जागरण एवं आई-नेक्‍स्‍ट को संपादकीय सहयोगियों की जरूरत

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दैनिक जागरण एवं आई-नेक्‍स्‍ट ने आज विज्ञापन प्रकाशित कर संपादकीय सहयोगियों से आवेदन मांगे हैं। जागरण ने प्रशिक्षु उप सम्‍पादक एवं आई-नेक्‍स्‍ट ने न्‍यूज एडिटर/ मुख्‍य संवाददाता/ सीनियर रिपोर्टर/ रिपोर्टर की भर्ती हेतु आवेदन आमन्त्रित किये हैं। दोनों अखबारों ने जल्‍द से जल्‍द अपना रिज्‍यूम ई-मेल से भेजने को कहा है।

दैनिक जागरण्‍ा ने लिखा है कि ''यदि आप फेसबुक, ट्विटर, जागरण जंक्‍शन सरीखी सोशल नेटवर्क साइट/ ब्‍लॉग में से किसी एक या अनेक पर किसी न किसी सरोकार के सारथी हैं अथवा आपके ढेरों फालोवर है, आर.टी.आई.एक्टिविज्‍म आपको एक्‍साइट करता है,  सामाजिक राजनैतिक आर्थिक, स्‍पोर्ट्स और लाईफ स्‍टाइल से जुड़ी हलचलें आपको उद्देलित कर कलम चलाने को विवश कर देती हैं,  यदि आप पत्रकारिता के क्षेत्र में नई शुरुआत का जज्‍बा रखते हैं तो देर किस बात की अवसर दस्‍तक दे रहा है। बने विश्व में सर्वाधिक पढे़ जाने वाले अखबार 'दैनिक जागरण' की संपादकीय टीम का हिस्‍सा। दैनिक जागरण को प्रशिक्षु उप संपादकों की आवश्‍यकता है। अम्‍यर्थी की न्‍यूनतम शैक्षिक योग्‍यता स्‍नातक और अधिकतम आयु सीमा 26 वर्ष होनी चाहिये। अभ्‍यर्थी की पात्रता जन्‍म तिथि 01-09-1985 अथवा उसके पश्चात होनी चाहिये। कंम्‍प्‍यूटर अनुप्रयोग का सामान्‍य ज्ञान और न्‍यूनतम 20 शब्द प्रति मिनट की हिंदी टाइपिंग स्‍पीड अनिवार्य योग्‍यता होगी। अंग्रेजी लिखने पढ़ने और अंग्रजी से हिंदी अनुवाद दक्षता आवश्‍यक है। जनसंचार, पत्रकारिता में डिप्लोमा, स्‍नातक या मास्‍टर डिग्रीधारकों और मल्‍टीमीडिया/ ऑनलाइन जर्नलिज्‍म में पैठ रखने वाले लोगों को प्राथमिकता दी जायेगी।''

इच्‍छुक अम्‍यर्थी अपना आवेदन-  हेड, एडीटोरियल एचआर विभाग, दैनिक जागरण डी-211, सेक्‍टर 63, नोयडा 201309 के पते पर प्रेषित करें। लिफाफे पर संपादकीय प्रशिक्षु पद के लिये आवेदन अवश्‍य लिखें साथ ही आवेदन पत्र के साथ अपनी रूचि के किसी भी विषय पर एक आलेख संलग्न करना अनिवार्य है, जिसकी शब्‍द सीमा 500 शब्‍द होगी। आवेदन की आखिरी तारीख 3 सितम्‍बर 2011 है। आप अपना आवेदन ऑन लाइन भी This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it   पर भी भेज सकते हैं। मेल से आवेदन 3 सितम्‍बर को शाम 6 बजे तक ही स्‍वीकार किये जायेंगे।

आई-नेक्‍स्‍ट ने भी न्‍यूज एडिटर/ मुख्‍य संवाददाता/ सीनियर रिपोर्टर/ रिपोर्टर के लिए आवेदन भेजने को कहा है। विज्ञापन में कहा गया है जो युवा इन पदों के लिए अपने को सक्षम पाते हैं वे अपना आवेदन This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it पर भेज सकते हैं.


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Comments (3)Add Comment
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written by aditya kumarsrivastava, August 25, 2011
kya baat hai
yashwant ji samajhan nahi aata ki itni knowledge ka jagran wale karenge kya awwal to yaha khabr kam advt jyada dikhta hai aur kam karne wale ko log parehsan karte hai. maine bhi jagran ki is politics ko kayde se bhugta hai, ab jo ichhuk hai jagran me kaam karne ka to unse yahi kahna hai ki bhai kahi labour ban jao qyoki jagran me sub editor ho ya repoter. hashiyat computer operator ya mazdur se jyada nahi hoti jaha apki boddhikta marjaegi
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written by markandey pandey , August 23, 2011
गौरव जी ने बिलकुल सही कहा है , मैं अभी एक महिना पूर्व जागरण से त्याग पत्र दे दिया वहां पर चापलूसी से तंग आकर मैंने यह कदम उठाया. यह जितना बढ़िया विज्ञापन देते है अन्दर उतनी ही गंदगी भरी पड़ी है वास्तव में इनको लेबर चाहिए टायपिस्ट चाहिए और हिंदी की मात्रा चेक करने वाला ही चाहिए..पत्रकारिता का ठेका तो कुछ मुठी भर माठादीश ही लेकर चलते है.
मैं पानीपत जागरण में था वह न्वुज आडिटर कुछ चमचों से घीरा रहता है और पूरी टीम में अपने इलाके के लोगों को चुन चुन कर भर्ती करता है, पत्रकारिता नाम की कोई चीज कम से कम जागरण में नहीं है बल्कि उनको सिर्फ लेबर ही चाहिए हालत यह हो गई है कि विश्व का सर्बाधिक पढ़ा जाने वाले अखबार को विज्ञापन देना पद रहा है ....सेलेरी के मामले में जागरण जैसी अब्य्वाहरिकता और कही नहीं है यदि आप न्यूज़ आडिटर भ्रस्त बच्चन के चमचागिरी करते है तो आपकी सेलरी अछि हो जाएगी दूसरी बात कि यहाँ आप ब्लॉग लिखते है कि फेसबुक पर है उससे इनको कोई मतलब नहीं यह तो चारा फेक रहे है वास्त्वा में आपकी साडी विद्वत्ता आपके अन्दर घुस जाएगी डेस्क पर जाकर आपसे पेजिनेतर का काम लिया जायेगा आप पेज बना लेते हो तो आप पत्रकार हो नहीं तो आप कितने ज्ञानी है उससे इनको कोई मतलब नहीं .
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written by gaurav, August 23, 2011
दोनों अखबारों को पत्रकार नहीं, ऐसे लेबर चाहिये हैं जो चंद रुपयों में गधे की तरह काम करें और कुत्ते की तरह अपने बास के तलवे चाटें। ये हरामखोर न तो पैसा देंगें और न ही इज्जत.........

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