अमर उजाला : इंक्रीमेंट-प्रमोशन में गड़बड़ी, फिर जारी होगी फाइनल लिस्‍ट

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: एमडी तक पहुंची असंतोष और गड़बड़ी की शिकायत : अमर उजाला में कई लोगों के प्रमोशन की जानकारियां अब मिल रही हैं. इसके साथ ही कई गड़बडि़यों का भी पता चल रहा है. कुछ गड़बडि़यां की जानकारी एमडी तक पहुंच चुकी है. प्रमोशन पाने वालों की लिस्‍ट लम्‍बे इंतजार के बाद जारी तो हो गई है, लेकिन यह फाइनल नहीं है. जल्‍दी ही एक और सूची जारी करने की प्रकिया शुरू होने वाली है.

जुलाई के पहले सप्‍ताह हुए प्रमोशन में जम्‍मू में रिपोर्टर उमेश पंगोत्रा को डीएनई के पोस्‍ट पर प्रमोट किया गया है. सीनियर रिपोर्टर भूपेंद्र भाटिया को चीफ सब बनाया गया है. अमर उजाला के शिमला डेस्‍क पर काम कर रहे संजीव शर्मा और धर्मशाला में डेस्‍क पर काम कर रहे रमन सिंह को चीफ सब एडिटर के पोस्‍ट पर प्रमोट किया गया है.

चंड़ीगढ़ में 3 लोगों को प्रमोशन की चिट्ठी मिली है. पंजाब और हरियाणा ब्‍यूरो के इंचार्ज सुरेंद्र धीमान सीनियर स्‍पेशल करेस्‍पांडेंट बनाए गए हैं. अनिल त्रिवेदी सीनियर न्‍यूज एडिटर बने हैं. राजेंद्र कापड़ी चीफ सब एडिटर प्रमोट किए गए हैं. इन तीनों के अलावा चंड़ीगढ़ में डीएनई योगेश नारायण दीक्षित के प्रमोशन की भी चर्चा है. अभी इन्‍हें इंक्रीमेंट की चिट्ठी ही मिली है. इनका प्रमोशन नोएडा कारपोरेट ऑफिस की गड़बड़ी के कारण होल्‍ड हो गया है. ऐसी गड़बड़ी की जानकारी कई यूनिट से मिली है, जहां कई सीनियर लोग काफी परेशान हैं और अपने संपादकों पर नाइंसाफी का आरोप लगा रहे हैं.

नोएडा से पता चला कि प्रमोशन की लिस्‍ट बनाते समय कुछ लोगों के नाम गायब हो गए. इसमें पूरे ग्रुप में 24 लोगों के नाम सामने आए, जिनके प्रमोशन के लिए उनके संपादकों ने अनुशंसा की थी, लेकिन नोएडा में इन पर विचार ही नहीं हुआ. जिन लोगों के प्रमोशन किए गए उनकी बनाई हुई कुछ खबरें और पेज नोएडा मंगाए गए थे. इसी की लिस्‍ट बनाते समय गड़बडि़यां हुईं.

बताया जा रहा है कि ऑन लाइन अप्रेजल सिस्‍टम के कारण ऐसा हुआ. इसे जब एमडी राजुल माहेश्‍वरी की जानकारी में लाया गया तब तहकीकात शुरू हुई. संपादकों को मेल भेजकर बताया गया है कि इनके इंक्रीमेंट लेटर पर जारी कर दिए गए हैं. प्रमोशन लेटर शीघ्र जारी करने की जानकारी दी गई है. वैसे नोएडा में एचआर का जो हाल है उसमें यह कहना मुश्किल है कि बचे हुए 24 लोगों को कब तक लेटर मिलेगा. अभी जो इंक्रीमेंट लेटर बना है उसी में तीन महीने लग गए. उसके लिए भी संपादकों से पूछा नहीं गया कि किसे किस पोस्‍ट पर प्रोन्‍नत करना है. नतीजा है कि प्रमोशन के नाम पर पोस्‍ट कुछ भी लिख दिया गया है.

रिपोर्टर के लेटर में डीएनई का पोस्‍ट है. ऐसा लगता है कि हड़बड़ी में चिट्ठियां जारी की गई हैं. सब एडिटरों के प्रमोशन का मामला अभी लटका हुआ है. इस सुस्‍त चाल के कारण अमर उजाला के नोएडा ऑफिस समेत पूरे ग्रुप में संपादकीय कर्मियों में असंतोष फैल रहा है. संपादकीय प्रभारियों ने चुप्‍पी साध रखी है. अभी उनका इंक्रीमेंट भी लटका हुआ है. देहरादून और  हल्‍द्वानी के संपादकों के बदले जाने के बाद सभी सहमे हैं कि ना जाने अब किसकी बारी हो. वैसे भी अमर उजाला में अब संपादकों की वह स्थिति नहीं है जो अतुल माहेश्‍वरी के जमाने में थी. इस बार के अप्रेजल में भी यह साफ दिख रहा है.


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