दैनिक जागरण, मेरठ की वाट लगा दी सिटी चीफ दिनेश दिनकर ने

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कई बार इतनी बड़ी गलती पत्रकार लोग कर बैठते हैं कि उसका खामियाजा पूरे अखबार को भुगतना पड़ता है. और गलती अगर जान बूझकर की जाए तो इसे अक्षम्य अपराध ही कहा जाएगा. ये नहीं पता कि दैनिक जागरण, मेरठ के सिटी चीफ दिनेश दिनकर ने यह गलती जानबूझ कर की या अनजाने में उनसे हो गई. लेकिन इतना जरूर है कि जितने लंबे समय से वे मेरठ में हैं, मेरठ की पत्रकारिता में हैं, क्राइम रिपोर्टिंग में हैं, उसके कारण उनसे ऐसी गलती की अपेक्षा नहीं थी.

दैनिक जागरण, मेरठ में पहले पेज पर आज एक खबर छपी है, ''लुटेरा थानेदार दो सिपाहियों समेत गिरफ्तार'', शीर्षक से. इसमें जिस थानेदार और एक सिपाही को लुटेरा बताया गया है, और गिरफ्तार बताया गया है, वह बिलकुल निराधार है. थानेदार और सिपाही अपनी ड्यूटी पर हैं. इस खबर के छपने से थानेदार की पत्नी को हार्ट अटैक हो गया है. खबर है कि उन्हें मेरठ के आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया है. थानेदार का नाम पवन शर्मा है और वे बागपत जिले के चांदीनगर थाने में तैनात हैं. जिस सिपाही को लुटेरा और गिरफ्तार बताया गया है उनका नाम मनोज दीक्षित है. वे एसओजी में तैनात हैं.

दरअसल हुआ यूं कि तीन सिपाहियों के शाहजहांपुर में गिरफ्तार करने की सूचना आई थी. ये तीनों सिपाही पवन, कपिल और निशांत चौधरी कभी मेरठ में एंटी आटो थेफ्ट सेल में हुआ करते थे. इनका काम गाड़ियों की चोरी और लूटपाट रोकना था लेकिन ये खुद गाड़ियों की चोरी करने वाला गैंग चलाने लगे. इन लोगों का तबादला गैर जिलों में कुछ महीने पहले कर दिया गया था पर इन्होंने ड्यूटी ज्वाइन नहीं किया था. बताया जाता है कि इन्होंने लखनऊ में लूट की. वहां लूट की सूचना फ्लैश हुई और ये लोग शाहजहांपुर में पकड़ लिए गए. सूचना जब मेरठ पहुंची तो दिनेश दिनकर और उनकी टीम ने पवन नाम के सिपाही को अंदाजन पवन शर्मा थानेदार मान लिया.

और जाने कहां से मनोज दीक्षित को गिरफ्तार और लुटेरा बता दिया. मेरठ में सबसे ज्यादा बिकने वाले अखबार दैनिक जागरण में फ्रंट पेज पर खबर छप जाने से निर्दोष थानेदार और एक सिपाही की जो किरकिरी हुई है, उससे पुलिस प्रशासन स्तब्ध है. खबर तो यहां तक है कि थानेदार की पत्नी के हार्ट अटैक के बाद पुलिस के कई अधिकारी और जवान गोलबंद होने लगे हैं और दैनिक जागरण को सबक सिखाने की तैयारी कर रहे हैं.


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