स्‍टेट बैंक की सवा चार लाख की रकम ले भागे शेखर त्रिपाठी!

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शेखर त्रिपाठी: तब हिंदुस्तान अखबार, वाराणसी के संपादक हुआ करते थे, आजकल दैनिक जागरण, लखनऊ के संपादक हैंबनारस में खरीदी उधारी में कार, धेला भी नहीं चुकाया : हिन्‍दुस्‍तान अखबार में छपी आधे पन्‍ने की नोटिस : स्टेट बैंक आफ इंडिया ने जारी कर दी नोटिस : जमानतदार के रूप में दर्ज पत्रकार अनिल मिश्र का नाम भी छपा अखबार में :

वाराणसी : दैनिक जागरण के महारथी और हरफनमौला स्‍थानीय संपादक शशांक शेखर त्रिपाठी ने स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया को करीब सवा चार लाख का चूना लगा दिया है। यह रकम उन्‍होंने अपनी रंगबाजी के लिए एक फोर्ड कार खरीदने के लिए ली थी। उधार के तौर पर ली गयी यह रकम तब बैंक से हथियायी गयी थी, जब वे वाराणसी हिन्‍दुस्‍तान में स्‍थानीय सम्‍पादक के तौर पर कार्यरत थे। लेकिन कुछ ही दिन बाद उन्‍होंने लखनऊ में दैनिक जागरण की नौकरी मिल गयी और फिर वे बिना रकम चुकाये वहां से भाग खड़े हुए। सोचा होगा कि अब उनसे कौन वसूलेगा यह रकम, लेकिन स्‍टेट बैंक वाले तो उनसे भी ढाई कदम आगे निकले और आज उनके ही पुराने अखबार हिन्‍दुस्‍तान में बाकायदा आधा पन्‍ने का विज्ञापन देकर नोटिस जारी कर दी। जाहिर है हंगामा मचा हुआ है।

शशांक शेखर त्रिपाठी अपना पूरा नाम लिखते ही नहीं हैं। प्रिंट लाइन में भी उनका नाम सिर्फ शेखर‍ त्रिपाठी ही है। लहजे में हमेशा विनोद शुक्‍ल वाली कार्यपद्यति के चलते वे कलम से ज्‍यादा दबंग पत्रकार के तौर पर ज्‍यादा पहचाने जाते हैं। अपनी दबंग छवि को रंगबाज बनाने के लिए शेखर त्रिपाठी ने फोर्ड कार खरीदने का फैसला किया। इसके लिए भारतीय स्‍टेट बैंक से लोन लिया गया। कर्जदारी के इस कागजात में उनके कथित बहनोई और हिन्‍दुस्‍तान में डीएनई अनिल मिश्र को जमानतदार बनाया गया।

अब यह संयोग ही रहा कि इसके कुछ ही समय बाद शेखर त्रिपाठी को दैनिक जागरण लखनऊ में सम्‍पादक की कुर्सी मिल गयी और वे लखनऊ चले गये। मगर इस पूरी प्रक्रिया में वे कार के लोन की किश्‍तों को भोलेनाथ की नगरी काशी में ही छोड़ आये। बैंकवालों ने नोटिसें भेजना शुरू किया। खबर शेखर त्रिपाठी को हर बार भेजी गयी लेकिन उन्‍होंने इन नोटिसों को फेंक दिया। बताते हैं कि इस हालत से परेशान बैंक वालों को शेखर त्रिपाठी की विरोधी लाबी ने हवा दे दी और आखिरकार बैंकवालों ने शेखर त्रिपाठी के खिलाफ नोटिस जारी करने का फैसला किया।

बैंक की तरफ से अखबार में प्रकाशित नोटिस (पूरा पढ़ने के लिए नोटिस पर क्लिक कर दें)

कल रविवार को बैंक की तरफ से हिन्‍दुस्‍तान के दूसरे पृष्‍ठ पर आधा पेज की एक नोटिस जारी की गयी है, जिसमें शेखर त्रिपाठी का नाम प्रमुखता से छापा गया है। इस नोटिस में शेखर त्रिपाठी पर चार लाख सात हजार रूपयों का बकाया कार लोन की मद में दिखाया गया है। नोटिस में अनिल मिश्र का नाम भी बतौर शेखर त्रिपाठी के जमानदार छापा गया है और कहा गया है कि यदि निर्धारित अवधि में जमा नहीं किया गया तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अनिल मिश्र इसी अखबार में संयुक्‍त समाचार सम्‍पादक के पद पर कार्यरत हैं। अनिल मिश्र को शेखर त्रिपाठी ही दिल्‍ली दैनिक जागरण से लेकर हिन्‍दुस्‍तान में लाये थे। शेखर त्रिपाठी पर हुई बैंक की इस कार्रवाई ने वाराणसी के पत्रकार जगत में हंगामा खड़ा कर दिया है। खासतौर पर उनके विरोधी इस मामले को तूल देने पर आमादा हैं।

इस प्रकरण पर भड़ास4मीडिया ने जब शेखर त्रिपाठी का पक्ष जानने के लिए उन्हें फोन किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। बाद में उन्हें एसएमएस भेजकर इस पूरे प्रकरण की जानकारी दी गई और उनसे अपना पक्ष रखने की अपील की गई तो भी उन्होंने कोई रिस्पांस नहीं दिया।


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