बाप यूपी पुलिस में अफसर और मामा सपा के विधायक, फिर क्या, चलो खोल लेते हैं एक न्यूजपेपर

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: लेकिन यहां वेतन पाने के लिए देना होगा विज्ञापन : संवाददाताओं को बना दिया जाता है ट्रेनी संवाददाता : वॉयस ऑफ मूवमेन्ट में संवाददाताओ के साथ धोखाधड़ी : लखनऊ से प्रकाशित होने जा रहे हिन्दी दैनिक समाचार पत्र वॉयस ऑफ मूवमेंन्ट लांच होने से पहले बंद होने की कगार पर आ गया है. इस संस्थान में संवाददाताओं को वेतन नहीं दिया जा रहा है.

दर्जनों अनुभवी संवाददाता इस कारण संस्थान छोडकर चले गये हैं. संवाददाताओ को दूसरे संस्थान से वेतन का लालच देकर बुलाया जाता है और कहा जाता है आप की नियुक्ति की सारी औपचारिकता पूरी की जाएगी. लेकिन जब संवाददाता अपना आफर लेटर मांगने जाते हैं तो उनको इनकमटैक्स की समस्या बताकर ऑफर लेटर देने से मना कर दिया जाता है व विज्ञापन के लिए दबाव बनाया जाता है कि विज्ञापन लाओगे, तभी वेतन दिया जाएगा. साथ ही संवाददाताओ की नियुक्ति करके ट्रेनी संवाददाता बनाया जाता है. महीनों काम कराने के बाद संवाददाताओ को यह कहकर बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है कि आप को काम का अनुभव नहीं है.

ऑफर लेटर बार बार मांगने पर इनकमटैक्स की समस्या बताकर ऑफर लेटर देने से मना कर दिया जाता है. इनकमटैक्स की समस्या इस लिए बतायी जाती है क्योंकि संस्था के मालिक के पास आमदनी का श्रोत एक रुपए भी नहीं है और तामझाम करोड़ों का बना रखा है. वेतन का अधिक दबाव बनाने पर अपने पिता व रिश्तेदारों का नाम लेकर कर कर्मचारियों पर हनक दिखायी जाती है. संस्था मालिक के पिता पुलिस विभाग में अधिकारी हैं और मामा सपा में विधायक हैं. मैं स्वयं संस्था का एक भुक्तभोगी हूं.

प्रदीप शुक्ला

लखनऊ

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