मीडिया में आकर बुरे फंसे चिटफंडिये

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ग्वालियर में इन दिनों उन लोगों के दिन बुरे चल रहे हैं जो चिटफंड कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपए कूटने के बाद मीडिया में कूदे थे। मीडिया में यह लोग आए तो इसलिए थे कि मीडिया की आड़ रहेगी और इस आड़ में सब कुछ काला-पीला चलता रहेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रशासन की इन पर नजर क्या तिरछी हुई, अब यह लोग भागे-भागे फिर रहे हैं और प्रशासन इनकी एक-एक करके जमीन-जायजाद कुर्क करता जा रहा है।

इन मीडिया संस्थानों के मालिक हैं कि वे जेल जाने से बचने के लिए हर जतन करने में जुटे हैं। फिलहाल इन लोगों के खिलाफ ग्वालियर के थानों में एफआईआर दर्ज हो रही हैं और यह लोग भूमिगत हो गए हैं। मीडिया में कूदने से पहले यह लोग चिटफंड कंपनिया चलाते थे। वो भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की इजाजत के बगैर। ग्वालियर और ग्वालियर के आसपास के जिलों के अलावा ग्वालियर से सटे अन्य राज्यों में रहने वालों ने इनकी कंपनियों में अपनी मेहनत की कमाई इस आस में लगाई कि यह उनकी रकम को दो गुना कर देंगे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं और जब इन्हें मूल रकम भी नहीं मिली तो यह लोग प्रशासन की शरण में पहुंचे।

फर्श से उठकर अर्श पर पहुंचे इन लोगों को उम्मीद थी कि मीडिया से जुड़े होने के कारण उन पर प्रशासन हाथ नहीं डालेगा। पर ऐसा हुआ नहीं। कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी आकाश त्रिपाठी ने एक-एक करके इन लोगों के खिलाफ न केवल मुकदमे दर्ज करवा दिए बल्कि शहर के प्रमुख स्थानों पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगवाकर लोगों को सचेत भी कर दिया कि इन लोगों के बहकावे में आने से बचें। चिटफंड कंपनी के रास्ते जो लोग मीडिया में आए उसमें परिवार डेयरी, बीपीएन और केएमजे लैंड डेवलपर्स प्रमुख हैं। परिवार डेयरी और बीपीएन वालों ने अखबार शुरू किया तो केएमजे ने लोकल न्यूज चैनल।

इन तीनों मीडिया संस्थानों के मालिक अब लाख तलाश करने पर भी किसी को नहीं मिल रहे हैं। आलम यह है कि जहाज डूबता देख लोग कूद-कूदकर भाग रहे हैं। केएमजे से पहले दिन से जुड़े सुरेंद्र माथुर बाहर हो चुके हैं। शेष लोगों को वेतन के लाले पड़ते दिखाई देने लगा है। जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है, उनकी संपत्ति प्रशासन कुर्क करता जा रहा है। अब तक सौ करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति कुर्क हो चुकी है। मंगलवार को प्रशासन ने परिवार डेयरी के प्रिंटिंग स्टेशन पर पहुंचकर ताला जड़ दिया। परिवार डेयरी, परिवार टुडे के नाम से अखबार निकालता है। बीपीएन का बीपीएन टाइम्स के नाम से अखबार निकलता है।


