सेबी ने वाकई पीएसीएल के कई ठिकानों पर छापेमारी की या आजसमाज में फर्जी खबर छपी?

E-mail Print PDF

इन दिनों पीएसीएल चर्चा में है. यह पर्ल्स ग्रुप की मदर कंपनी है. पी7न्यूज चैनल, बिंदिया मैग्जीन, मनी मंत्रा मैग्जीन, शुक्रवार मैग्जीन यही ग्रुप निकालता है. मध्य प्रदेश में राज्य सरकार ने बिल्डरों और चिटफंडियों के खिलाफ अभियान चला रखा है. इसकी शुरुआत खासकर तब हुई जब कई बिल्डरों और चिटफंडियों ने राज्य सरकार को अपने मीडिया माध्यमों से ब्लैकमेल करना शुरू किया. जब ब्लैकमेलिंग की हद हो गई तो राज्य सरकार ने इन्हें सबक सिखाने के लिए इनकी मूल कंपनियों की चूले हिला दीं.

बड़े अखबारों में विज्ञापन छपवाकर और शहर शहर में होर्डिंग लगाकर राज्य सरकार ने जनता से अपील की कि वे अपना पैसे इन चिटफंडियों को न दें क्योंकि ये कभी भी भाग सकते हैं और इनके पास कानूनी कागजात पूरे नहीं हैं. राज्य सरकार ने अपने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को बिल्डरों व चिटफंडियों को धरने-पकड़ने, संपत्ति जब्त करने, कागजात की छानबीन करने आदि में लगा दिया. तो ग्वालियर संभाग में करीब तीन दर्जन से ज्यादा कंपनियों पर पुलिस व प्रशासन ने गाज गिरा दी जिसमें पीएसीएल भी है. पीएसीएल वालों ने दिल्ली समेत कई राज्यों में विज्ञापन देकर यह स्पष्ट किया है कि वे कोई गलत काम नहीं कर रहे हैं.

पीएसीएल के खिलाफ नवभारत टाइम्स और स्टार न्यूज में खबरें छपी-दिखाई गईं. यह भी चर्चा है कि पी7न्यूज के कर्ताधर्ता दिल्ली में गोपालदास भवन में फर्जी निवेशकों को इकट्ठा कर उनके इंटरव्यू अपने पक्ष में जोरशोर से प्रसारित कर रहे हैं ताकि मीडिया में खिलाफ बने माहौल को धीरे धीरे ठीक किया जा सके. ताजी सूचना ये है कि आजसमाज अखबार के गुड़गांव एडिशन में पीएसीएल को निशाना बनाते हुए ऐसी खबर छाप दी जिसकी सत्यता संदिग्ध है. कांग्रेसी नेता विनोद शर्मा के इस अखबार में जिसके प्रधान संपादक आजकल महान पत्रकार राहुल देव हैं, में खबर प्रकाशित हुई की पीएसीएल के कई शहरों के आफिसों पर सेबी के अधिकारियों ने छापेमारी की. पूरी खबर पढ़िए और बताइए कि क्या वाकई पीएसीएल के ठिकानों पर देशव्यापी छापे सेबी के लोगों ने डाले हैं?


AddThis