न्‍यूज इंटरनेशनल के बाद मिरर ग्रुप पर भी फोन हैकिंग के आरोप

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ब्रिटिश मीडिया जगत को हिला देने वाले फोन हैकिंग स्केंडल में मीडिया मुगल रुपर्ट मर्डोक के 'न्यूज ऑफ द व‌र्ल्ड' के अलावा दूसरे समूह के अखबार भी फंसते नजर आ रहे हैं और इस कड़ी में मिरर ग्रुप पर भी फोन हैकिंग के आरोप लगे हैं। इससे एक बार फिर ब्रिटेन में सनसनी फैल गई है।

अभी तक रुपर्ट मर्डोक के न्‍यूज इंटरनेशनल ग्रुप पर ही फोन हैकिंग करने का आरोप और जांच झेल रहा था। इसके चलते ही ग्रुप को अपना 168 साल पुराना अखबार 'न्‍यूज ऑफ द वर्ल्‍ड' को बंद करना पड़ा था। अब मिरर ग्रुप का नाम भी इस कड़ी में शामिल हो गया है। मिरर ग्रुप के पूर्व पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि उन्‍होंने अपने कार्यकाल के दौरान अखबारों में धड़ल्‍ले से फोन हैकिंग होते हुए देखा था।

डेली मिरर के पूर्व पत्रकार जेम्स हिपवेल ने द इंडिपेनडेंट से कहा कि वह न्यायमूर्ति ब्रियान लेवेसन की अध्यक्षता वाली जांच समिति के सामने गवाही देने को तैयार है। उधर बीबीसी ने भी संडे मिरर के पूर्व पत्रकार के हवाले से कहा है कि अखबार के न्‍यूज रूम में फोन हैकिंग आम बात थी। उन्‍होंने बताया कि वह नियमित फोन हैकिंग होते हुए देखते थे और अभिनेत्री लिज हर्ले और फुटबाल खिलाड़ी रियो फर्डिनेंड के फोन हैक किए गए।

बीबीसी ने संडे मिरर के पूर्व पत्रकार के हवाले से खबर दी है कि संडे मिरर में एक वीओ (वॉयस ओवर) आर्टिस्‍ट भी रखा गया था, जो सेलिब्रिटियों की आवाज की नकल कर उनके परिचितों से बात करता था और उनसे संबंधित अंदर की गोपनीय खबरें निकालता था। गौरतलब है कि मिरर ग्रुप के दोनों ही अखबार 'न्‍यूज ऑफ द वर्ल्‍ड' के प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। मिरर ग्रुप के पांच अखबार हैं, जिसमें डेली मिरर एवं संडे मिरर के अलावा पीपुल, डेली रिकार्ड एवं संडे मेल शामिल हैं।


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