अन्‍ना का आंदोलन भी अखबारों के लिए कमाई का जरिया बना

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रोहतक। अन्ना हजारे गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और अपनी मांग को मनवाने के लिए अनशन पर हैं। पूरा देश दिल से उनके साथ है और बढ़-चढ़ कर आंदोलन में भाग ले रहा है। लेकिन जनलोकपाल बिल के लिए अन्ना का यही जनआंदोलन चंद अखबारों के लिए कमाई का जरिया बन गया है। देश भर में अन्ना को मिल रहे समर्थन का जमकर फायदा यह अखबार उठा रहे हैं।

खुद को देश का सबसे तेजी से बढ़ता अखबार कहने वाले दैनिक भास्कर का उदाहरण प्रस्तुत है। अन्ना का आंधी का फायदा इसका अखबार ने किस प्रकार उठाया है, इसका उदाहरण 19 अगस्त के रोहतक संस्करण के पेज नंबर 18 पर उपलब्ध है। अन्ना के समर्थन में नेताओं और अन्य विज्ञापनदाताओं से विज्ञापन लिए गए हैं। यह तो सिर्फ रोहतक का ही उदाहरण है। अन्य जगहों पर भी इसी प्रकार का खेल चल रहा है। ऐसा नहीं है कि इस दौड़ में सिर्फ यही अखबार शामिल है, बल्कि और भी पीछे नहीं हैं। दो दिन पहले रोहतक हरिभूमि भी इसी प्रकार का एक संस्करण निकाल चुका है। ऐसे में अब जनता या यूं कहें कि पाठकों को ही तय करना है कि यह सही है या गलत।

दीपक खोखर

रोहतक


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