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Comments (8)Add Comment
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written by sushil baish, June 04, 2011
yashwant ji mujhe bhi bachaiye mai khud in chitfandiyon ke beech me fans gaya hu.. REAL SUNSHINE ek aisa hi group hai jo logo ka lakhon rupaya dakaar gaya hai.. mujhe yahan lane wala inka sabse bada agent hai D.K. JAIN jo ki media se hi hai lekin inke liye policy bechne ka kaam office me aur ghar baithkar karta hai.. mai to pareshan aa chuka hu qki BOSS BIPIN YADAV or AGENT D.K. JAIN mujhse bhi policy bechne ki zidd kar rahe hain aur yadi mana karta hu to mai sansthan se nikal diya jaunga jese aur logon ko nikaal diya gaya hai... ye b sahi hai ki ye office me ladkiyon ko rakhte hain aur unse compromise karne ko kehte hain yadi vo maan jaye to theek hai aur na mane to use bahar ka raasta dikha diya jata hai... inke kameenepan ki hadd to tab saamne aayi jab boss ke hi bhai JITENDRA YADAV ne ek reporter se vyavastha karwane, compromise karne aur kheer khilane jesi neech aur giri huyi batein ki...mai asamarth hu ki in logon ka kuch kar nahi msakta nahi to vo lsadki mere behen jesi hai...mai bhi policy bech raha hu qki mere ghar ki aur bhai beheno ki jimeedari mere hi upar hai qki papa to bahut peete hain aur mummy hai nahi isliye kar b kya ssakta hu qki mai to majboor hu... yashwant ji meri madad kijiye aur inse mujhe bachciaye
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written by kabeer prakash tripathi , June 01, 2011
मान्यवर यशवंत जी कृपया लोगों को भ्रमित न करें। जिन चिट फंडियों का नाम एफआईआर हुई है .... वो इस प्रकार हैं..... गरिमा व समृद्ध जीवन फूड के बनवारी लाल कुशवाहा, शिंदराम कुशवाहा, बालकिशन, सौरभ, महेश कुमार व संतोष कुमार ...... जिनका अखबार है स्वाभिमान टाइम्स .... जिनका नाम पूरी खबर में कहीं नहीं है....... बाकी नाम हैं......जीवन सुरभी डेयरी लिमिटेड, समृद्ध जीवन इंडिया लिमि., अनमोल सहारा, स्काई लार्क इंडिया, जेएसवी डवलपर्स, केएमजे लैंड डवलपर्स, सन इंडिया रियल इस्टेट एण्ड सन इंडिया डवलपर्स, प्रवचन डेयरी और परिवार डेयरी। भरोसा न हो तो थाने जाकर एफआईआर चेक करा लें...... लेकिन खबर पूरी और सही दें..... हो सकता है यह मेल आप प्रकाशित न करें.... लेकिन मुझे आशा है कि आपको निजी स्तर पर सूचना जरूर मिल जायेगी कि कुछ गलत नाम देकर या कुछ को छोड़कर कहीं कोई आपको भ्रमित भी कर रहा है।
धन्यवाद......
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written by anil, June 01, 2011
yashwant ji ,
yeh sach hai ki chitphandiye aajkal media me aa gaye hai. wo apne sath kam karne walo ko bharpur paisa dete hai aur phir apna matlab sadhte hai. unka matlab nahi sadh pata hai to wo apne sahyogi jo ki media se hai ko nikalne me gurej nahi karte hai. yashwant ji aapko me inki dastan sunata hu. yeh bhediye ek hi jamin jo ki sarkari hoti hai ki kai ragistry karwate hai aur usse apni property batate hai. in bhediyo ke pass iasi hi kai jamino ki ragistry hai. itna hi nahi chitphand ka paisa alag se aa raha hai. ye bhediye apne yaha sundar ladkiya rakhte hai aur unko istemal karte hai unka sosad sharirik bhi karte hai. in bhediyo me REAL SUN SHINE wala Bipin kumar yadav ke sath hi KMJ ka santoshi lal rathore sahit anya kai bhediye shamil hai. yashwant ji aap in bhediyo ke office me jakar dekho to aapko bastvikta najar aajayegi aap khud kahoge ki sahi comments likha hai. aap oin bhediyo ko benakab kare isi aasha ke sath
anil
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written by kamal , June 01, 2011
collector ko gumra kar media vala blackmaling ki khabra da raha ha inha paisa mil jay to khuch bhi likh sakta ha inki halat so so cuha khakar billi haj ko chali jaisi ha karrvahi rukna par yah paiso ka liya phir girgiranyanga
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written by pravin.dubey, June 01, 2011
media ka log jinha chitfundi kaha raha ha yahi media ka log aab tak dok lagakar paisa mangta raha ha inka koi eeman nahi ha paiso ka bal par kuch bhi likh sakta ha . surendra mathur ka bara ma bhi galat khabar udai gayi ha va kmj ma hi ha
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written by r agrawal, May 31, 2011
yah chitfadiye logo ke karoado dakar chuke hai. Log paresan hai. Yah logo karoado paisa dabaye baithe hai. In logo ne apne apne media se logo hatana suru kar diya hai. Pahle gaj suredra mathur par gire hai. Ab bake logo ka number hai.
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written by shuddatam jain, May 31, 2011
agar media in company ko pareshan karegi to ye log kya karenge media se bachne ke liye hi ye log media sector me aye hai
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written by Dr maharaj singh parihar, May 31, 2011
जब चिटफंडिये या भूमाफिये मीडिया के क्षेत्र में उतरते है तो उनका स्‍पष्‍ट उद़देश्‍य होता है जनता का माल लूटना तथा अपनी जान बचाना। इस तरह के लोग हर शहरों में हैं जो लोकल चैनल या अखबार चलाकर अपने काले कारनामों को अंजाम दे रहे हैं। और तो और ऐसे लोग नामी अखबारों अथवा मैग्‍जीनों के स्‍थानीय ब्‍यूरो चीफ बनकर अपना धंधा करते रहते हैं और अखबार को अपनी काली कमाई में से हिस्‍सा देने में भी गुरेज नहीं करते।

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