जागरण : राजवीर सिंह रिटायर, सीकेटी की गोरखपुर के लिए विदाई

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: मनोज झा ने मेरठ एवं एएन सिंह ने बरेली में प्रभार संभाला :  जागरण में आज दो यूनिटों से दो लोगों की विदाई हुई. बरेली यूनिट से सीजीएम चंद्रकांत त्रिपाठी को गोरखपुर रवाना किया गया वहीं मेरठ यूनिट से वरिष्‍ठ पत्रकार और संपादकीय प्रभारी राजवीर सिंह रिटायर हो गए. दोनों को विदाई दी गई. दोनों लोग लम्‍बे समय तक अपने अपने यूनिटों से जुड़े रहे. बरेली में एनसिंह ने प्रभार संभाला तो मेरठ में मनोज झा ने औपचारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया.

दैनिक जागरण, मेरठ यूनिट में राजवीर सिंह को विदाई देते समय माहौल में भावनाओं का ज्‍वार उबल रहा था. पिछले तीन दशक से मेरठ में पत्रकारिता की मजबूत कड़ी के रूप में जमे राजवीर सिंह ने जागरण को हर मोड़ पर खड़ा करने का काम किया. जागरण, मेरठ के संपादकीय प्रभारी विजय त्रिपाठी के अमर उजाला, देहरादून चले जाने के बाद राजवीर सिंह को संपादकीय प्रभारी बनाया गया था. कुछ समय पहले ही राजवीर सिंह ने प्रबंधन ने अनुरोध किया था कि अब उनको मुक्‍त किया जाए. उनके अनुरोध को सम्‍मान देते हुए प्रबंधन ने उनकी बात स्‍वीकार कर ली थी. इसके बाद यूपी डेस्‍क का प्रभार देख रहे मनोज झा को संपादकीय प्रभारी बना दिया गया था.

इसकी घोषणा के बाद से मनोज झा संपादकीय प्रभार देखने लगे थे परन्‍तु आज उन्‍होंने भी विधिवत संपादकीय प्रभारी का पद भार ग्रहण कर लिया. इसके पहले विदाई समारोह में राजवीर सिंह के कार्यों को याद करते हुए उनके सहयोगियों ने उन्‍हें एक कर्मठ पत्रकार बताया. विदाई समारोह में निदेशक देवेश गुप्‍ता, तरुण गुप्‍ता, जीएम अखिल भटनागर, संपादकीय प्रभारी मनोज झा समेत सभी विभागों के कर्मचारी एवं सहयोगी मौजूद रहे. राजवीर सिंह ने भी जागरण के साथ बिताए पलों को याद किया तथा इसे एक अविस्‍मरणीय अनुभव बताया.

इधर, बरेली में जीएम/स्‍थानीय संपादक चंद्रकांत त्रिपाठी का भी तख्‍ता पलट हो गया. नए महाप्रबंधक/ स्‍थानीय संपादक एएन सिंह की मौजू‍दगी में चंद्रकांत त्रिपाठी उर्फ सीकेटी को विदाई दी गई. सीकेटी के विदाई समारोह में वो उल्‍लास और हर्ष देखने को नहीं मिला, जो रांची में एएन सिंह की विदाई के दौरान देखने को मिला था. एएन सिंह को जहां सैकड़ों गाडि़यों के काफिले के साथ विदा किया गया था वहीं सीकेटी की विदाई में जागरण के अलावा एकाध गाडि़यां ही नजर आईं.  सीकेटी के विदाई समारोह में हलद्वानी के मैनेजर अशोक त्रिपाठी समेत कुछ वरिष्‍ठ लोग मौजूद रहे. विदाई समारोह में सीकेटी काफी थके थके नजर आ रहे थे. उनके चेहरे पर एक बड़ी सल्‍तनत हाथ से निकल जाने का दर्द साफ नजर आ रहा था.

नए जीएम/ स्‍थानीय संपादक एएन सिंह ने अपने परिचयात्‍मक भाषण में बहुत नपी तुली बात कही. पंद्रह अगस्‍त के दिन हुए सीकेटी के विदाई समारोह में कुछ लोग गमगीन नजर आ रहे थे तो कुछ ने इसे बरेली यूनिट की आजादी बताया. सीकेटी को गोरखपुर का जीएम बना दिया गया है. अब वहां जाकर वे अपना पदभार ग्रहण करेंगे. अभी तक गोरखपुर में पूरा मामला देख रहे शैलेंद्रमणि त्रिपाठी के बारे में साफ नहीं हो पाया है कि वे यहीं जमे रहेंगे या प्रबंधन उनको भी किसी नए ठौर पर भेजेगा. अभी तक जो खबर मिली उसके मुताबिक शैलेंद्र मणि त्रिपाठी यानी एसएमटी सीकेटी को रिपोर्ट करेंगे. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई.

सीकेटी बरेली यूनिट के सर्वे सर्वा थे, जो चाहा वो किया. कुछ दोस्‍त बनाए तो कई दुश्‍मन भी खड़े किए. हालांकि उन्‍होंने अपने विदाई समारोह में कहा कि उन्‍होंने अपने अखबारी जीवन में किसी का कोई नुकसान नहीं किया तो पीछे से फब्तियां कसने की आवाजें भी आईं. इधर, गोरखुर में संभावित टकराव की स्थिति का अनुमान भी कुछ लोग लगाने लगे हैं. हालांकि गोरखपुर यूनिट काफी समय से स्‍टेट हेड रामेश्‍वर पाण्‍डेय के निशाने पर भी रही है. उन्‍होंने एसएमटी को बिना विश्‍वास में लिए कई लोगों को इधर उधर किया था. इसलिए माना जा रहा है कि प्रबंधन ने जानबूझकर दो कांटों को एक साथ कर दिया है ताकि वे खुद एक दूसरे को लहूलुहान करत रहें.


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