हिंदुस्तान में इनक्रीमेंट-प्रमोशन : कहीं धूप कहीं छाया

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हिंदुस्तान में इन दिनों हर शख्स दूसरे की स्थिति जानने में लगा है. किसको कितना इनक्रीमेंट मिला और किसे प्रमोशन मिला, किसको नहीं. अलग अलग जगहों से अलग अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. जिन लोगों को पिछले साल प्रमोशन दिया गया था, उन्हें इस साल सिर्फ इनक्रीमेंट मिला है. पिछले साल जो लोग प्रमोशन से रह गए थे, उन्हें इस बार प्रमोट कर दिया गया है. देहरादून से मिली जानकारी के मुताबिक हिन्दुस्तान के कुमाऊं संस्करण में प्रबंधन ने केवल एक ही स्टाफर को प्रमोशन के योग्य समझा है.

कुमाऊं में तीन साल पहले अखबार की नींव रखकर टीम खड़ी करने में अहम भूमिका निभाने वाले जहांगीर राजू के कामों से खुश होकर प्रबंधन ने उन्हें सब एडिटर से प्रमोट कर सीनियर सब एडिटर बना दिया है. जहांगीर वर्तमान में अखबार में ऊधमसिंहनगर प्रभारी पद पर सेवाएं दे रहे हैं. जहांगीर 18 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे अमर उजाला व दैनिक जागरण में भी कार्य कर चुके हैं. उधर, दिल्ली से खबर है कि हिंदुस्‍तान में इनक्रीमेंट और प्रमोशन से काफी लोग नाखुश हैं. 'हिंदुस्‍तान जॉब्‍स' लांच करने वालों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लोगों को बड़े-बड़े ख्वाब दिखाए गए थे. लेकिन उन सभी लोगों को निराशा हाथ लगी है. पता चला है कि उनमें से प्रमुख व्यक्ति सुधांशु गुप्त जो पिछले 12-13 सालों से इस संस्थान से जुड़े हैं, वे भी प्रमोशन और इंक्रीमेंट से बहुत ज्यादा नाराज हैं.

आपकी यूनिट में क्या है प्रमोशन व इनक्रीमेंट का हाल, इसकी जानकारी नीचे दिए गए कमेंट बाक्स के जरिए दे सकते हैं. या फिर This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it पर मेल कर सकते हैं.


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Comments (8)Add Comment
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written by chandrabhan, June 11, 2011
ये बात है लखनऊ हिन्दुस्तान यूनिट की ,यहाँ हर आदमी परेशान है अपने प्रमोशन को लेकर फिकरमंद है स्टाफर की तो चलो ठीक है पैसा बढ़ा नहीं तो कुछ लोगों को प्रमोशन देकर काम चल गया मगर दिन भर धूप में मोटर सायकिल दौडाने वालों व जगह जगह कवरेज करने जाने वाले इन स्ट्रिंगरों की क्या कोई नहीं सुनेगा ?????????? क्या इन्हें इस संस्थान में काम करने का कोई सिला नहीं मिलेगा बेचारे हिन्दुस्तान के लखनऊ स्ट्रिंगरों की बात करें तो ऐसे ऐसे रिपोर्टर रिपोर्टिंग में हैं जिन्हें लखनऊ यूनिट से जुड़े तक़रीबन 2 से 6 साल हों गए हैं लेकिन उन्हें मिला क्या इतने सालों से काम करने के बाद????????? न किसी का कोई पैसा बढाया गया और न ही परिचय पत्र दिया गया सिर्फ काम लिया जाता है गधों की तरह चाहे रात हों या दिन और तनख्वाह के नाम पर 2 से 3 हजार रूपए मात्र इन मालिकान लोगों ने ये भी नहीं सोचा कि जहाँ एक ओर लोग दिन भर में 100 रूपए का पेट्रोल फूंकते है वहीँ इतनी बड़ी संस्था हिन्दुस्तान के स्ट्रिंगर जिनसे महीने भर काम लेने के बाद कितना रूपए वेतन दिया जाता है 2500 रूपए मात्र और तो और इन लोगों के पास हिन्दुस्तान अख़बार में काम करने का कोई प्रमाण भी नहीं है यानि कि परिचय पत्र जिसे लेकर आये दिन रिपोटरों फोटोग्राफरों कि किसी न किसी से कहा सुनी होती रहती है और यह सब किस लिए सिर्फ और सिर्फ एक परिचय पत्र के लिए जिसके लिए इस मीडिया जगत के बड़े संस्थान हिन्दुस्तान जैसे अख़बार के कर्मचारी को बेइज्जत होना पड़ता हैं अब तो स्ट्रिंगरों का पैसा बढाइए श्रीमान नवीन जोशी जी और एक एक परिचय पत्र दीजिये ताकि आपके पत्रकारों कि और आपके अख़बार कि गरिमा सम्पूर्ण समाज में बनी रहे यूँ परिचय पत्र के न होने पर आपके रिपोटरों और फोटोग्राफरों को किसी के सामने लज्जित न होना पड़े आशा है कि आप इस बिन्दु पर अपने संस्थान के करमचारियों (रिपोटरों और फोटोग्राफरों)के लिए कुछ करेंगे


