सीकेटी को तो अब बरेली छोड़ना ही होगा

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सीकेटी के भविष्‍य पर कौन सी ताल लगायी जाए, दैनिक जागरण समूह अभी तक यह तय ही नहीं कर पाया है। लेकिन इतना जरूर है कि सीकेटी के नाम से मशहूर चंद्रकांत त्रिपाठी बरेली में अब न तो सुरमा लगाने लायक रह गये हैं और न ही अब कभी झुमका खोज पायेंगे। साफ शब्‍दों में कहा जाए तो सीकेटी को बरेली अब छोड़ना ही होगा। जागरण समूह प्रबंधन इस बारे में अपना दिल कड़ा कर चुका है। कीमत चाहे कुछ भी चुकानी पड़े।

बरेली के दैनिक जागरण में प्रमुख की हैसियत से चंद्रकांत त्रिपाठी ने बीस साल से ज्‍यादा का वक्‍त खपाया। लेकिन अब लगता है कि उनकी राजगद्दी छिनने का वक्‍त आ चुका है। रांची में जीएम रहे एएन सिंह बरेली पहुंच चुके हैं जबकि रांची में उनकी जगह सरोज अवस्‍थी ने कार्यभार सम्‍भाल लिया है। बताते हैं कि एएन सिंह ने तो तबादले की खबर मिलते ही रांची छोड़ने का फैसला कर लिया था, हालांकि वे रांची को लेकर बेहद भावुक रहे थे। मगर सरोज अवस्‍थी ने आगरा न छोड़ने के लिए एड़ी-चोटी तक का जोर लगा दिया था।

उधर एएन सिंह की बरेली रवानगी से ही सीकेटी और उनके खेमे में बवंडर खड़ा हो गया था। लेकिन सीकेटी हर हाल में बरेली-नरेश की कुर्सी पर काबिज रहने की जुगत भिड़ाये ही हुए हैं। उन्‍हें अब भी लग रहा है कि जागरण समूह प्रबंधन उनकी सेवाओं को देखते हुए कम से कम इतना तो रहम कर ही देगा कि बरेली से न हटाये जाने की अर्जी मंजूर कर ले। चर्चा तो यहां तक है कि अपनी रणनीति के तहत सीकेटी समूह प्रबंधन के प्रत्‍येक सत्‍ता केंद्र-धुरी तक इस बारे में गुहार लगा चुके हैं। लेकिन खबरों के मुताबिक अब यह हो पाना मुमकिन नहीं है। अपनी नयी पालिसी के तहत जागरण समूह प्रबंधन अब किसी भी दबाव के आगे झुकने का तैयार नहीं है।

तो, अब यह साफ हो चुका है कि सीकेटी को बरेली से अलविदा कहना ही पड़ेगा। सीकेटी के लिए यह हालत तो जीवन के सबसे बुरे दौर की तरह तो है ही, लेकिन सबसे ज्‍यादा धड़कनें तो उन लोगों की बढ़ चुकी हैं जो चंद्रकांत त्रिपाठी के खेमे में सिपहसालार माने जाते रहे हैं। उन्‍हें डर है कि सीकेटी के जाने के बाद कहीं जल्‍दी ही उन्‍हें भी अपना बोरिया-बिस्‍तरा समेटने का फरमान न सुना दिया जाए।


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Comments (2)Add Comment
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written by rajesh, August 11, 2011
chor ckt har bureo chief say paisa khatta hai. reporter ke transfer may bhi paise leta hai. es daalal ke gand par laat parni chieya
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written by saurabhjaysawal, August 11, 2011
CKt Bareilly nahi chhodenge. wah Bareilly Shagar se MLA ka chunaw ladne ki taiiyari kar rahe hai. unke siphasahlar Pawan saxena ,Parveen Sharma ke kahne par unka Bhai Sabhasad Banti . SS Bhatiya sabhi party me tikat ke prayas kar rahe hai. udher CKT ke log prachar kar rahe hai ki GM sahab Bareilly me director bankar baithhenge. isileye CKT ne ANSINGh ko purani scorpio de di hai aur khud nai gadi me chal rahe hai. CKT ke gurge AN SINGH ko kamjor karne ko muradabad aur Haldauni me bhi jut gai hai.Bareilly me to pura amla CKT ka hai. jo CKT ke duskramo me shamil nahi hua . uadahran CKT ne Bachchan Singh aur RK singh ko islliye paidal kiya ki wah Rupeeiya aur ladkiyo ka intajam kar ne me peechhe the. jinhone ye intajam kar diye wah aaj raj kar rahe hai aur RK SINGH jaise diggaj jinhe RE hona chahiye tha wah sadak par hai aur Bachchan singh ghar par. AN SINGH bhi THakur putra hai. Bachchan Singh aur RK singh ki tarh imandar hai,charitra wan hai. Jagran ke malik ka AN SINGH SINGH ko Asheerwad hai ,ichcha shakti aur langot majboot hai isliye CKT aur unke gurge charokhane chitt hoin ge. bas Bhagwam Jagran ke maliko ko sadbudhdhide.

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