हिंदुस्‍तान : यूपी में कमाल की बढ़त या रद्दियों की बढ़त‍

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अजय कृष्‍ण त्रिपाठी वाराणसी : 2011 की पहली तिमाही के इंडियन रीडरशिप सर्वे (आईआरएस) के ताजे नतीजों के मुताबिक हिन्दुस्तान ने दैनिक भास्‍कर पर अपनी बढ़त और बढ़ा ली है और प्रमुख अखबारों में नम्बर दो की अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है पिछले दौर की आईआरएस गणना (2010 की चौथी तिमाही) के बाद से हिन्दुस्तान ने 14 लाख और पाठक जोड़े है।

हिन्दुस्तान की इस कमाल की बढ़त का केन्द्र रहा है उत्तर प्रदेश जहाँ इसे पिछले एक वर्ष के दौरान 49 लाख नये पाठकों ने अपनाया है। यह दावा है हिन्दुस्तान के सेल्स प्रबंधन का जबकि सच यह है कि हिन्दुस्तान की बढ़ी कापियां ज्यादातर रद्दी गोदामों की शोभा बढ़ा रही है। समय- समय पर इनकी बिक्री से सेल्स डिपार्टमेंट से जुड़े लोग पैसे बटोर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर हम उत्तर प्रदेश के सिर्फ वाराणसी शहर की बात करें तो हिन्दुस्तान वाराणसी संस्करण का सेल्स विभाग रद्दी कापियों की वजह से खूब कमा रहा है। कारण 6000 प्रतियां जो जून के प्रारम्भ से लगातार नई अनसोल्ड रहती थी, उसे अब सीधे गोदाम में रखवाया जा रहा है।

किसी भी अखबार की नयी बचत 6000 प्रतियां प्रतिदिन लगातार हो रही हो और सप्लाई भी न घटायी जाय यह मुमकिन नहीं है। जिस सेन्टर पर पहले से ही प्रतियां बच रही हों वहां पुनः सप्लाई और बढ़ाकर भेजा जाय यह भी असंभव है। विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि बुधवार व शनिवार के अंक का मूल्य बढ़ा दिये जाने के कारण हिन्दुस्तान की प्रसार संख्या लगातार घटने लगी इसलिए एबीसी के सर्टिफिकेट व आईआरएस / एआरएस की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए हिन्दुस्तान के उच्च प्रबंधन को निःशुल्क वितरण के लिए वितरकों को देने के लिए उपलब्ध कराया है। इसके पूर्व भी पिछले नवम्बर-दिसम्बर के माह में इस तरह की कापियों का निःशुल्क वितरण किया जा चुका है। उपरोक्त प्रतियों को स्थानीय प्रबंधन वितरकों को न देकर सीधे गोदाम में रखवा रहा है और बाद में रद्दी में बेचकर मालामाल हो रहा है।

विगत सप्ताह हिन्दुस्तान के नये स्थानीय महाप्रबंधक विपुल सिंह सेन्टरों पर निरीक्षण करने आये किन्तु चालाक सेल्स विभाग डिस्पैच विभाग को पूर्व में ही सूचित कर दिया था, लिहाजा उपरोक्त निःशुल्क प्रतियां सेन्टरों पर नहीं उतारी गयी और जिस मार्शल से आयी थी उसी में पड़ी रही, इसे सेल्स विभाग के एक जिम्मेदार व्यक्ति ने सीधे सुनिश्चित गोदाम में भेजवा दिया। देखने वाला यही समझा की पीओ की सप्लाई सेन्टर पर आयी और बिक भी गयी जबकि उपरोक्त प्रतियां रद्दी गोदाम में पहुंच गयी। यह भी खबर है कि पूर्वांचल के अन्य जिलों में भी एक पर एक फ्री का बिल चल रहा है। आजमगढ़ से तो इसकी पुष्टि भी हुई है। इस तरह देखा जाय तो यूपी में हिन्दुस्तान की कमाल की बढ़त के पीछे रद्दी कापियों की भी कमाल की बढ़त का खेल चल रहा है और संबंधित लोग मालामाल हो रहे हैं।

वाराणसी से अजय कृष्‍ण त्रिपाठी की रिपोर्ट.


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