धन्यवाद् --
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written by mukes, June 01, 2011
chaplus logo to hota hi hai parmotion................
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written by aliya khan, May 30, 2011
Amar Ujala Dehradun mein Editorial staff promotion aur increament ki baat joh raha hai. Anya sabhi vibhagon men promotion ya increament ke letter bant chuke hain par Editorial deptt. ko abhi tak nahin diye gaye. vaise bhi Hindustan ki tulna mein Amar ujala mein salary kam hone aur keval butterbazon ko hi promotion dene ke chalan se kafi patrakar dukhi hain. atyant khedjanak baat hai ki Amar Ujala mein kar 10 se 15 saal mein Sub Editor hi hain to koi keval tikram aur Editor ke personal aur gupt ulte seedhe kam karke har saal promotion paa jate hain. Amar Ujala mein promotion ki koi foolproof neeti nahin hai balki Sthaniya Sampadak ke nikat rahkar uske ulte seedhe dhandhon mein jisse use fayda pahunchta hai vah promotion ki kasauti ban gaya hai. is baar bhi Vanmafia, Bhoo mafia, Hoarding mafia adi ke baare mein likh kar usse deal karane vale hi promotion ke hakdaar honge.
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written by naina jain, May 29, 2011
hindustan agra main jo Kai saal se kaam kar rahe logo ka promotion nahi hua bas mamuli bhar increment de ke choar diya .... agar yahi karna tha toh increment bhi mat dete .... jo imaandaar hote unka sahi main kuch hota ...
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written by Anil Sharma, May 29, 2011
dehradun mai bbhi kuch aisa hi hai, R E sahib jise chahte hain usi ko promotion, usi ko mall mailta hai kyonki chamchon ki kamaye RE ko bhi milte hai, dekha jaye to RE pathak ne to Hindustan ko Tabah kar diya hai, Chamchon ki paou barah hai,
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written by komal, May 28, 2011
sab kamine h tutey chatna he inka k kaam h or inhi k promotion hoge,jo log kaam kurte h unka kuch nhi hoga,saale kamine
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written by ramawadh, May 27, 2011
bareli hi nahi hindustan me har jagah yahi haal hai baai chamche makhhan khaa rahe hai baki raper chaat rahe hai.
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written by amit sharma, May 27, 2011
smilies/angry.gifsmilies/angry.gifsmilies/angry.gifsmilies/angry.gifsmilies/angry.gifहिंदुस्तान बरेली में इस बार भी चमचो का ही प्रमोशन हुआ है. चमचो को पिछली बार भी इन्क्रीमेंट और प्रमोशन मिला था और इस बार भी यही लोग बाजी मार कर ले गए है क्योकि इन लोगो को बॉस लोगो को मक्खन लगाना बखूबी आता है, इन लोगो का हाल ये है की अगर सम्पादक या एन ई उल्टा लेटने को भी कह देगा तो ये लोग लेट जायेंगे . हर सही गलत बात में यस सर यस सर कहने वाले ये लोग ही माहौल ख़राब करते है जिनकी वजह से अच्छे लोग हिंदुस्तान से किनारा कर रहे है और जो बचे है वग भी जल्द किनारा कर जायेंगे

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