सहारनपुर से भी जनवाणी लांच, यशपाल ने लिखा विशेष संपादकीय

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जनवाणी, मेरठ का विस्तार लगातार जारी है. कई जिलों के संस्करण लांच करने के बाद अब जनवाणी का सहारनपुर संस्करण भी शुरू हो चुका है. इस मौके पर अखबार के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार यशपाल ने पहले पेज पर एक संपादकीय लिखा है. शीर्षक है ''बनेंगे आपकी जिंदगी का हिस्सा''. जनवाणी अखबार से साभार लेकर यशपाल के संपादकीय को यहां प्रकाशित किया जा रहा है जिसमें जनवाणी की यात्रा के बारे में यशपाल ने चर्चा की है और अपने पाठकों का दिल से आभार जताया है.

बनेंगे आपकी जिंदगी का हिस्सा

यशपाल सिंह

जो गरजते हैं, वो बरसे भी यह लाजिमी तो नहीं। इसलिए उन स्याह बादलों पर विश्वास किया जाता है जो बगैर किसी गर्जन के बरस जाया करते हैं। इसी तरह दैनिक जनवाणी ने भी खामोशी के साथ अखबार जगत में दमदार दस्तक दी है। विगत चार माह में जनवाणी ने एक सकारात्मक सोच के रंग में रंगी खबरों के साथ जुदा कलेवर में पाठकों का दिल जीता है।

मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर और बिजनौर में सफलतम पदार्पण के बाद अब आपके शहर में इस नवप्रवेशी अखबार ने दस्तक दी है। पारिवारिक परिवेश, परपंरा के रंग में सराबोर होने के बावजूद बदलाव की पटकथा लिखने के हिमायती इस अखबार को स्नेही पाठकों ने जो दुलार दिया है, जिस स्नेह के साथ अंगीकार किया है, उससे पूरा प्रबंधन अभिभूत है। यह कोई आत्मश्लाघा नहीं और न ही यहां यह आंकड़ा देने का उद्देश्य शेखी बघारना है। विगत चार माह में जनवाणी की प्रसार संख्या करीब सवा लाख तक पहुंच गई है। इन पाठकों की अपेक्षाओं पर मीडिया जगत का यह शिशु खरा उतरा है।

यह हमारे सफर की शुरुआत भर है, अभी मंजिल तक पहुंचने के कई चुनौती भरे पड़ाव बाकी हैं। कला, संस्कृति, राजनीति, उद्योग, खेल, साहित्य और अध्यात्म के सरोकारों के लिए मशहूर इस ऐतिहासिक जनपद में जनवाणी अपनी जुदा पहचान कायम करने की कोशिश में जुटेगा। आपके दर्द, आपके चिंतन, घर से लेकर खलिहान और आंगन से लेकर युवा वर्ग की मुश्किलें, उनकी सोच और विकास के रास्ते में मील का पत्थर हम बन सके, तो यह हमारा सौभाग्य होगा। 14 फरवरी को मेरठ में जनवाणी का पहला अंक पाठकों के बीच पहुंचा था।

मेरठ में पहले ही दिन से गजब का प्रतिउत्तर हमें पाठकों की तरफ से मिला और इसी हौसलाअफजाई ने हमें लगातार संस्करण लांच करने के हौसले बख्श दिए। मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और अब सहारपुर में जनवाणी के आगाज से साथ आपसे एक गुजारिश भी कि इस नवप्रवेशी अखबार को एक सजग आलोचक की तरह घर और दिल में जगह दें। आपके बेशकीमती सुझाव हमें अखबार में बेहतर साज सज्जा और कथ्य देने के लिए प्रेरित करेंगे। आप, हम समेत समूची दुनिया बदलाव के दौर से गुजर रही है लेकिन इस बदलाव की बयार में हमें अपनी संस्कृति, सोच और नैतिक दायित्वों के प्रति सजग रहना होगा। कोशिश करेंगे कि प्रगति के पथ पर चलते हुए, सामाजिक सरोकारों का समृद्ध करते हुए जनवाणी एक सार्थक मंच बनेगा आप सबके लिए।


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