरान गलत तथ्य पेश कर कंपनी के साथ छल किया है। इस बारे में जब अमर उजाला के प्रवक्ता से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि चूंकि यह मामला अदालत में विचाराधीन है इसलिए इस मामले में हम कुछ भी नहीं कह सकते। एजेंसी


समाचार एजेंसी पीटीआई ने कल जो मूल खबर रिलीज की थी, उसे पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं- अमर उजाला को नहीं मिली अंतरिम राहत, डीई शा समेत कई को नोटिस


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