केबल ऑपरेटरों ने दैनिक जागरण का बहिष्‍कार किया, होली जलाई

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आजमगढ़ में केबल यूनियन वाले तथा दैनिक जागरण एक दूसरे के आमने-सामने हैं. दोनों के बीच घमासान चल रहा है. जागरण केबल वालों के खिलाफ खबरें छाप रहा है तो केबल वाले अखबार का बहिष्‍कार कर उसकी होली जला रहे हैं. केबल संघ वालों ने डीएम को भी आवेदन पत्र देकर जागरण के जिला प्रतिनिधि एवं उनके सहयोगी पत्रकारों पर कार्रवाई की मांग की है. इस मामले को लेकर पूरा जिला गरम है.

दो माध्‍यमों के बीच छिड़ी इस जंग का कारण बताया जा रहा है यहां प्रसारित हो रहा लोकल न्‍यूज चैनल एबीसी. यह लोकल चैनल यहां के केबल कर्ताधर्ता तथा दबंग राम सिंह गुड्डू का है. इसके पीछे की जो कहानी बताई जा रही है उसके अनुसार एबीसी के अलावा यहां से एएनएन नाम का भी एक लोकल न्‍यूज चैनल संचालित हो रहा था. जिसे राम सिंह ने एक एसपी रमेश शर्मा के सहयोग से बंद करवा दिया. एएनएन न्‍यूज को नियमों का हवाला तथा साम्‍प्रदायिकता फैलाने समेत अन्‍य कई आरोप लगाए गए.

इस घटना के बाद जागरण के एक प्रतिनिधि ने एबीसी चैनल तथा केबल ऑपरेटरों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया. जागरण ने लोकल चैनल को बिना लाइसेंस के चलाए जाने से लेकर तमाम नियम कानूनों का हवाला देते हुए इस अवैध करार दिया, जिसमें बिजली के खंभों पर केबल कनेक्‍शन लगाए जाने से लेकर टैक्‍स तक के बारे में कई जानकारियां दी गईं तथा आरोप लगाए गए. केबल वालों ने खबर छपने के बाद इसकी शिकायत वाराणसी में अखबार के वरिष्‍ठ अधिकारियों से की तथा खबरों को पूरी तरह से गलत तथा निराधार बताया,  परन्‍तु वहां भी उनकी नहीं सुनी गई.

इसके बाद नाराज केबल ऑपरेटरों ने डीएम को पत्र लिखा. जिसमें इन्‍होंने दैनिक जागरण के जिला प्रतिनिधि पर आरोप लगाया गया कि वो विज्ञापन न देने तथा अपने परिचितों को मुफ्त में केबल कनेक्‍शन न देने से नाराज होकर केबल चैनल वालों के खिलाफ अनर्गल खबरें प्रकाशित कर रहे हैं. इसके बाद केबल ऑपरेटरों ने जागरण के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अखबार की होली जलाई. केबल ऑपरेटरों ने दैनिक जागरण अखबार के बहिष्‍कार का भी निर्णय लिया है. अब खबरों के पीछे की असली सच्‍चाई क्‍या है ये या तो जागरण वाले जानते हैं या फिर केबल ऑपरेटर, परन्‍तु इस मामले को लेकर आजमगढ़ के दूसरे अखबारों के लोग खूब मजा ले रहे हैं.


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