अरिंदम चौधरी ने ठोंका दिल्‍ली प्रेस पर 50 करोड़ का मुकदमा

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मैनेजमेंट गुरु अरिंदम चौधरी ने दिल्‍ली प्रेस की सांस्‍कृति पत्रिका कारवां पर 50 करोड़ (500 मिलियन) का मानहानि का मुकदमा ठोंका है.  कारवां के फरवरी अंक में सिद्धार्थ देब ने एक स्टोरी की थी अरिंदम चौधरी के फिनोमिना के ऊपर. सिद्धार्थ ने कारवां में अरिंदम चौधरी के बारे में तमाम बाते स्रोतों के हवाले से लिखी है. उनका लेख पूरी तरह बातचीत पर आधारित है. इस लेख में अरिंदम पर कई सवाल उठाए गए हैं.

इस लेख में अरिंदम चौधरी के संस्‍थान आईआईपीएम के बारे में भी कई खुलासे किए गए हैं.  मसलन झूठे वादा करने, लैपटॉप न देने आदि के आरोप बातचीत के आधार पर निकाले गए हैं. इस लेख को देखते हुए अरिंदम ने कोर्ट में कहा है कि इस लेख से उनका माहानि हुआ है. अरिंदम ने दिल्‍ली प्रेस के साथ पेंगुइन इंडिया और गूगल को भी लपेटा है क्‍योंकि पेंगुइन से अरिंदम पर किताब आने वाली है, जिसके स्रोतो का हवाला लेख में सिद्धार्थ देब ने दिया है.

गौरतलब है कि मैनेजमेंट गुरु के नाम से विख्‍यात अरिंदम चौधरी आईआईपीएम जैसी बहुप्रचारित मैनेजमेंट संस्‍थान चलाते हैं. अरिंदम कई भाषाओं की पत्रिका द संडे इंडियन का प्रकाशन भी करते हैं. उन्‍होंने दो बेस्‍टसेलर्स 'द ग्रेट इंडियन ड्रीम' और 'काउंट योर चिकेन्‍स बिफोर दे हैच' भी लिखे हैं.


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