पत्रिका फिर बना राजस्‍थान का सिरमौर

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भारतीय पाठक सर्वेक्षण की मुम्बई में वर्ष 2011 के प्रथम तिमाही के लिए जारी ताजा सर्वेक्षण में रिपोर्ट में आपका राजस्थान पत्रिका फिर से राजस्थान का सिरमौर घोषित हुआ है। ऑडिट ब्यूरो ऑफ सर्कुलेशन की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार भी राजस्थान पत्रिका राजस्थान का नम्बर 1 समाचार पत्र है। राजधानी जयपुर में पत्रिका समूह कुल पाठक संख्या में नम्बर 1 स्थान पर है। समूह के जयपुर शहर में 14.33 लाख कुल पाठक हैं जो किसी भी अन्य हिन्दी दैनिक समाचार पत्र समूह के पाठकों से कहीं अघिक हैं।

 

राजस्थान के कुल हिन्दी पाठकों में से 80 प्रतिशत पाठक पत्रिका पढते हैं। सर्वेक्षण के अनुसार पत्रिका समूह की यह बढत पिछले कई सर्वेक्षणों से निरन्तर बनी हुई है और जो दर्शाती है कि उच्च गुणवत्ता और प्रामाणिक खबरों के लिए पाठक पत्रिका पर ही भरोसा करते हैं। पत्रिका समूह 7 राज्यों में अपने 28 संस्करणों के 1 करोड 82 लाख 88 हजार कुल पाठकों के साथ देश के श्रेष्ठ पांच हिन्दी अखबारों में भी शुमार है। इसके अतिरिक्त पत्रिका कई वर्षो से गुजरात, तमिलनाडु व कर्नाटक का भी नम्बर 1 हिन्दी दैनिक है और कोलकाता में भी पाठकों की पहली पसन्द है।

पत्रिका ने अपनी निष्पक्ष, निर्भीक और निस्वार्थ पत्रकारिता के दम पर कुल पाठक संख्या में इस बार भी मध्यप्रदेश का सबसे तेज बढता अखबार साबित होने का गौरव प्राप्त किया है। पिछले सर्वेक्षण की तुलना में वर्ष 2011 की प्रथम तिमाही में पत्रिका ने अन्य सभी प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों की तुलना में अपने कुल पाठकों में सर्वाघिक नए पाठक जोडे है।

ऑडिट ब्यूरो ऑफ सर्कुलेशन की भी ताजा रिपोर्ट के अनुसार पत्रिका भोपाल व इंदौर जैसे प्रमुख शहरों के साथ ही सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में नम्बर 1 है। अल्प समय में ही अपनी कलम की पैनी धार और अपने सामाजिक सरोकारों से पत्रिका समूह ने राजस्थान के साथ ही मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ में पाठकों के दिल में एक अलग स्थान बनाया है।

राजस्‍थान पत्रिका ने यह खबर अपने जयपुर एडिशन में प्रकाशित किया है.


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