बरेली में खराब है अमर उजाला का हाल, नीचे देखिए सबूत

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अमर उजाला, बरेली का बुरा हाल है. अपने को सबसे तेज रफ्तार बताने वाला अमर उजाला हिन्दुस्तान अखबार की पुरानी खबरें छापकर अपना काम चला रहा है, वह भी एक या दो दिन पुरानी नहीं बल्कि एक-एक महीने पुरानी खबरें हैं. पाठकों की आंखों में धूल झोंकने के लिए हिन्दुस्तान में छपी खबरों में हल्का सा फेरबदल करने की कोशिश की गई है, लेकिन रिपोर्टर सफल नहीं हो सके हैं.

इसके बाद भी अमर उजाला के रिपोर्टर और पत्रकार बाजार में अपनी काबिलियत की ताल ठोंकते घूमते हैं. चौंकाने वाली बात तो यह है कि इन पुरानी खबरों को रिपोर्टर तो लिखता ही है लेकिन संपादक, समीक्षा करने वाले, सिटी इंचार्ज, डेस्क प्रभारी के अलावा नोएडा में बैठे मालिक और उनकी बुजुर्गवार टीम को भी यह दिखाई नहीं दे रहा है. शर्मिंदगी की बात तो यह है कि पुरानी खबरें बाइलाइन छापी जा रही हैं. यही हाल रहा तो जनता अमर उजाला से जल्‍द ही किनारा कर लेगी. कुछ खबरों की स्‍कैन कॉपी भेजी जा रही है, जो हिंदुस्‍तान में पहले ही छप चुकी है.

एक पत्रकार द्वारा भेजा गया पत्र.


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